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बीमार बुजुर्ग का अस्पताल जाने पर काटा चालान, पुलिस की सख्ती से 'जरूरतमंद' परेशान
Sun, 17 May 2020 10:47 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 17 May 2020 10:47 AM IST
सार
- पुलिस ने काटा 6500 रुपये का चालान
- डॉक्टर का पर्चा और लैब की रिपोर्ट दिखाने पर भी नहीं मानी पुलिस
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आगरा पुलिस (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के बालाजीपुरम निवासी हेमंत उपाध्याय अपने पिता जय प्रकाश उपाध्याय को खांसी, बुखार और हाई ब्लड प्रेशर के कारण डॉ. विकास जैन को दिखाने ले जा रहे थे। बोदला चौराहे पर पुलिस ने कार रोककर 6500 रुपये का चालान कर दिया। हेमंत ने पुलिसकर्मी को डॉक्टर का पर्चा, अपॉइंटमेंट और बीमार पिता के लैब रिपोर्ट दिखाई लेकिन वह नहीं माने।
प्रमुख सचिव द्वारा निजी चिकित्सकों द्वारा उपचार देने का दावा किया जा रहा है लेकिन पुलिस बीमारों को निजी अस्पताल में जाने ही नहीं दे रही। कई मामलों में पुलिस ने डॉक्टर के अपॉइंटमेंट को दरकिनार करते हुए तीमारदारों का न केवल चालान किया बल्कि उन्हें चौराहे से वापस भी भेज दिया।
ये भी पढ़ें: शर्मनाक: तीन दिन इलाज को भटका घायल, चिकित्सकों के इंतजार में एसएन इमरजेंसी में तोड़ा दम
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मां को डॉक्टर के पास ले जा रहे थे, किया चालान
आजमपाड़ा के मो. बशीर बुधवार की दोपहर अपनी मां को रेनबो हॉस्पिटल की ओपीडी में दिखाने के लिए ले जा रहे थे। दोनों लोग कार में थे। बोदला चौराहे पर ही उनका 3800 रुपये का चालान कर दिया गया। उन्होंने भी डॉक्टर के पर्चे और जांच रिपोर्ट दिखाई थीं। बशीर ने पुलिसकर्मी से कहा कि अभी छोड़ दो जब डॉक्टर को दिखाकर लौटें तब वह चालान कर दें लेकिन वह नहीं माने।
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प्रमुख सचिव द्वारा निजी चिकित्सकों द्वारा उपचार देने का दावा किया जा रहा है लेकिन पुलिस बीमारों को निजी अस्पताल में जाने ही नहीं दे रही। कई मामलों में पुलिस ने डॉक्टर के अपॉइंटमेंट को दरकिनार करते हुए तीमारदारों का न केवल चालान किया बल्कि उन्हें चौराहे से वापस भी भेज दिया।
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मां को डॉक्टर के पास ले जा रहे थे, किया चालान
आजमपाड़ा के मो. बशीर बुधवार की दोपहर अपनी मां को रेनबो हॉस्पिटल की ओपीडी में दिखाने के लिए ले जा रहे थे। दोनों लोग कार में थे। बोदला चौराहे पर ही उनका 3800 रुपये का चालान कर दिया गया। उन्होंने भी डॉक्टर के पर्चे और जांच रिपोर्ट दिखाई थीं। बशीर ने पुलिसकर्मी से कहा कि अभी छोड़ दो जब डॉक्टर को दिखाकर लौटें तब वह चालान कर दें लेकिन वह नहीं माने।
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नौ किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ा
बालाजीपुरम निवासी हेमंत उपाध्याय का कहना है कि उनके बीमार पिता हाथ-पैरों में कमजोरी के कारण मुश्किल में थे। उनकी तकलीफ देखकर वह डॉक्टर के पास आ जा रहे थे। रामनगर पुलिया और शंकरगढ़ की पुलिया पर बैरिकेडिंग लगाने के कारण उन्हें घूमकर बोदला चौराहे से जाना पड़ा। डेढ़ किलोमीटर के फासले को पूरा करने के लिए उन्हें 8 से 9 किलोमीटर का चक्कर भी काटना पड़ा।
ड्यूटी पास दिखाया, फिर भी चालान
नगर निगम के अवर अभियंता भगवान टॉकीज से जब अपनी ड्यूटी पर नगर निगम कार्यालय जा रहे थे तो पुलिस ने उनका 3800 रुपये का चालान कर दिया। उन्होंने ड्यूटी पास दिखाया। इमरजेंसी सेवाओं में ड्यूटी का नगर आयुक्त का आदेश भी दिखाया। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
बालाजीपुरम निवासी हेमंत उपाध्याय का कहना है कि उनके बीमार पिता हाथ-पैरों में कमजोरी के कारण मुश्किल में थे। उनकी तकलीफ देखकर वह डॉक्टर के पास आ जा रहे थे। रामनगर पुलिया और शंकरगढ़ की पुलिया पर बैरिकेडिंग लगाने के कारण उन्हें घूमकर बोदला चौराहे से जाना पड़ा। डेढ़ किलोमीटर के फासले को पूरा करने के लिए उन्हें 8 से 9 किलोमीटर का चक्कर भी काटना पड़ा।
ड्यूटी पास दिखाया, फिर भी चालान
नगर निगम के अवर अभियंता भगवान टॉकीज से जब अपनी ड्यूटी पर नगर निगम कार्यालय जा रहे थे तो पुलिस ने उनका 3800 रुपये का चालान कर दिया। उन्होंने ड्यूटी पास दिखाया। इमरजेंसी सेवाओं में ड्यूटी का नगर आयुक्त का आदेश भी दिखाया। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।