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Agra Nikay Chunav Result: विपक्षी दल नहीं कर सके भाजपा के किले में सेंधमारी, कांग्रेस तो खाता ही खोल सकी
Sun, 14 May 2023 01:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 14 May 2023 01:15 PM IST
सार
आगरा नगर निगम चुनाव में भाजपा के किले को विपक्षी दल भेद नहीं सके। हालांकि बसपा ने एक बार फिर टक्कर दी। वहीं सपा पांच से तीन पार्षदों तक सिमटी तो कांग्रेस खाता ही खोल सकी।
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मतगणना का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आगरा निकाय चुनाव के नतीजों ने एक बार विपक्षी दलों की रणनीति की कलई खोल दी है। हर बार की तरह बसपा ने ही भाजपा से ज्यादातर वार्डों में टक्कर दी। सपा के सदन में पार्षद पांच से घटकर तीन रह गए तो मेयर प्रत्याशी की जमानत भी नहीं बच सकी। नगर निगम सदन में भाजपा ने 58 पार्षद भेजकर न केवल अपनी ताकत बढ़ाई बल्कि महापौर पद पर भी भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं नगर पालिका में पार्टी का खाता भी नहीं खुला तो पंचायतों में भी निर्दलों का दबदबा रहा।
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2024 का रिहर्सल मानकर की थी तैयारी
भाजपा ने नगर निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव 2024 के रिहर्सल मानकर तैयारी की थी। प्रदेश से लेकर ब्रज प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों ने भी निकाय चुनाव की तैयारियां की थीं, जबकि बसपा और सपा की तैयारियां सतही थीं। समाजवादी पार्टी जहां पूरे 100 वार्डों में प्रत्याशी खड़े नहीं कर पाई तो वहीं बसपा और सपा भाजपा में टिकट वितरण के बाद फैले असंतोष को भुनाने में असफल रहे। भाजपा ने ज्यादातर वार्डों में नये चेहरों पर दांव लगाया। जातीय गणित को भी ध्यान में रखा। टिकट बंटवारे में असंतोष के बाद भी फेरबदल नहीं किया।
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नए वार्डों में प्रत्याशी नहीं जिता सकी बसपा
वहीं बसपा अपने वोट बैंक वाले वार्डों के अलावा नए वार्डों में प्रत्याशी नहीं जिता सकी। सपा का प्रदर्शन लचर रहा तो कांग्रेस खाता ही खोल सकी। पहले उसके दो पार्षद चुनाव जीते थे, इस बार केवल एक ही पार्षद चुना जा सका। आम आदमी पार्टी भी प्रभाव नहीं जमा सकी। बसपा छोड़कर अन्य विपक्षी दलों पर निर्दलीय प्रत्याशी भारी पड़े हैं। यह 11 वार्डों में चुने गए हैं। दूसरी ओर, पांच नगर पालिकाओं में भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका। ग्रामीण अंचल में पार्टी का प्रदर्शन नगर निगम की तरह चमकदार नहीं रहा।