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कोरोना कर्फ्यू में सुधरी ताजनगरी की आबोहवा: सांस लेने लायक रही हवा, मई के पहले पखवाड़े में आई गुणवत्ता

Tue, 18 May 2021 08:24 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 18 May 2021 08:24 AM IST
सार

साल 2019 के मुकाबले इस बार मई के महीने में हवा की गुणवत्ता में दो से तीन गुने का सुधार हुआ है। कोरोना कर्फ्यू के कारण वाहनों की कमी और सड़कों पर जाम न लगने के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार नजर आया है।

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Air Pollution Reduce After Corona Curfew And Lockdown
लॉकडाउन में आगरा शहर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते साल लॉकडाउन और इस साल कोरोना कर्फ्यू ने धूल भरी आंधी वाले महीने मई में हवा की गुणवत्ता सुधार दी है। धूल भरी हवा के बाद भी मई में एक से 17 तारीख के बीच हवा की गुणवत्ता बेहतर रही है। साल 2019 के मुकाबले इस बार मई के महीने में हवा की गुणवत्ता में दो से तीन गुने का सुधार हुआ है। कोरोना कर्फ्यू के कारण वाहनों की कमी और सड़कों पर जाम न लगने के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार नजर आया है।
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मई में खराब रहती थी हवा की गुणवत्ता
इस साल कोरोना कर्फ्यू और बीते साल लॉकडाउन से पहले हर साल मई के महीने में हवा की गुणवत्ता खराब रहती थी। साल 2019 में मई माह में एक दिन भी हवा सांस लेने लायक नहीं रही।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संजय प्लेस स्थित मॉनीटरिंग सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक मई 2019 में एक्यूआई 249 तक रहा था, जो खराब स्तर पर था। अन्य दिनों में हवा 136 से 247 के बीच रही, जबकि इस साल एक्यूआई 58 से 106 के बीच बना रहा है। यही हाल बीते साल मई में रहा, जब 49 से लेकर 98 तक एयर क्वालिटी इंडेक्स बना रहा।
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पीएम 2.5 का ज्यादा उत्सर्जन वाहनों से 
लॉकडाउन या कोरोना कर्फ्यू के कारण वाहन बेहद कम निकल रहे हैं। आईआईटी की रिपोर्ट स्पष्ट कर चुकी है कि आगरा में पीएम 2.5 कणों का सबसे ज्यादा उत्सर्जन वाहनों और सड़क किनारे की धूल से होता है। यह दोनों 70 फीसदी तक प्रदूषण बढ़ाते हैं। यह रुकते ही आगरा की हवा बेहतर होती है। - उमेश शर्मा, टीटीजेड अथॉरिटी सदस्य

मैकेनिकल स्वीपिंग से और कम होगा प्रदूषण
वाहनों के चलने पर बेहद सूक्ष्म कण ईंधन के जलने से और टायरों के घिसने से उड़ते हैं जो वाहनों के इन दिनों कम चलने से कम हैं। इसीलिए मई में हवा बेहतर हुई है। सड़क किनारे की धूल और मैकेनिकल स्वीपिंग होने लगे तो प्रदूषण में और कमी आएगी। - चंद्रशेखर शर्मा, पर्यावरणविद

तीन साल में मई में ऐसी रही थी हवा
दिन                                                     2021      2020      2019
8 मई                                                    66           60        146
9 मई                                                     68          58        189
10 मई                                                  77           98        199
11 मई                                                  51           62       196
12 मई                                                  59          60        197
13 मई                                                  58           83       149
14 मई                                                  58          77        136
15 मई                                                106           81       247
16 मई                                                  61           82       176
17 मई                                                   65          83       159

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