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देश पर फिदा होने वाले शहीद के स्मारक बनने में फंसा पेच, प्रशासन ने बदला रंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 18 May 2018 10:29 AM IST
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श्ाहीद जवान देवेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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पाक गोलीबारी में सीमा पर शहीद हुए आगरा निवासी बीएसएफ के जवान देवेंद्र सिंह बघेल का उनके गांव लखनपुर में स्मारक बनाए जाने की राह अभी तक आसान नहीं हुई है।
शहीद का परिवार एडीए की जिस जमीन पर स्मारक बनाना चाहता है, उसके आवंटन का अभी तक कोई प्रस्ताव ही तैयार नहीं किया गया है। अधिकारी यह आश्वासन देने तक की स्थिति में नहीं है कि स्मारक के लिए जमीन दे दी जाएगी।
लखनपुर गांव के सैकड़ों लोगों ने बुधवार को शहीद के पार्थिव शरीर को गांव के बाहर एनएच-2 पर रखकर जाम लगाया था। सुबह 11 से शाम छह बजे तक हाईवे जाम रखा गया।
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ये लोग मांग कर रहे थे कि शहीद का स्मारक एडीए की जमीन पर बनना चाहिए। गांव में यह जमीन शहीद के घर के पास है। इस दौरान मौखिक आश्वासन तो बहुत मिले लेकिन कोई अधिकारी लिखित में कुछ देने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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शहीद का परिवार एडीए की जिस जमीन पर स्मारक बनाना चाहता है, उसके आवंटन का अभी तक कोई प्रस्ताव ही तैयार नहीं किया गया है। अधिकारी यह आश्वासन देने तक की स्थिति में नहीं है कि स्मारक के लिए जमीन दे दी जाएगी।
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लखनपुर गांव के सैकड़ों लोगों ने बुधवार को शहीद के पार्थिव शरीर को गांव के बाहर एनएच-2 पर रखकर जाम लगाया था। सुबह 11 से शाम छह बजे तक हाईवे जाम रखा गया।
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ये लोग मांग कर रहे थे कि शहीद का स्मारक एडीए की जमीन पर बनना चाहिए। गांव में यह जमीन शहीद के घर के पास है। इस दौरान मौखिक आश्वासन तो बहुत मिले लेकिन कोई अधिकारी लिखित में कुछ देने के लिए तैयार नहीं हुआ।
श्ाहीद जवान देवेंद्र सिंह का श्ाव रख्ाकर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
आखिर में समय बहुत हो गया तो शहीद के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि उसी जमीन पर कर दी गई जिस पर स्मारक बनाए जाने की मांग की जा रही है।
शहीद के भाई देवी सिंह का कहना है कि बुधवार को कई नेताओं और अधिकारियों ने मौखिक आश्वासन दिए थे लेकिन गुरुवार को न तो किसी ने फोन किया और न ही कोई गांव में आया।
उनका कहना है कि उन्हें जमीन के आवंटन के लिए कोई लिखित आश्वासन तक अभी नहीं मिला है। गांव के लोगों ने बुधवार को ही तय कर दिया था कि शहीद के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि एडीए की जमीन पर की जाएगी।
शहीद के भाई देवी सिंह का कहना है कि बुधवार को कई नेताओं और अधिकारियों ने मौखिक आश्वासन दिए थे लेकिन गुरुवार को न तो किसी ने फोन किया और न ही कोई गांव में आया।
उनका कहना है कि उन्हें जमीन के आवंटन के लिए कोई लिखित आश्वासन तक अभी नहीं मिला है। गांव के लोगों ने बुधवार को ही तय कर दिया था कि शहीद के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि एडीए की जमीन पर की जाएगी।
प्रशासन का ये है कहना
इसके बाद स्मारक भी वहीं पर बनेगा। शहीद के भाई देवी सिंह का कहना है कि यह पूरे गांव का फैसला है, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। शासन और प्रशासन को तय करना है कि स्मारक के लिए जमीन का आवंटन कैसे किया जाए।
इस मामले में एडीए सचिव हरिराम का कहना है कि शहीद के स्मारक के लिए एडीए की जमीन देने का अभी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट योगेंद्र कुमार ने बताया कि शहीद के परिजनों को जमीन आवंटित करने के संबंध में प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
इस मामले में एडीए सचिव हरिराम का कहना है कि शहीद के स्मारक के लिए एडीए की जमीन देने का अभी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट योगेंद्र कुमार ने बताया कि शहीद के परिजनों को जमीन आवंटित करने के संबंध में प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कार्यवाही की जा रही है।