महंगाई पर छलका आगरावासियों का दर्द: आमदनी स्थिर, 4000 रुपये महीने का खर्च बढ़ गया
पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन का खर्चा बढ़ा तो अन्य वस्तुएं भी महंगी हो गईं। रसोई के बजट पर सबसे अधिक असर सैनिटाइजर-मास्क के अतिरिक्त खर्च से पड़ा है। महिलाओं का कहना है कि गैस सिलिंडर पर ही 140 रुपये बढ़ गए हैं।
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छह माह के भीतर महंगाई के कारण सामान्य घरों में खानपान का खर्च ही चार हजार रुपये तक बढ़ गया है। पेट्रोल, डीजल ही नहीं रसोई गैस और किराया भी महंगा हो गया है, जबकि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद व्यापार मंदा हुआ है।
आगरा में वस्तुओं के दाम बढ़ने से छह माह के भीतर घरों का औसत खर्च पांच हजार रुपये से अधिक तक बढ़ गया है। इसमें परिवहन पर खर्च अधिक बढ़ा है। दूसरी लहर के बाद मास्क और सैनिटाइजर का खर्च अब महीने के बजट में नियमित हो गया है।
हर चीज के दाम बढ़ गए हैं
कमला नगर के पिंका शर्मा ने कहा कि कोरोना काल के बाद से सभी चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। फल, सब्जियों के दाम आसमान छूने लगते हैं तो कभी अन्य वस्तुओं का मूल्य बढ़ने से बजट गड़बड़ा जाता है। स्कूल बंद हैं, ऑनलाइन पढ़ाई से मोबाइल के डाटा का खर्च बढ़ चुका है। बजट में चार-पांच हजार रुपये का फर्क आया है।
850 रुपये का हो गया सिलिंडर
बल्केश्वर के प्रीति गुप्ता ने कहा कि रसोई गैस के दाम अब साढ़े आठ सौ रुपये प्रति सिलिंडर हो गए हैं। सब्सिडी पांच से छह रुपये रह गई। ऐसे में रसोई पर बोझ बढ़ गया है। खाद्य तेलों से लेकर दाल मसाले तक के दाम बढ़ने का असर पड़ा है। घर का खर्च पांच हजार रुपये तक बढ़ चुका है, लेकिन आमदनी बढ़ने की जगह कम हुई है।
मास्क, सैनिटाइजर पर खर्च अलग
फतेहाबाद रोड निवासी रंगोली उपाध्याय ने कहा कि छह महीने में बाहर जाने-आने का खर्च कम हुआ तो घर के भीतर खानपान पर खर्च बढ़ गया है। सब्जी, तेल, घी से लेकर हरेक उत्पाद पर दाम बढ़े हैं। ऐसे में घरों का बजट भी चार से पांच हजार रुपये तक बढ़ चुका है। कोविड काल में मास्क, सैनिटाइजर का खर्च भी अतिरिक्त है। आम आदमी परेशान है।
ऑफिस का जाना भी महंगा हुआ
मुगल रोड के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पेट्रोल के दामों में ही 25 रुपये तक का इजाफा हुआ है। ऐसे में घर से ऑफिस जाने और आने के खर्च में बढ़ोतरी हो गई। बाजार में खानपान का सामान महंगा होने का असर भी पड़ा है। क्या-क्या बताएं, सभी चीजों पर तो दाम बढ़ गए हैं। जाहिर है कि इसका सीधा असर घर के बजट में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है।
परिवहन लागत बढ़ने से बढ़े हैं वस्तुओं के दाम
ट्रांसपोर्ट कारोबारी के दीपक शर्मा ने कहा कि छह माह के भीतर रसोई गैस सिलिंडर के दाम 123 रुपये, डीजल के दाम 74 रुपये से 88, पेट्रोल के 83 रुपये से 95 रुपये तक बढ़े हैं। टैक्सी, ऑटो रिक्शा का किराया भी दोगुना हो गया है। खाद्यान्न में तेल, दालों के दामों में वृद्धि हुई है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी परिवहन लागत बढ़ने से बढ़े हैं।
पेट्रोलियम के दाम बढ़ने से भी बढ़ी महंगाई
आरबीएस कॉलेज के सेवानिवृत्त अर्थशास्त्री डॉ. रविकांत ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम के बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ा, ऐसे में वस्तुओं के परिवहन पर असर पड़ा। यही कारण है कि महंगाई भी बढ़ी, लेकिन गैस, पेट्रोलियम पदार्थ आदि पर टैक्स बहुत ज्यादा है। विभिन्न तरह के टैक्स और जीएसटी की अलग अलग दरों के कारण भी महंगाई बढ़ती है।