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UP: उटंगन फिर दिखेगी वैसी, जिसे देखने के लिए तरस गए थे लोग; एक जिला-एक नदी योजना के तहत होगा पुनरुद्धार
Fri, 08 May 2026 11:01 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 08 May 2026 11:01 AM IST
सार
आगरा में एक जिला-एक नदी योजना के तहत अस्तित्व खो चुकी उटंगन नदी का पुनरुद्धार किया जाएगा। प्रशासन अतिक्रमण हटाने, प्राकृतिक बहाव बहाल करने और पर्यावरण सुधार के लिए बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है।
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उटंगन नदी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अस्तित्व खो चुकी उटंगन नदी के दिन बहुरने वाले हैं। एक जिला-एक नदी योजना के तहत उटंगन नदी का पुनरुद्धार किया जाएगा, जिससे इसमें प्राकृतिक बहाव नजर आएगा। नदी क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित कर उसे तहसील प्रशासन हटवाएगा।
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इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। एडीएम नमामि गंगे को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बृहस्पतिवार को डीएम मनीष बंसल की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला वेटलैंड समिति की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट में हुई। इसमें वायु गुणवत्ता पर बताया गया कि अप्रैल के 30 दिनों में एक्यूआई 200 से कम रहा जिसमें 30 दिन में सात दिन हवा की श्रेणी अच्छी, जबकि 23 दिन औसत रही। संजय प्लेस में वायु प्रदूषण बढ़ने और धूलकणों की मात्रा ज्यादा होने की शिकायत की गई। डीएम ने सभी सड़कों से धूल हटाने और पौधरोपण के लिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए।
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यमुना में गिर रहा सीवर
राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ रोग संस्थान व धांधुपुरा से होकर आने वाले सीवर के वन भूमि से होकर निकलने और यमुना नदी में गिरने का मामला उठाया गया, जिस पर जल निगम ने कहा कि एसटीपी बनाया जाना है, जिसमें जालमा और जल निगम के बीच एमओयू हो गया है। एनजीटी में चल रहे मामलों के लिए निर्देश दिए गए। गंगा ग्राम समिति के तहत यमुना नदी पर आरती के लिए कैलाश मंदिर, यमुना किनारा, बल्केश्वर घाट आदि पर कार्य योजना बनाने के लिए निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ रोग संस्थान व धांधुपुरा से होकर आने वाले सीवर के वन भूमि से होकर निकलने और यमुना नदी में गिरने का मामला उठाया गया, जिस पर जल निगम ने कहा कि एसटीपी बनाया जाना है, जिसमें जालमा और जल निगम के बीच एमओयू हो गया है। एनजीटी में चल रहे मामलों के लिए निर्देश दिए गए। गंगा ग्राम समिति के तहत यमुना नदी पर आरती के लिए कैलाश मंदिर, यमुना किनारा, बल्केश्वर घाट आदि पर कार्य योजना बनाने के लिए निर्देश दिए गए।
इस बार लगाए जाएंगे 53 लाख पौधे
बैठक में बताया गया कि इस साल 53.34 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसमें 19 लाख वन विभाग लगाएगा। डीएम ने सभी नगरीय निकायों, पंचायतों और विभागों को पौधे लगाने के लिए कहा। पौधरोपण करने वाले लोगों को पौधे गोद देने के लिए उनका रजिस्टर में रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम शुभांगी शुक्ला, आजाद भगत सिंह, डीएफओ राजेश कुमार, समिति सदस्य केसी जैन, दीपक ढल आदि मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि इस साल 53.34 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसमें 19 लाख वन विभाग लगाएगा। डीएम ने सभी नगरीय निकायों, पंचायतों और विभागों को पौधे लगाने के लिए कहा। पौधरोपण करने वाले लोगों को पौधे गोद देने के लिए उनका रजिस्टर में रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम शुभांगी शुक्ला, आजाद भगत सिंह, डीएफओ राजेश कुमार, समिति सदस्य केसी जैन, दीपक ढल आदि मौजूद रहे।
बाईपास से गुजारें भारी वाहन
अधिवक्ता केसी जैन ने उत्तरी बाईपास के जरिये भारी वाहनों को डायवर्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तरी बाईपास बन जाने के बाद भी भारी वाहन नहीं रोके जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर भारी वाहनों को रोकने के लिए कहा और कीठम के पास और कुबेरपुर पर बैरियर लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पार्कों में मियावाकी पद्धति से पौधे न लगाएं। सघन पौधरोपण से बच्चों के खेलने की जगह नहीं बचती। सड़कों पर ट्री गार्ड लगाकर पौधे लगाएं।
अधिवक्ता केसी जैन ने उत्तरी बाईपास के जरिये भारी वाहनों को डायवर्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तरी बाईपास बन जाने के बाद भी भारी वाहन नहीं रोके जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर भारी वाहनों को रोकने के लिए कहा और कीठम के पास और कुबेरपुर पर बैरियर लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पार्कों में मियावाकी पद्धति से पौधे न लगाएं। सघन पौधरोपण से बच्चों के खेलने की जगह नहीं बचती। सड़कों पर ट्री गार्ड लगाकर पौधे लगाएं।