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भाजपा सांसद-विधायक वादा भूले तो मीठे पानी के लिए रोड पर उतरे ग्रामीण, किया हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 06 Jun 2018 09:32 AM IST
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ग्रामीणों का किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में शहर से देहात तक भीषण हो चुके पेयजल संकट से कानून व्यवस्था को भी खतरा पैदा हो गया है। प्यास से बेहाल लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। मंगलवार को एत्मादपुर के पीपरिया गांव के ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया।
हाथों में बर्तन लेकर उतरे लोगों ने एत्मादपुर-खंदौली मार्ग पर पेड़ डालकर जाम लगा दिया। टायर जलाए और नारेबाजी की। तीन घंटे बाद जाम खोला। अल्टीमेटम दिया है कि सात दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर से सड़क पर आ जाएंगे।
पीपरिया और आसपास के गांवों का पानी इतना खारा है कि इसे पीना बहुत मुश्किल है। अगर मन कड़ा करके पी भी लिया जाए तो बीमारियों का खतरा है। इंसान क्या पशु तक इस पानी को नहीं पीते हैं।
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हाथों में बर्तन लेकर उतरे लोगों ने एत्मादपुर-खंदौली मार्ग पर पेड़ डालकर जाम लगा दिया। टायर जलाए और नारेबाजी की। तीन घंटे बाद जाम खोला। अल्टीमेटम दिया है कि सात दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर से सड़क पर आ जाएंगे।
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पीपरिया और आसपास के गांवों का पानी इतना खारा है कि इसे पीना बहुत मुश्किल है। अगर मन कड़ा करके पी भी लिया जाए तो बीमारियों का खतरा है। इंसान क्या पशु तक इस पानी को नहीं पीते हैं।
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टायर जलाया
- फोटो : अमर उजाला
लोग पीने का पानी दो से तीन किमी दूर से लाते हैं। पशुओं के लिए पानी टैंकरों से खरीद रहे हैं। कई बार शिकायत की। सुनवाई नहीं हुई तो मंगलवार को लोग सड़क पर उतर आए। सूचना मिलने के बाद मौके पर विधायक पहुंच गए।
विधायक राम प्रताप सिंह चौहान ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर नहरों में पानी छोड़ने के लिए कहा। उन्होंने ग्रामीणों को फोन पर ही भरोसा दिलाया कि 8 जून तक गांव में बंबे में पानी आ जाएगा। इसके बाद गांव वाले हाईवे से हटे।
जाम लगाए जाने की सूचना के दो घंटे बाद एत्मादपुर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण और उग्र हो गए। नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद तहसीलदार प्रेमपाल सिंह गांव पहुंचे थे।
लोगों का कहना है कि पशुओं के पीने के लिए टैंकरों से 50 रुपये ड्रम और अपने लिए पानी 10 रुपये बोतल (20 लीटर) खरीदना पड़ रहा है। गांव में प्रतिदिन तीन से चार टैंकर पानी की बिक्री हो रही है।
विधायक राम प्रताप सिंह चौहान ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर नहरों में पानी छोड़ने के लिए कहा। उन्होंने ग्रामीणों को फोन पर ही भरोसा दिलाया कि 8 जून तक गांव में बंबे में पानी आ जाएगा। इसके बाद गांव वाले हाईवे से हटे।
जाम लगाए जाने की सूचना के दो घंटे बाद एत्मादपुर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण और उग्र हो गए। नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद तहसीलदार प्रेमपाल सिंह गांव पहुंचे थे।
लोगों का कहना है कि पशुओं के पीने के लिए टैंकरों से 50 रुपये ड्रम और अपने लिए पानी 10 रुपये बोतल (20 लीटर) खरीदना पड़ रहा है। गांव में प्रतिदिन तीन से चार टैंकर पानी की बिक्री हो रही है।