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17 हजार किसानों को मिल सकेगा फसल में नुकसान का मुआवजा
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मैनपुरी। फसल बीमा कराने वाले किसानों को उनकी फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। शासन के आदेश के बाद किसानों को बीमा कंपनी को नुकसान की सूचना तीन दिन के भीतर देनी होगी। इसके बाद नुकसान का आंकलन कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
जिले में 17704 किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत रबी की फसलों का बीमा कराया था। अब बेमौसम बारिश ने फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक आंशिक रूप से प्रभावित फसलों में मुआवजा नहीं मिल रहा था लेकिन अब शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत किसानों को फसल में हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को देनी होगी। इसके बाद क्षतिपूर्ति का आंकलन कर बीमा कंपनी को मुआवजा देना होगा। कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी शासन से इस संबंध में पत्र भेजा गया है। हालांकि जिले में कम किसानों ने ही फसलों का बीमा कराया है, इससे एक निश्चित लोग ही मुआवजा दिलाने के लिए दावा कर पाएंगे।
समिति करेगी नुकसान का आंकलन
बीमा कंपनी द्वारा कई बार कम मुआवजा देने के लिए नुकसान कम बताया जाता है। इसके लिए शासन ने बीमा कंपनी, कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीम को संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। समिति ही निरीक्षण कर नुकसान का आंकलन तय करेगी। उसी के अनुसार कंपनी को भी किसान को मुआवजा देना होगा।
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50 प्रतिशत नुकसान पर 25 प्रतिशत मिलेगा मुआवजा
नियमानुसार प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी अनहोनी से फसल में नुकसान होता है तो बीमा कंपनी के कुछ मानक हैं। बीच फसल में नुकसान होने पर कंपनी 50 प्रतिशत नुकसान पर 25 प्रतिशत की भरपाई करती है। क्योंकि फसल बीच में प्रभावित होने से कंपनी आधा ही नुकसान मानती है।
हाईलाइट्स
-3.64 लाख हेक्टेयर है कुल कृषि योग्य भूमि
-3.25 लाख के करीब हैं जिले में किसान
-1.80 लाख हेक्टयेर है गेहूं का क्षेत्रफल
-05 हजार हेक्टेयर है सरसों का क्षेत्रफल
-17 हजार किसानों ने लिया है फसल बीमा
शासन ने फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए पहल की है। किसान नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दे सकते हैं। नुकसान के आंकलन के बाद उन्हें मुआवजा मिल सकेगा।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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जिले में 17704 किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत रबी की फसलों का बीमा कराया था। अब बेमौसम बारिश ने फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक आंशिक रूप से प्रभावित फसलों में मुआवजा नहीं मिल रहा था लेकिन अब शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत किसानों को फसल में हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को देनी होगी। इसके बाद क्षतिपूर्ति का आंकलन कर बीमा कंपनी को मुआवजा देना होगा। कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी शासन से इस संबंध में पत्र भेजा गया है। हालांकि जिले में कम किसानों ने ही फसलों का बीमा कराया है, इससे एक निश्चित लोग ही मुआवजा दिलाने के लिए दावा कर पाएंगे।
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समिति करेगी नुकसान का आंकलन
बीमा कंपनी द्वारा कई बार कम मुआवजा देने के लिए नुकसान कम बताया जाता है। इसके लिए शासन ने बीमा कंपनी, कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीम को संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। समिति ही निरीक्षण कर नुकसान का आंकलन तय करेगी। उसी के अनुसार कंपनी को भी किसान को मुआवजा देना होगा।
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50 प्रतिशत नुकसान पर 25 प्रतिशत मिलेगा मुआवजा
नियमानुसार प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी अनहोनी से फसल में नुकसान होता है तो बीमा कंपनी के कुछ मानक हैं। बीच फसल में नुकसान होने पर कंपनी 50 प्रतिशत नुकसान पर 25 प्रतिशत की भरपाई करती है। क्योंकि फसल बीच में प्रभावित होने से कंपनी आधा ही नुकसान मानती है।
हाईलाइट्स
-3.64 लाख हेक्टेयर है कुल कृषि योग्य भूमि
-3.25 लाख के करीब हैं जिले में किसान
-1.80 लाख हेक्टयेर है गेहूं का क्षेत्रफल
-05 हजार हेक्टेयर है सरसों का क्षेत्रफल
-17 हजार किसानों ने लिया है फसल बीमा
शासन ने फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए पहल की है। किसान नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दे सकते हैं। नुकसान के आंकलन के बाद उन्हें मुआवजा मिल सकेगा।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।