Weather Update: रात के पारे ने बढ़ाई बेचैनी, दिन में झुलसा रही लू, बादल छाए रहेंगे, लेकिन नहीं होगी बारिश
कृषि केंद्र बिचपुरी के मौसम विज्ञानी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि आगामी 18 जून तक गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी।
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आगरा में जेठ के महीने में प्रचंड गर्मी से जनजीवन बेहाल है। दिन में धूप झुलसा रही है तो रात का पारा बेचैनी बढ़ा रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 30.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम पारा भी चार डिग्री अधिक 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। आगरा रविवार को सूबे में तीसरा सबसे गर्म शहर दर्ज हुआ।
रविवार को सुबह आठ बजे से ही सूरज ने आंखें तरेरना शुरू कर दिया। पूर्वाह्न 11 बजे से लू चलने लगी। शाम छ: बजे तक तक गर्म हवा के थपेड़े बदन को झुलसा रहे थे। रात में बढ़े पारे की तपिश से बेचैनी बनी रही और कूलर में भी ढंग से नींद नहीं आई। सूबे में आगरा तीसरा गर्म शहर रहा। सबसे अधिक गर्म कानपुर रहा। जहां अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
कृषि केंद्र बिचपुरी के मौसम विज्ञानी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि आगामी 18 जून तक गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी। 18.9 किमी से 22.4 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिम से उत्तर की ओर गर्म हवा चलेगी। न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने के कारण रात में तपिश महसूस हो रही है।
सूबे में सबसे गर्म शहर
- कानपुर 46.1 डिग्री
- बांदा 45.6 डिग्री
- आगरा 45.3 डिग्री
- प्रयागराज 44.8 डिग्री
- झांसी 43.8 डिग्री
1994 में 48.5 डिग्री रहा था पारा
जून के महीने में सबसे गर्म दिन 1 जून 1994 को रिकॉर्ड हुआ था। तब अधिकतम तापमान 48.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सबसे कम न्यूनतम तापमान 24 जून 1999 को 12 डिग्री सेल्यियस रहा था। 25 जून 1996 को एक दिन में सबसे ज्यादा 270.04 एमएम बारिश हुई थी।