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संवादः मरीजों को घरों में क्वारंटीन करें, देखभाल अच्छी होगी, तनाव भी नहीं होगा
Fri, 08 May 2020 06:15 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 08 May 2020 06:15 PM IST
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बेस के सदस्य गरिमा सारस्वत, फैशन डिजाइनर व निशा यादव, चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना मरीज और उनके संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटरों में नहीं रखा जाए। जिनमें लक्षण नहीं हैं या जिनके घर में अलग कमरे में रहने का इंतजाम है, उन्हें घर में ही रखा जाए। ये सुझाव हैं अमर उजाला बेस के सदस्यों के। फोन पर हुए संवाद में उन्होंने इसकी कई वजह बताईं।
स्कूल या धर्मशाला से बेहतर है घर
किसी स्कूल या धर्मशाला से बेहतर है कि लोगों को उनके घर में ही क्वारंटीन किया जाए। विदेश में ऐसा हो रहा है। इसमें ध्यान सिर्फ यह रखना होगा कि जो लोग क्वारंटीन हैं, वे बाहर न जाएं। घर के अंदर भी सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने का एहतियात रखें। -निशा यादव, चिकित्सक
परिवार के लोग करते हैं देखभाल
होम क्वारंटीन के कई फायदे हैं। एक तो देखभाल अच्छे से होती है, क्योंकि परिवार के लोग ही करते हैं। दूसरा डिप्रेशन नहीं आता है। जिनके पास साधन हैं, उन्हें घर में ही रखा जाए। जैसे क्वारंटीन सेंटर में डॉक्टर आते हैं, वैसे ही घर में आ सकते हैं। - प्रीति जादौन, फैशन डिजाइनर
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स्कूल या धर्मशाला से बेहतर है घर
किसी स्कूल या धर्मशाला से बेहतर है कि लोगों को उनके घर में ही क्वारंटीन किया जाए। विदेश में ऐसा हो रहा है। इसमें ध्यान सिर्फ यह रखना होगा कि जो लोग क्वारंटीन हैं, वे बाहर न जाएं। घर के अंदर भी सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने का एहतियात रखें। -निशा यादव, चिकित्सक
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परिवार के लोग करते हैं देखभाल
होम क्वारंटीन के कई फायदे हैं। एक तो देखभाल अच्छे से होती है, क्योंकि परिवार के लोग ही करते हैं। दूसरा डिप्रेशन नहीं आता है। जिनके पास साधन हैं, उन्हें घर में ही रखा जाए। जैसे क्वारंटीन सेंटर में डॉक्टर आते हैं, वैसे ही घर में आ सकते हैं। - प्रीति जादौन, फैशन डिजाइनर
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संक्रमण तो घर में भी रोका जा सकता
क्वारंटीन सिर्फ इसलिए किया जाता है ताकि मरीज या संभावित मरीज के संपर्क में लोग नहीं आएं। घर पर रहकर भी ऐसा किया जा सकता है। लेकिन हां, जिन लोगों के घर छोटे हैं, एक ही कमरे में कई लोग रहते हैं, उन्हें क्वारंटीन सेंटर में ही रखा जाए। -दीप कुमार, शोधार्थी, डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय
इंतजाम नहीं तो रखें क्वारंटीन सेंटर में
जितनी तेजी से मरीज और उनके संपर्क में आ रहे लोग बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए होम क्वारंटीन ही सबसे बेहतर विकल्प है। जिन लोगों के पास अच्छे इंतजाम नहीं हैं, उन्हें ही क्वारंटीन सेंटर में रखा जाए। इससे वहां भीड़ कम होगी तो उनकी देखभाल भी अच्छे से हो सकेगी। - गरिमा सारस्वत, फैशन डिजाइनर
क्वारंटीन सिर्फ इसलिए किया जाता है ताकि मरीज या संभावित मरीज के संपर्क में लोग नहीं आएं। घर पर रहकर भी ऐसा किया जा सकता है। लेकिन हां, जिन लोगों के घर छोटे हैं, एक ही कमरे में कई लोग रहते हैं, उन्हें क्वारंटीन सेंटर में ही रखा जाए। -दीप कुमार, शोधार्थी, डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय
इंतजाम नहीं तो रखें क्वारंटीन सेंटर में
जितनी तेजी से मरीज और उनके संपर्क में आ रहे लोग बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए होम क्वारंटीन ही सबसे बेहतर विकल्प है। जिन लोगों के पास अच्छे इंतजाम नहीं हैं, उन्हें ही क्वारंटीन सेंटर में रखा जाए। इससे वहां भीड़ कम होगी तो उनकी देखभाल भी अच्छे से हो सकेगी। - गरिमा सारस्वत, फैशन डिजाइनर