श्री पारस अस्पताल: एडीए ने शुरू की अवैध निर्माण की जांच, 15 जून तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
दमघोंट मॉकड्रिल मामले में फंसे श्री पारस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ जा रही हैं। आगरा विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण मामले में जांच शुरू कर दी है।
विस्तार
आगरा के श्री पारस हॉस्पिटल मामले में आगरा विकास प्राधिकरण ने भी जांच शुरू कर दी है। श्री पारस हॉस्पिटल पर अवैध निर्माण और नक्शा पास कराए बिना अस्पताल के संचालन का आरोप है। मामले में शिकायत के बाद एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मंगलवार तक जांच रिपोर्ट पूरी कर सौंपने के आदेश मुख्य नगर नियोजक को दिए हैं।
बाईपास रोड स्थित श्रीपारस हॉस्पिटल की ओर से 6 साल पहले अस्पताल का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन इस नाम से कोई मानचित्र आगरा विकास प्राधिकरण ने स्वीकृत ही नहीं किया। यह इमारत साल 2002 में बनाई गई थी।
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: ऑक्सीजन की कमी से मौत की 10 और शिकायतें, मुकदमे में बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं
अस्पताल प्रबंधन ने कहा था कि पूर्व में बनी इमारत में उन्होंने अस्पताल संचालित किया है, लेकिन नियम के मुताबिक अस्पताल का संचालन करने पर उन्हें अस्पताल के मानकों के मुताबिक जो बदलाव इमारत में किए गए, उनकी जानकारी और अनुमति एडीए से लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई अनुमति भी एडीए के रिकॉर्ड में नहीं है।
ऐसे में इस क्षेत्र के सभी मानचित्रों की स्वीकृति और संशोधन का रिकॉर्ड तलाश किया जा रहा है। मामले में एडीए अधिकारियों ने शुक्रवार को भी रिकॉर्ड की तलाश की, लेकिन श्रीपारस हॉस्पिटल नाम का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसीलिए एडीए उपाध्यक्ष ने मुख्य नगर नियोजक को जांच के आदेश दिए हैं।
मंगलवार तक सौंपेंगे रिपोर्ट
एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि मुख्य नगर नियोजक को श्रीपारस मामले में पत्रावलियों की जांच, नक्शा पास होने, पुरानी इमारत से संबंधित कागजातों की जांच के लिए कहा गया है। वह मंगलवार तक अपनी रिपोर्ट मुझे देंगे, उस रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।