फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra Shocked by Rising Urban Malnutrition, City Records Double the Cases Compared to Villages

UP: गांव के बच्चे हष्ट पुष्ट, शहर के मासूम कुपोषित, चौंका देंगे जिला पोषण समिति की रिपोर्ट के ये आंकड़े

Thu, 07 May 2026 10:37 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 07 May 2026 10:37 AM IST
सार

आगरा में गांवों के मुकाबले शहर में दोगुने गंभीर कुपोषित बच्चे मिलने पर डीएम मनीष बंसल ने अधिकारियों को फटकार लगाई। पुष्टाहार की कालाबाजारी और लापरवाही पर सख्त चेतावनी देते हुए डिजिटल निगरानी और फील्ड जांच के निर्देश दिए गए हैं।
 

विज्ञापन
Agra Shocked by Rising Urban Malnutrition, City Records Double the Cases Compared to Villages
बचपन - फोटो : AI

विस्तार

कुपोषण का दंश नहीं मिट रहा। गांवों से ज्यादा शहर में रहने वाले बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। जिला पोषण समिति की रिपोर्ट में बुधवार को यह हकीकत सामने आई। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रत्येक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को 10-10 गंभीर कुपोषित बच्चों की रिपोर्ट मांगी है। शहरी क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों का ग्राफ अधिक मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की है।
विज्ञापन
Trending Videos

जिला पोषण समिति के आंकड़ों की समीक्षा में पता चला कि शहर में सर्वाधिक 338 गंभीर कुपोषित बच्चे मिले हैं, जोकि एत्मादपुर 181 और बिचपुरी 162 जैसे ग्रामीण ब्लॉकों की तुलना में लगभग दोगुने हैं। खंदौली में 111 और सैंया में 108 बच्चे गंभीर कुपोषित श्रेणी में पाए गए। जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर डीपीओ मनोज मौर्य से नाराजगी जताते हुए सभी सीडीपीओ को डेटा जांचने और तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुष्टाहार की कालाबाजारी पर नपेंगे सीडीपीओ और डीपीओ
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पुष्टाहार की कालाबाजारी अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पहले जो होता आया, अब वह नहीं होगा। यदि बाजार में सरकारी पुष्टाहार बिका, तो संबंधित सीडीपीओ और डीपीओ की जवाबदेही होगी। उनके विरुद्ध पहले कार्रवाई होगी। डीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अब केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है। उन्हें तकनीक से जोड़कर डिजिटल रूप से सक्षम बनाया जाएगा।
विज्ञापन

खाली न रहें बेड, फील्ड में उतरें अफसर
जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्रों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि केंद्र का एक भी बेड खाली नहीं रहना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक सीडीपीओ को खुद फील्ड विजिट कर कम से कम 10-10 गंभीर कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने और उनकी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

ऐसे होगी डिजिटल निगरानी
- पोषण ट्रैकर एप से शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग और बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश।
- रिपोर्ट कार्ड में बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और भाषाई विकास के असेसमेंट के लिए अब रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा।
- प्रत्येक आंगनबाड़ी को 15 दिनों के भीतर मास्टर ट्रेनर्स के जरिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed