यूपी टूरिज्म: आगरा चंबल सर्किट में देखने को मिलेगी घड़ियालों और शेरों की रोमांचक दुनिया
वन विभाग ने यूपी टूरिज्म के साथ मिलकर आगरा चंबल सर्किट की शुरुआत की है। इससे ताजनगरी आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच रोमांचक दुनिया को भी देख सकेंगे।
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आगरा जिले में 400 हेक्टेयर में फैला रामसर साइट सूर सरोवर पक्षी विहार, कलरव करते फ्लेमिंगो, पेलिकन जैसे 40 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षी, चंबल नदी में घड़ियाल और लॉयन सफारी में शेर। वन विभाग ने ईको टूरिज्म में ये सब चंबल सर्किट के जरिए आपस में जोड़ दिया है।
लॉयन सफारी में शेरों की रोमांचक दुनिया को ताजमहल के शहर आने वाले पर्यटक देख सकें, इसके लिए वन विभाग ने पर्यटन उद्यमियों के सामने आगरा-चंबल सर्किट को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया और उनसे इस सर्किट में पर्यटकों को जोड़ने, रोमांचक दुनिया का अनुभव करने को कहा।
शुक्रवार को वन विभाग ने ईको टूरिज्म के प्रोत्साहन के लिए पर्यटन उद्यमियों से होटल क्लार्क्स शिराज में संवाद किया। लखनऊ से प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण मनोज कुमार सिंह सहित अधिकारी वर्चुअल जुड़े, वहीं स्थानीय स्तर पर अपर प्रधान वन संरक्षक ने पर्यटन उद्यमियों से इस सर्किट में पर्यटकों की सुविधा के लिए सुझाव मांगे।
ये है चंबल सर्किट में शामिल
पहला सर्किट
- ताज नेचर वॉक
- नेशनल चंबल सेंक्चुरी
- नदगवां का नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर
- इटावा लॉयन सफारी
दूसरा सर्किट
- ताज नेचर वॉक
- सूर सरोवर पक्षी विहार
- भालू संरक्षण केंद्र, कीठम
- हाथी संरक्षण केंद्र, चुरमुरा
सौ मीटर दायरे में है सभी
अपर प्रधान वन संरक्षक सुनील चौधरी ने बताया कि शेर, हाथी, भालू, हिरन, घड़ियाल, मगरमच्छ, विदेशी प्रवासी पक्षी, ये सब आगरा के 100 किमी दायरे में हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस सर्किट में उनकी जरूरत के मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेंगे, ताकि पक्षियों, जानवरों की रोमांचक दुनिया को पर्यटक देख सकें।
प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती भी
डीएफओ अखिलेश पांडेय ने कहा कि मुगलिया विरासत के साथ प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती देखने के लिए यह सर्किट शुरू किया गया है। ताज नेचर वॉक से ताज की खूबसूरती अनूठी है। इसी तरह कीठम झील, भालू संरक्षण केंद्र, लॉयन सफारी पर्यटन का बड़ा केंद्र बनें, इसका प्रयास है।
पर्यटक आगरा में तीन दिन रुकेंगे
यूपी टूरिज्म के उपनिदेशक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि ताज देखने वाले पर्यटकों में बड़ा वर्ग ऐसा है जो प्राकृतिक सुंदरता और ईको टूरिज्म देखना चाहते हैं। इसके लिए वह आगरा में तीन दिन तक रुककर स्मारकों के साथ चंबल, लॉयन सफारी, कीठम का भ्रमण कर सकते हैं।
टूरिज्म गिल्ड के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने कहा कि कीठम रामसर साइट बना है, जिसके बाद विदेशी पर्यटकों में आकर्षण बढ़ा है, पर यहां बैटरी बस, गोल्फ कार्ट, नेचर गाइड, साफ टॉयलेट, कैंटीन जैसी सुविधाएं होनी चाहिए, तभी पर्यटकों की आवाजाही बार-बार बढ़ेगी।
'साइट तक के लिए सड़कें बनें'
चंबल सफारी के आरपी सिंह ने कहा कि चंबल की दुनिया अनूठी है। बीहड़ों का रोमांच, घड़ियाल, मोटरबोट से चंबल की सैर, कछुए और मगरमच्छ। इन तक पहुंचने के लिए सड़कों, इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। ईको टूरिज्म के लिए एकल खिड़की व्यवस्था हो।
'कुछ जगह कार्यक्रमों के लिए दें'
गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपदान ने कहा कि ताज नेचर वॉक में फोटो शूट, सेल्फी प्वाइंट, कुछ जगह कार्यक्रमों के लिए देने, कॉफी एरिया आदि बनाए जाएं ताकि पर्यटक शांत, प्राकृतिक वातावरण में ताज निहार सकें।
वन्य प्रेमी प्रेमी कुणाल जैन ने कहा कि हम जब भी कीठम गए, कैंटीन में प्लास्टिक कचरा, गंदगी मिली। पक्षियों, जानवरों को प्राकृतिक परिवेश में रहने दें। इसी तरह चंबल क्षेत्र में डस्टबिन नहीं है। सफाई पर ध्यान दें।
'यमुना के पास वॉक वे बनाएं'
वन्य प्रेमी गोपाल ने कहा कि ताज नेचर वॉक में यमुना नदी के समानांतर एक वॉक वे तैयार किया जाए, जो ताजमहल तक जाए। इसके अलावा नेचर वॉक से यमुना तक जाने के लिए भी वॉक वे बने
'कीठम में गोल्फ कार्ट चलाएं'
क्लार्क शिराज के जीएम अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि इस सर्किट में कीठम, चंबल तक एप्रोच रोड ठीक की जाएं। कीठम में हाईवे से अंदर झील तक गोल्फ कार्ट या बैटरी वाहन चलें। महिलाओं के लिए टॉयलेट बनाए जाएं। संभव हो तो टेंट के जरिए पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था की जाए