{"_id":"66fed6c52fa15f6eb207200a","slug":"amazing-condition-of-agra-university-college-course-and-subject-one-dozens-of-students-failed-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: आगरा विश्वविद्यालय का गजब का हाल...कॉलेज, कोर्स और विषय एक, फेल कर दिए दर्जनों छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: आगरा विश्वविद्यालय का गजब का हाल...कॉलेज, कोर्स और विषय एक, फेल कर दिए दर्जनों छात्र
Thu, 03 Oct 2024 11:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 03 Oct 2024 11:09 PM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय का हाल भी गजब का है। कब क्या कर दिया जाए, किसी को पता नहीं होता है। ऐसा ही नया मामला सामने आया है, जहां एक ही कॉलेज में एक ही विषय के दर्जनों छात्र फेल कर दिए। अब ये त्रुटि है या कुछ और मामला, लेकिन छात्र परिणाम सही कराने को लेकर भटक रहे हैं।
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में गलतियां समाप्त होने का नाम नहीं ले रहीं। आए दिन विद्यार्थी परिणामों में त्रुटि की शिकायत लेकर विवि पहुंच रहे हैं। सिर्फ उन्हीं को राहत मिल पा रही है जिनको अपनी अंकतालिका किसी अन्य संस्थान में प्रवेश के लिए जमा करनी है। शेष को आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में सत्र नियमन के नाम पर पिछले तीन सत्रों से ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) शीट पर परीक्षा कराई जा रही है। विवि प्रशासन का मानना है कि इससे परिणाम निकालने में ज्यादा समय नहीं लगता। कंप्यूटर पर कॉपी स्कैन होने के साथ ही अंक भी चढ़ जाते हैं। इसके बाद भी परीक्षा परिणामों में लगातार गलती से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। बीएससी, बीए एलएलबी, बीएड और अब एमए के डेढ़ दर्जन छात्रों ने विवि में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
आरबीएस कॉलेज एमए चतुर्थ सेमेस्टर अर्थशास्त्र के 44 छात्रों में से अधिकांश फेल दिखा दिए गए हैं। ये सभी द्वितीय सेमेस्टर में माइनर विषय ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में ए ग्रेड से पास हुए थे। चौथे सेमेस्टर में अंक नहीं जोड़े गए हैं और छात्रों की अंकतालिका पर आरडब्ल्यू, माइनर नॉट क्लीयर लिखा आ रहा है। छात्र अर्जुन ने कहा कि पहले सेमेस्टर के मार्क्स अगर विवि की एजेंसी ने नहीं चढ़ाए तो इसमें हमारी क्या गलती।
विज्ञापन
छात्रा बबिता कुमारी ने कहा कि इस रिजल्ट के साथ हम कहीं प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। राहुल गुप्ता ने कहा कि विवि में लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अपने शिक्षकों के माध्यम से भी अवगत करा चुके हैं लेकिन एक महीने बाद भी सुधार नहीं हो सका है।
छात्र अनुज और तान्या ने कहा कि पूरी क्लास में एक-दो ही छात्र ऐसे होंगे जिनका रिजल्ट ठीक आया है वरना अधिकांश की स्थिति हमारी जैसी है। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक ओम प्रकाश का कहना है कि शीघ्र ही छात्र-छात्राओं की समस्या का निस्तारण करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में सत्र नियमन के नाम पर पिछले तीन सत्रों से ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) शीट पर परीक्षा कराई जा रही है। विवि प्रशासन का मानना है कि इससे परिणाम निकालने में ज्यादा समय नहीं लगता। कंप्यूटर पर कॉपी स्कैन होने के साथ ही अंक भी चढ़ जाते हैं। इसके बाद भी परीक्षा परिणामों में लगातार गलती से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। बीएससी, बीए एलएलबी, बीएड और अब एमए के डेढ़ दर्जन छात्रों ने विवि में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
विज्ञापन
आरबीएस कॉलेज एमए चतुर्थ सेमेस्टर अर्थशास्त्र के 44 छात्रों में से अधिकांश फेल दिखा दिए गए हैं। ये सभी द्वितीय सेमेस्टर में माइनर विषय ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में ए ग्रेड से पास हुए थे। चौथे सेमेस्टर में अंक नहीं जोड़े गए हैं और छात्रों की अंकतालिका पर आरडब्ल्यू, माइनर नॉट क्लीयर लिखा आ रहा है। छात्र अर्जुन ने कहा कि पहले सेमेस्टर के मार्क्स अगर विवि की एजेंसी ने नहीं चढ़ाए तो इसमें हमारी क्या गलती।
विज्ञापन
छात्रा बबिता कुमारी ने कहा कि इस रिजल्ट के साथ हम कहीं प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। राहुल गुप्ता ने कहा कि विवि में लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अपने शिक्षकों के माध्यम से भी अवगत करा चुके हैं लेकिन एक महीने बाद भी सुधार नहीं हो सका है।
छात्र अनुज और तान्या ने कहा कि पूरी क्लास में एक-दो ही छात्र ऐसे होंगे जिनका रिजल्ट ठीक आया है वरना अधिकांश की स्थिति हमारी जैसी है। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक ओम प्रकाश का कहना है कि शीघ्र ही छात्र-छात्राओं की समस्या का निस्तारण करा दिया जाएगा।