{"_id":"6ac8811ed4c0f10cea0ef923","slug":"agra-news-man-duped-of-rs-13-25-lakh-on-pretext-of-asi-job-sent-fake-result-pdf-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: एएसआई की नौकरी का भरोसा, बेटे के नाम वाला भेजा फर्जी रिजल्ट; आगरा में ऐसे हुई 13.25 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: एएसआई की नौकरी का भरोसा, बेटे के नाम वाला भेजा फर्जी रिजल्ट; आगरा में ऐसे हुई 13.25 लाख की ठगी
Fri, 09 Oct 2026 11:22 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 09 Oct 2026 11:22 AM IST
सार
आगरा में डीजीपी का पीआरओ बताकर बेटे को एएसआई (लिपिक) बनवाने का झांसा देने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ 13.25 लाख रुपये की ठगी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। आरोपियों ने व्हाट्सएप पर बेटे के नाम वाली फर्जी रिजल्ट पीडीएफ भेजी, लेकिन अधिकृत वेबसाइट पर नाम नहीं मिलने पर धोखाधड़ी का पता चला।
विज्ञापन
सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डीजीपी का पीआरओ बता एक शख्स से बीएलओ की बात कराकर धोखाधड़ी कर ली गई। आरोप है कि दो लोगों ने उनके बेटे की पुलिस विभाग में एएसआई (लिपिक) की नाैकरी लगवाने का झांसा दिया था। व्हाट्सएप पर परीक्षा परिणाम की फर्जी पीडीएफ फाइल भी भेजी। मगर, अधिकृत वेबसाइट पर नाम नहीं देखकर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
न्यू जनता काॅलोनी, मुस्तफा क्वार्टर निवासी अरविंद कुमार सक्सेना ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी सुनीता सक्सेना शिक्षिका हैं। रोहता क्षेत्र में बीएलओ का कार्य देख रही हैं। वहीं उनकी मुलाकात वीरू शर्मा से हुई। उसने खुद को समाजसेवी बताया। लखनऊ में बड़े अधिकारियों से संबंध का दावा किया। कुछ समय बाद उसने फोन पर संपर्क किया। कहा कि आपके बेटे ने एएसआई क्लर्क की परीक्षा दी है। वह उसका चयन करा सकता है। उसके संबंध डीजीपी के पीआरओ से हैं।
लखनऊ चलकर मुलाकात का आश्वासन दिया। बाद में फोन पर राज शर्मा नाम के एक शख्स से बात भी कराई और कहा कि यही डीजीपी के पीआरओ हैं। आरोप है कि दोनों ने उनसे कई बार में 13.25 लाख रुपये ले लिए। बाद में नाैकरी के रिजल्ट की फर्जी पीडीएफ फाइल भेजी, उसमें उनके बेटे का नाम था। उन्होंने विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर रिजल्ट देखा, उसमें नाम नहीं था। इस पर वीरू और राज को फोन किए मगर उन्होंने फोन उठाने बंद कर दिए। नंबर भी ब्लाॅक कर दिया। सहायक पुलिस आयुक्त हरीपर्वत से शिकायत की गई। जांच के बाद साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यू जनता काॅलोनी, मुस्तफा क्वार्टर निवासी अरविंद कुमार सक्सेना ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी सुनीता सक्सेना शिक्षिका हैं। रोहता क्षेत्र में बीएलओ का कार्य देख रही हैं। वहीं उनकी मुलाकात वीरू शर्मा से हुई। उसने खुद को समाजसेवी बताया। लखनऊ में बड़े अधिकारियों से संबंध का दावा किया। कुछ समय बाद उसने फोन पर संपर्क किया। कहा कि आपके बेटे ने एएसआई क्लर्क की परीक्षा दी है। वह उसका चयन करा सकता है। उसके संबंध डीजीपी के पीआरओ से हैं।
विज्ञापन
लखनऊ चलकर मुलाकात का आश्वासन दिया। बाद में फोन पर राज शर्मा नाम के एक शख्स से बात भी कराई और कहा कि यही डीजीपी के पीआरओ हैं। आरोप है कि दोनों ने उनसे कई बार में 13.25 लाख रुपये ले लिए। बाद में नाैकरी के रिजल्ट की फर्जी पीडीएफ फाइल भेजी, उसमें उनके बेटे का नाम था। उन्होंने विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर रिजल्ट देखा, उसमें नाम नहीं था। इस पर वीरू और राज को फोन किए मगर उन्होंने फोन उठाने बंद कर दिए। नंबर भी ब्लाॅक कर दिया। सहायक पुलिस आयुक्त हरीपर्वत से शिकायत की गई। जांच के बाद साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन