{"_id":"68e9d8586e04c5eb0b0055b7","slug":"agra-university-students-relieved-by-33-percent-increase-in-seats-college-principals-upset-over-this-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा विश्वविद्यालय: 33 फीसद सीट बढ़ने से छात्रों को राहत, महाविद्यालयों के प्राचार्य इसलिए नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा विश्वविद्यालय: 33 फीसद सीट बढ़ने से छात्रों को राहत, महाविद्यालयों के प्राचार्य इसलिए नाराज
Sat, 11 Oct 2025 09:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 11 Oct 2025 09:38 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शुल्क नियम की शर्त के साथ 33 फीसदी सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। वहीं शुल्क बढ़ाने के निर्णय से महाविद्यालयों के प्राचार्यों में नाराजगी फैली है।
विज्ञापन
आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने इस सत्र स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिली है, जिन्हें कॉलेजों में सीटें भर जाने से प्रवेश नहीं मिल पा रहा था। वहीं, दूसरी ओर सीट वृद्धि में शुल्क नियम की शर्त से महाविद्यालयों के प्राचार्यों में नाराजगी है।
बुधवार को विवि ने 33 प्रतिशत सीट वृद्धि के निर्देश जारी कर दिए। कई महाविद्यालयों की लंबे समय से यह मांग भी थी। मगर यह वृद्धि एक शर्त के साथ लागू की गई है। इसके अनुसार जिस भी महाविद्यालय में पाठ्यक्रम में सीट वृद्धि होगी उस पाठ्यक्रम का 10,000 शुल्क विवि के बैंक में जमा कराना होगा। साथ ही उन बच्चों का ही एडमिशन होगा जिनका समर्थ पर रजिस्ट्रेशन हो चुका है। शुल्क नियम के बारे में प्राचार्यों का कहना है कि यह नियम सही नहीं है। पूर्व में शासन की ओर से 33 प्रतिशत सीट निशुल्क बढ़ी थी।
वहीं, कुलपति प्रो. आशु रानी का कहना है कि इस नियम को लागू करने का उद्देश्य एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी रखना है। पूर्व में कई बार सीटें बढ़ाई गईं और अनियमितता पाई गईं। अब जिस भी महाविद्यालय को सीट बढ़वानी है वे शुल्क जमा कर आवेदन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को विवि ने 33 प्रतिशत सीट वृद्धि के निर्देश जारी कर दिए। कई महाविद्यालयों की लंबे समय से यह मांग भी थी। मगर यह वृद्धि एक शर्त के साथ लागू की गई है। इसके अनुसार जिस भी महाविद्यालय में पाठ्यक्रम में सीट वृद्धि होगी उस पाठ्यक्रम का 10,000 शुल्क विवि के बैंक में जमा कराना होगा। साथ ही उन बच्चों का ही एडमिशन होगा जिनका समर्थ पर रजिस्ट्रेशन हो चुका है। शुल्क नियम के बारे में प्राचार्यों का कहना है कि यह नियम सही नहीं है। पूर्व में शासन की ओर से 33 प्रतिशत सीट निशुल्क बढ़ी थी।
विज्ञापन
वहीं, कुलपति प्रो. आशु रानी का कहना है कि इस नियम को लागू करने का उद्देश्य एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी रखना है। पूर्व में कई बार सीटें बढ़ाई गईं और अनियमितता पाई गईं। अब जिस भी महाविद्यालय को सीट बढ़वानी है वे शुल्क जमा कर आवेदन करेंगे।
विज्ञापन