फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra’s Lifeline MG Road in Bad Shape, Potholes and Traffic Jams Trouble Commuters

यूपी: आगरा की लाइफ लाइन जख्मी, एमजी रोड के गड्ढों में सफर; जाम और प्रदूषण से बेहाल 10 लाख लोग

Sat, 10 Oct 2026 12:00 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 10 Oct 2026 12:00 PM IST
सार

 भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा चौराहा तक छह किमी. लंबी एमजी रोड शहर की लाइफ लाइन है जो मेट्रो के बेतरतीब काम के कारण जख्मी हो चुकी है। गड्ढों में समाई एमजी रोड पर हर दिन 8 से 10 लाख लोग जरूरी काम के लिए निकलते हैं। सड़क की दुर्दशा लोगों को दर्द पहुंचा रही है।
 

विज्ञापन
Agra’s Lifeline MG Road in Bad Shape, Potholes and Traffic Jams Trouble Commuters
एमजी रोड का हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भगवान टॉकीज से नगर निगम और सूरसदन से सेंट जोंस रेलवे पुल तक सड़क बेहद खराब हालत में है। सूरसदन से हरीपर्वत के बीच सीवर लाइन के लिए खोदाई कर देने से एमजी रोड महज पांच फीट चौड़ी बची है जिससे लोग हर दिन जाम झेल रहे हैं।
विज्ञापन


ब्रिटिश काल में ड्रमंड रोड, आजादी के बाद ठंडी सड़क और इमरजेंसी में चौड़ीकरण के बाद एमजी रोड शहर की लाइफ लाइन है। इन दिनों मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण निकलना मुश्किल भरा है। सीवर लाइन की खोदाई, निर्माण कार्य के कारण बैरिकेडिंग और भारी वाहनों के चलने से सड़क पर गड्ढों की भरमार है। दिनभर उड़ती धूल, संकरे मोड़ और उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर दोपहिया व चारपहिया वाहन घंटों जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि एमजी रोड पर हालत सुधारने के लिए यूपीएमआरसी और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। मेट्रो से कहा गया है कि जहां काम होता जाए वहां बैरिकेडिंग हटाने के साथ सड़क निर्माण करते रहें।
विज्ञापन



एमजी रोड पर ये प्रमुख कार्यालय
जिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, सेंट जोंस कॉलेज, हॉलमैन इंस्टीट्यूट, लेडी लॉयल, क्यूवी इंटर कॉलेज, एमडी जैन इंटर कॉलेज, कलेक्ट्रेट, कोषागार, पेंशन कार्यालय, जिला न्यायालय, व्यावसायिक केंद्र संजय प्लेस, केंद्रीय सरकार के सभी कार्यालय, आयकर विभाग, एलआईसी मंडल कार्यालय और ललित कला संस्थान।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेहत के लिए भी खतरनाक
एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शकुंत ने बताया ओपीडी में रोजाना 400 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें कमर, गर्दन, रीढ़ की हड्डी, कंधों में दर्द-मांसपेशियों में दर्द के मरीजों की संख्या करीब 35 फीसदी है। दोपहिया-चार पहिया वाहन चलाने वाले युवाओं की संख्या 20 फीसदी करीब है। ऊबड़-खाबड़, गड्ढायुक्त सड़कों पर वाहन चलाने से कमर, गर्दन और कंधों पर झटका लगता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति से गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है।

लोगों की बात
मेट्रो के अधिकारियों ने टेंडर की शर्तों का भी पालन नहीं किया। गड्ढों में फंसकर लोग जाम के शिकार होने के साथ कमर, रीढ़ की हड्डी के दर्द से जूझ रहे हैं। अधिकारी दबाव नहीं डाल रहे। जनता परेशान हो रही है। गड्ढों की अस्थायी पैच-फिलिंग कराई जाए। - डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ, सचिव, शेयर सोसाइटी


मेट्रो के अधिकारियों पर एमजी रोड की दुर्दशा के लिए प्राथमिकी होनी चाहिए। सूरसदन से सेंट जोंस और साईं की तकिया से प्रतापपुरा तक बुरा हाल है। दोपहिया पर लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं लेकिन अफसर कारों से निकल रहे हैं इसलिए उन्हें हालात का पता नहीं चल रहा। - प्रशांत अग्रवाल, पीड़ित


 हमने कुछ हिस्से में डामर से सड़क का निर्माण कराया है लेकिन काफी जगह काम बाकी है। ऐसे में निर्माण होने के बाद ही नए सिरे से सड़क बनाई जाएगी। गड्ढों को भरवाया जा रहा है। सूरसदन के पास सीवर लाइन डाली गई है। रेत के बाद गिट्टियां डालकर ठीक किया गया है। - पंचानन मिश्रा, पीआरओ, यूपीएमआरसी



-न्यूमेरिक्स
- 2.25 लाख वाहन हर दिन एमजी रोड से गुजरते हैं

- 10 लाख लोग तक एमजी रोड से निकल रहे
- 15 हजार से ज्यादा स्कूल-कॉलेजों के छात्रों का आवागमन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed