{"_id":"5f15f4998ebc3ea0726158ce","slug":"agra-news-cybercrime-with-tour-guide-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घड़ी खरीदने का झांसा देकर खाते से निकाले 46 हजार रुपये, साइबर अपराधियों ने टूर गाइड को बनाया शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घड़ी खरीदने का झांसा देकर खाते से निकाले 46 हजार रुपये, साइबर अपराधियों ने टूर गाइड को बनाया शिकार
Tue, 21 Jul 2020 01:16 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 21 Jul 2020 01:16 AM IST
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cyber crime
आगरा में साइबर धोखाधड़ी के मामले थम नहीं रहे। थाना ताजगंज क्षेत्र के टूर गाइड विकास यादव को साइबर अपराधियों ने शिकार बना लिया। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर घड़ी बेचने के लिए विज्ञापन दिया था। कॉल करके उनके खाते में 16500 रुपये भेजने के बजाय खाते से 46 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है।
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थाना ताजगंज के धांधूपुरा निवासी टूर गाइड विकास यादव का फतेहाबाद रोड स्थित आईडीबीआई में खाता है। उन्होंने बताया कि रविवार को एप्पल कंपनी की घड़ी बेचने के लिए आनलाइन शापिंग वेबसाइट पर विज्ञापन दिया था। 24 हजार रुपये की घड़ी की कीमत 16500 रुपये रखी थी।
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सोमवार सुबह 10 बजे मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि वो आगरा में ही रहता है। उसका भाई सैन्य कर्मी है। कहा कि घड़ी पसंद आ गई है। भाई दिल्ली में रहता है। उसे घड़ी भेजनी है। पेमेंट वही ऑनलाइन वालेट से करेगा।
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ऐसे ट्रांसफर की रकम
युवक घड़ी खरीदने की कहने लगा। इसके बाद पेटीएम, गूगल पे और यूपीआई से पेमेंट करने के लिए कहा। खाता नंबर सही पता करने के लिए व्हाट्स एप नंबर पर एक बार कोड भेजा। इससे एक रुपये भेजने के लिए कहा।
विकास ने बार कोड को स्कैन करके जैसे ही एक रुपया भेजा। वैसे ही उनके खाते से दो बार पांच-पांच हजार, दो बार दस-दस हजार रुपये और एक बार 16 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। उनके खाते से कुल पांच बार में 46 हजार रुपये निकल गए। मोबाइल पर मैसेज आने पर विकास को पता चला।
उन्होंने तुरंत बैंक जाकर अपना खाता बंद कराया। इसके साथ ही थाना ताजगंज में शिकायत की। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है। विकास ने बताया कि रकम यूपीआई के माध्यम से निकली है। यह रकम जिस खाते में गई है, उस खाते के बारे में पता करके रकम वापस कराई जा सकती है।
भेजा था आधार कार्ड
विकास का कहना है कि साइबर अपराधी ने विश्वास दिलाने के लिए अपना आईडी कार्ड और आधार व्हाटस एप पर भेजा था। इससे उसे विश्वास हो गया।
विकास ने बार कोड को स्कैन करके जैसे ही एक रुपया भेजा। वैसे ही उनके खाते से दो बार पांच-पांच हजार, दो बार दस-दस हजार रुपये और एक बार 16 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। उनके खाते से कुल पांच बार में 46 हजार रुपये निकल गए। मोबाइल पर मैसेज आने पर विकास को पता चला।
उन्होंने तुरंत बैंक जाकर अपना खाता बंद कराया। इसके साथ ही थाना ताजगंज में शिकायत की। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है। विकास ने बताया कि रकम यूपीआई के माध्यम से निकली है। यह रकम जिस खाते में गई है, उस खाते के बारे में पता करके रकम वापस कराई जा सकती है।
भेजा था आधार कार्ड
विकास का कहना है कि साइबर अपराधी ने विश्वास दिलाने के लिए अपना आईडी कार्ड और आधार व्हाटस एप पर भेजा था। इससे उसे विश्वास हो गया।