टायर किलर गिरोह का एक लुटेरा गिरफ्तार, एक्सप्रेसवे पर व्यापारी से की थी लूटपाट
- पलवल में एसटीएफ ने की कार्रवाई, टायर किलर गैंग का सदस्य, रिमांड पर लेगी आगरा पुलिस
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छह महीने पहले आगरा के व्यापारी सहित दो से लूट करने वाले टायर किलर गिरोह के सदस्य को पलवल में एसटीएफ और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में तीन सदस्यों के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आगरा रेंज पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
इस साल 22 जनवरी को सदर बाजार निवासी विक्रम गुप्ता और कानपुर निवासी प्रतीक शुक्ला नई दिल्ली से आगरा आ रहे थे। मथुरा के नौझील क्षेत्र में बदमाशों ने दोनों की कार को पंक्चर कर रोक लिया था। टायर बदलने के दौरान बदमाश आ गए थे। उन्होंने रुपये, एटीएम कार्ड, मोबाइल, पर्स, बैग, लैपटॉप, पेन व आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस लूट लिया था। इस मामले में बदमाशों की धरपकड़ के लिए आईजी ए सतीश गणेश ने रेंज साइबर सेल की टीम को लगाया था।
एसटीएफ नोएडा भी लगी थी। एसटीएफ ने दो जुलाई को अलीगढ़ पुलिस के सहयोग से बल्लभगढ़ निवासी बदमाश बबलू को मार गिराया था। बबलू पर कई प्रदेश में इनाम घोषित था। इस घटना में शामिल नई दिल्ली के नजफगढ़ निवासी दिनेश उर्फ दिन्नू उर्फ कमाल को 23 जुलाई को पलवल में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि अभी अजय उर्फ कालिया, अनिल और रामू फरार हैं। गिरफ्तार आरोपी दिनेश ने व्यापारी विक्रम गुप्ता और अन्य से लूट की थी। आईजी ने बताया कि अब आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद पूछताछ होगी। उससे लूट का सामान बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।
दो टीमों में बंटकर गैंग करता है काम
पूछताछ में पता चला कि गैंग हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लूट करता है। वाहनों को पंक्चर करने के लिए टायर किलर लगाते थे। इसके लिए दो टीमों में पांच से दस किलोमीटर दूर गैंग के सदस्य बंट जाते थे। एक टीम कार के टायरों को पंक्चर करती थी। दूसरी टीम पंक्चर टायर के रुकने का इंतजार करती थी। फोन से बदमाश एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। बदमाश पैदल आते थे। देहात के इलाकों से निजी वाहनों से चले जाते थे। इस कारण पकड़े नहीं जाते थे।
हाईवे और एक्सप्रेसवे के सफर में इन बातों पर रखें ध्यान
- सुनसान स्थान पर गाड़ी को नहीं रोकें।
- पुलिस पिकेट तक गाड़ी को किसी तरह लाएं।
- पुलिस, हाईवे, एक्सप्रेस वे के कंट्रोल रूम पर सूचना दें।
- बदमाश कृष्ण पक्ष एवं शुक्ल पक्ष की तृतीय से पंचमी और दशमी से द्वादशी के मध्य गैंग घटना करता है।