आगरा में मौसम की बेरुखी: ताजनगरी में बादलों की लुकाछिपी, उमस और गर्मी भी फिर बढ़ी
आगरा में शुक्रवार को 92 फीसदी तक आर्द्रता रही। सुबह बारिश के आसार बने लेकिन दोपहर में तेज धूप से पारा चढ़ गया।
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आगरा में शुक्रवार को मौसम कई बार बदला। सुबह से दोपहर तक काले घने बादल ऐसे घिर आए मानो झमाझम बारिश की आस पूरी हो जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बारिश की जगह लोग थोड़ी देर बाद तेज धूप से बढ़ी उमस में पसीने से भींगे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम है। सुबह 11 बजे के बाद तेज धूप खिल गई, जिससे पारा फिर चढ़ गया है।
इससे पहले शुक्रवार शाम तक तेज धूप और उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे। शुक्रवार को अधिकतम आर्द्रता 92 फीसदी तक रही। मौसम विभाग के मुताबिक दो दिन बारिश के आसार कम रहेंगे। इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री नीचे 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस पर रहा। बीते 24 घंटे में ताजनगरी में 6.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में उमस में और बढ़ोतरी के आसार है। दोपहर बाद बादलों की लुकाछिपी शुरू हो सकती है। शनिवार और रविवार को बारिश के आसार कम हैं। इन दोनों दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
यमुना का जलस्तर बढ़ा
शुक्रवार शाम को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। सिकंदरा से लेकर ताजमहल तक यमुना में दोनों छोर पर पानी पहुंच गया है। हालांकि इसमें गंदगी और जलकुंभी बड़ी मात्रा में नजर आई। इसके साथ ही सिकंदरा के कैलाश घाट और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स पर मछलियां मरी हुई पाईं गईं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश ने इस मामले में दोनों जगह कैलाश घाट और जीवनी मंडी का निरीक्षण किया और सैंपल एकत्र कराए। क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश के मुताबिक गोकुल बैराज से ही मछलियां मृत बहती हुई आई हैं। महीनों से बैराज में पानी एकत्र था, जिसमें मथुरा के नाले और औद्योगिक अपशिष्ट गिर रहा है।
हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गोकुल बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। उसी में मछलियां मरी पाई गई हैं, जो बहती हुई आगरा तक आई हैं। इसमें जलकुंभी की मात्रा ज्यादा है। पानी की स्थिति अगर आगरा में खराब होती तो पूरे क्षेत्र की मछलियां मृत पाई जातीं।