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Agra University: इस लापरवाही की वजह से रुक गया 150 कॉलेजों का परिणाम, नहीं मिलीं अंक तालिकाएं और डिग्रियां
Sat, 31 Dec 2022 01:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 31 Dec 2022 01:18 PM IST
सार
एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस एजूकेशन इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन कॉलेजों के नाम सार्वजनिक करे, जिससे सभी निजी कॉलेजों के नाम बदनाम न हों।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 150 निजी कॉलेजों पर परीक्षा शुल्क बकाया है। इनके शुल्क जमा नहीं करने के कारण परिणाम रुका हुआ है। इससे छात्रों को परेशानी हो रही है, वे अंकतालिका और डिग्री के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि 2021-22 सत्र में 395 कॉलेजों में से 145 कॉलेजों का 20 दिसंबर तक परिणाम जारी कर दिया था। इसमें से 250 कॉलेजों पर बकाया परीक्षा शुल्क, प्रायोगिक अंक दर्ज न करने के कारण प्रथम सेमेस्टर का परिणाम रोक दिया था। इनको नोटिस देकर 30 दिसंबर तक शुल्क जमा करने और प्रायोगिक अंक दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इनमें से करीब 100 कॉलेजों ने शुल्क जमा करने के साथ प्रायोगिक अंक भी ऑनलाइन दर्ज कर सत्यापित कर दिए हैं।
अभी 150 कॉलेजों ने शुल्क और अंक दर्ज नहीं किए हैं। इससे इनका परिणाम रुका हुआ है। इनको रिमाइंडर भी दिया है। अगर फिर भी ये शुल्क जमा नहीं करते हैं तो इन पर और कार्रवाई करने के लिए कुलपति को रिपोर्ट भेजेंगे। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस एजूकेशन इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन कॉलेजों के नाम सार्वजनिक करे, जिससे सभी निजी कॉलेजों के नाम बदनाम न हों।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि 2021-22 सत्र में 395 कॉलेजों में से 145 कॉलेजों का 20 दिसंबर तक परिणाम जारी कर दिया था। इसमें से 250 कॉलेजों पर बकाया परीक्षा शुल्क, प्रायोगिक अंक दर्ज न करने के कारण प्रथम सेमेस्टर का परिणाम रोक दिया था। इनको नोटिस देकर 30 दिसंबर तक शुल्क जमा करने और प्रायोगिक अंक दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इनमें से करीब 100 कॉलेजों ने शुल्क जमा करने के साथ प्रायोगिक अंक भी ऑनलाइन दर्ज कर सत्यापित कर दिए हैं।
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अभी 150 कॉलेजों ने शुल्क और अंक दर्ज नहीं किए हैं। इससे इनका परिणाम रुका हुआ है। इनको रिमाइंडर भी दिया है। अगर फिर भी ये शुल्क जमा नहीं करते हैं तो इन पर और कार्रवाई करने के लिए कुलपति को रिपोर्ट भेजेंगे। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस एजूकेशन इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन कॉलेजों के नाम सार्वजनिक करे, जिससे सभी निजी कॉलेजों के नाम बदनाम न हों।
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