{"_id":"5a9bd3ae4f1c1bbe218b60b9","slug":"agra-panchayat-threatens-to-social-boycott-the-couple","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्यार के दुश्मन बने परिजन तो कपल को कोर्ट ने दी राहत, फिर पंचायत ने सुना दिया ऐसा फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्यार के दुश्मन बने परिजन तो कपल को कोर्ट ने दी राहत, फिर पंचायत ने सुना दिया ऐसा फैसला
न्यूज डेस्क अमर उजाला तांतपुर (आगरा)
Updated Sun, 04 Mar 2018 04:41 PM IST
विज्ञापन
marriage
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के थाना बसई जगनेर के एक गांव में युवती को अपनी मर्जी से शादी कर लेना उसके लिए गले की फांस बन गया है। परिवारीजनों और ग्रामीणों का दबाव बढ़ने पर वह कोर्ट पहुंची तो कोर्ट ने बयान के बाद शादी को मंजूरी दे दी।
लेकिन गांव की पंचायत ने सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया। परिवार के लोगों को अब युवती को वापस लाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।
बसई जगनेर के एक गांव की युवती सात फरवरी को हाथरस सादाबाद के गांव निवासी अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। उसने मंदिर में शादी रचाई और फिर अपनी ससुराल चली गई।
विज्ञापन
लेकिन गांव की पंचायत ने सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया। परिवार के लोगों को अब युवती को वापस लाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।
बसई जगनेर के एक गांव की युवती सात फरवरी को हाथरस सादाबाद के गांव निवासी अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। उसने मंदिर में शादी रचाई और फिर अपनी ससुराल चली गई।
विज्ञापन
इसकी जानकारी होने पर युवती के ताऊ ने युवक के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी। पुलिस ने 13 फरवरी को युवक और युवती को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों को कोर्ट में पेश किया गया।
बयान के आधार पर एसीजेएम ने युवती को युवक के साथ जाने की अनुमति दे दी। उधर, इस फैसले के खिलाफ जगनेर क्षेत्र के कई गांवों से पंचों को बुलाकर तीन दिन तक पंचायत चली।
इसमें युवती के परिवारीजन और युवक के रिश्तेदारों पर युवती को लौटाने का दबाव बनाया गया। उन्हें दो दिन का समय देते हुए कहा गया कि अगर दो दिन में युवती वापस नहीं आई तो पूरे परिवार को समाज से हमेशा के लिए बेदखल कर दिया जाएगा।
बयान के आधार पर एसीजेएम ने युवती को युवक के साथ जाने की अनुमति दे दी। उधर, इस फैसले के खिलाफ जगनेर क्षेत्र के कई गांवों से पंचों को बुलाकर तीन दिन तक पंचायत चली।
इसमें युवती के परिवारीजन और युवक के रिश्तेदारों पर युवती को लौटाने का दबाव बनाया गया। उन्हें दो दिन का समय देते हुए कहा गया कि अगर दो दिन में युवती वापस नहीं आई तो पूरे परिवार को समाज से हमेशा के लिए बेदखल कर दिया जाएगा।