फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   agra news gwalior chamble bridge highcourt

Agra News: चंबल नदी का पुल 10 साल से अधूरा, ग्वालियर हाईकोर्ट ने किया जवाब तलब

Thu, 25 Jul 2024 06:23 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2024 06:23 AM IST
विज्ञापन
agra news gwalior chamble bridge highcourt
बाह (आगरा)। चंबल नदी के अटेर और पिनाहट घाट पर दो राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बन रहे पुलों के निर्माण में देरी का मामला हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में बाह के गढवार गांव के रहने वाले अधिवक्ता अवधेश भदौरिया ने जनहित याचिका के माध्यम से उठाया है। खंडपीठ ने शासन से पुलों के निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट के साथ जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता अवधेश भदौरिया ने 2014 में जनहित याचिका के माध्यम से मुरैना-पिनाहट के बीच बन रहे उसैथ पुल, भिंड और जैतपुर के बीच बन रहे अटेर पुल के निर्माण में हो रही देरी का मामला उठाया था। जिस पर मध्य प्रदेश शासन ने अटेर जैतपुर का पुल एग्रीमेंट के अनुसार 15 जून 2019 तथा उसैथ पिनाहट पुल का निर्माण 28 महीने में पूरा होने की बात कही थी। समय सीमा बीत गई, पुलों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। जिस पर अवधेश भदौरिया ने 3 दिसंबर 2020 को पुन: जनहित याचिका के माध्यम से मामले को उठाया। जिस पर दो-तीन साल में निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी। अधिवक्ता ने बताया कि अब 2024 में दोबारा मामले को उठाया है। जिस पर हाईकोर्ट ने शासन को पुलों के निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट के साथ तलब किया है।
विज्ञापन


ये है वर्तमान तस्वीर
अटेर पुल का निर्माण पूरा हो गया है। दोनों ओर पहुंच मार्ग बनने हैं, सड़क संपर्क भी जोड़ा जाना है। वहीं, पिनाहट पुल पर पिलर खड़े करने के बाद स्लीपर डाले जाने का काम शुरू हुआ है। जमीन अधिग्रहण का भी पेच फंसा हुआ है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed