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Ambedkar Jayanti 2025: हाथ मत पसारो...बाबा साहब के वो शब्द, जिनसे बदल गई दलितों की जिंदगी

Tue, 15 Apr 2025 10:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संजीव सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संजीव सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 15 Apr 2025 10:32 AM IST
सार

Ambedkar Jayanti 2025: संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर दलित समाज के लिए हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ी। बात 19 अप्रैल, 1951 की है जब आंबेडकर भवन की नींव रखते समय बाबा साहेब ने खुले मंच से नेहरू सरकार पर हरिजनों की उपेक्षा का आरोप लगाया था। अमर उजाला के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था....
 

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Ambedkar Jayanti 2025: Baba Saheb thoughts which changed the lives of Dalits
Ambedkar Jayanti 2025 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर सिर्फ एक नेता नहीं, एक आंदोलन थे। उन्होंने दलित समाज के हक के लिए न केवल सामाजिक और कानूनी मोर्चों पर लड़ाई लड़ी, बल्कि सत्ता के सबसे ऊंचे गलियारों में भी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटे। बात जब दलितों के अधिकारों की आई तो वे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से भी भिड़ गए थे।
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1951 के अंक में छपी ये खबर
अमर उजाला के 19 अप्रैल, 1951 के अंक में छपी खबर के मुताबिक, आंबेडकर भवन की नींव रखते समय उन्होंने खुले मंच से नेहरू सरकार पर हरिजनों की उपेक्षा का आरोप लगाया था। बतौर कानून मंत्री उन्होंने साफ कहा था कि हरिजन जितने ब्रिटिश राज में सुखी थे, उतने इस सरकार में नहीं हैं। नौकरियों में भेदभाव आम है।

 

उच्च वर्ग से चंदा न लेने का किया था एलान
आंबेडकर का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने बताया कि दलित सांसद संसद में खुलकर बोल भी नहीं सकते, जबकि उस समय 30 दलित सांसद थे। उन्होंने सवाल उठाया, ये कैसी आज़ादी है जहां अछूत पेड़ नहीं काट सकते, कोई काम खुलकर नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि आंबेडकर भवन के निर्माण के लिए किसी उच्च वर्ग से चंदा नहीं लिया जाएगा। दलितों से उन्होंने दो टूक कहा था हाथ मत पसारो, खुद अपने पैरों पर खड़े हो।

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सामाजिक बदलाव की चिंगारी बन गई वो आवाज
डॉ. आंबेडकर की यह हुंकार सिर्फ एक भाषण नहीं थी, बल्कि सामाजिक बदलाव की चिंगारी थी। वे जानते थे कि सम्मान और अधिकार, मांगने से नहीं, संघर्ष से मिलते हैं। इसी संघर्ष की मिसाल उन्होंने खुद बनकर पेश की।
 
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