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Agra News: ऑटो की टक्कर से घायल, फिर भी बहन संग कांवड़ ले पहुंचीं बटेश्वर
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बटेश्वर में घायल खुशबू बहन के साथ कांवड़ लेकर पहुंची हुआ सम्मान
- फोटो : samvad
बाह। जैतपुर की सगी बहनें सीमा और खुशबू ने सोरों के कछला घाट से कलशों में 11 लीटर गंगाजल भरा और कांवड़ लेकर बटेश्वर में ब्रह्मलालजी महाराज के अभिषेक के लिए चल पड़ी। शुक्रवार को शिकोहाबाद में खुशबू को पीछे से ऑटो ने टक्कर मार दी। सड़क पर खुशबू को गिरता देख बहन सीमा ने कांवड़ को संभाल लिया। टक्कर मारने के बाद ऑटो समेत चालक भाग निकला।
खुशबू के हाथ, पैर में घाव हुआ है, दांत में भी चोट लगी है। घायल खुशबू की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इलाज और मरहम पट्टी कराई। चिकित्सक ने आराम की सलाह दी, लेकिन खुशबू की आस्था उसके लिए हौसला बन गई। वह हिम्मत नहीं हारी और बहन के साथ फिर से कांवड़ उठाई और शनिवार की दोपहर बटेश्वर ले पहुंची। बटेश्वर में खुशबू की मां कैलाशी देवी भी पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि खुशबू शुरू से ही हिम्मती है, बेटी पर गर्व है। घायल होने के बाद भी कांवड़ लेकर बटेश्वर पहुंची खुशबू की आस्था से अभिभूत समाजसेवियों ध्रुवराज भदौरिया, भाव सिंह नरवरिया, देवेंद्र भदौरिया, विद्याराम प्रधान, अजय भदौरिया ने उन्हें सम्मानित किया।
इधर सावन के दूसरे सोमवार को ब्रह्मलाल महाराज का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए सोरों से कांवड़ लेकर शिवभक्त पहुंचने लगे हैं। वहीं बाह के धर्मसिंह पुरा गांव के देवेंद्र सिंह, दिनेश भदौरिया, अंकित भदौरिया, गोलू, दीपक भदौरिया हरिद्वार से 21 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर बटेश्वर पहुंचे हैं। उन्हें हरिद्वार से बटेश्वर पहुंचने में 7 दिन लगे हैं।
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बटेश्वर में आस्था के मार्ग पर गड्ढों का रोड़ा, भरा है कीचड़
पहले सोमवार को कई श्रद्धालु फिसलकर गिरे थे, नहीं लिया सबक
बाह। कांवड़िए बटेश्वर पहुंचने लगे हैं। रविवार से श्रद्धालुओं का जमघट शुरू होगा। बटेश्वर में आस्था के मार्ग पर हादसे का सबब बने गड्ढे हैं, मंदिर क्षेत्र के पास कीचड़ भी भरा है। पहले सोमवार को फिसलकर कई श्रद्धालु गिरे थे। फिर भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया।
नौरंगीघाट पुल के रास्ते मैनपुरी, फिरोजाबाद के श्रद्धालु एवं कांवड़िए बटेश्वर पहुंचते हैं। नौरंगीघाट पुल पर गड्ढे हो गए हैं। गड्ढे ऐसे कि ठोकर लगने से कांवड़िए गिर जाएं। वाहन पलटने से श्रद्धालुओं के चुटैल होने का खतरा है। इधर गोकुलनाथ मंदिर के पास भरे कीचड़ की फिसलन से श्रद्धालु गिरकर चुटैल हो रहे हैं। नाली और गली तक ग्राम पंचायत ने साफ नहीं कराई है। जिसकी वजह से दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
शौरीपुर-बटेश्वर मार्ग जलमग्न, श्रद्धालु और 4 गांवों के लोग परेशान
बाह। बटेश्वर-शौरीपुर मार्ग जलमग्न है। श्रद्धालु इसी मार्ग से शौरीपुर में भगवान नेमिनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। अटल सांस्कृतिक संकुल भवन का रास्ता भी यही है। इसी रास्ते से कल्यानपुर, भरतार, जज्ञ, बुढ़ैरा गांव के लोग आते जाते हैं। संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीण और श्रद्धालु गिरकर चुटैल हो रहे हैं। सावन के दूसरे सोमवार से पहले पंपसेट से पानी निकासी शुरू कराई है, हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए।
समाजसेवियों की अच्छी पहल: बटेश्वर के महादेव घाट की धुलाई और सफाई
बाह। बिजौली के समाजसेवियों ने शुक्रवार को महादेव घाट पर पहुंचकर धुलाई की। महिला स्नानागार में जमे कीचड़ को भी साफ किया। सीढि़यों पर जमी सिल्ट को भी हटाया। घाट, स्नानागार से सिल्ट हटने से सावन के दूसरे सोमवार को महादेव घाट पर स्नान कर महिलाएं स्नानागार में अपने कपड़े बदल सकेंगी। समाजसेवी अरुण उपाध्याय, अजय रावत, सूर्यप्रताप, अपरबल सिंह, लवकुश, सनी, छोटू, कौशल, गोलू, तारव, रजत, जोगेंद्र आदि ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर सभी ने महादेव घाट की धुलाई और सफाई की है।
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खुशबू के हाथ, पैर में घाव हुआ है, दांत में भी चोट लगी है। घायल खुशबू की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इलाज और मरहम पट्टी कराई। चिकित्सक ने आराम की सलाह दी, लेकिन खुशबू की आस्था उसके लिए हौसला बन गई। वह हिम्मत नहीं हारी और बहन के साथ फिर से कांवड़ उठाई और शनिवार की दोपहर बटेश्वर ले पहुंची। बटेश्वर में खुशबू की मां कैलाशी देवी भी पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि खुशबू शुरू से ही हिम्मती है, बेटी पर गर्व है। घायल होने के बाद भी कांवड़ लेकर बटेश्वर पहुंची खुशबू की आस्था से अभिभूत समाजसेवियों ध्रुवराज भदौरिया, भाव सिंह नरवरिया, देवेंद्र भदौरिया, विद्याराम प्रधान, अजय भदौरिया ने उन्हें सम्मानित किया।
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इधर सावन के दूसरे सोमवार को ब्रह्मलाल महाराज का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए सोरों से कांवड़ लेकर शिवभक्त पहुंचने लगे हैं। वहीं बाह के धर्मसिंह पुरा गांव के देवेंद्र सिंह, दिनेश भदौरिया, अंकित भदौरिया, गोलू, दीपक भदौरिया हरिद्वार से 21 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर बटेश्वर पहुंचे हैं। उन्हें हरिद्वार से बटेश्वर पहुंचने में 7 दिन लगे हैं।
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बटेश्वर में आस्था के मार्ग पर गड्ढों का रोड़ा, भरा है कीचड़
पहले सोमवार को कई श्रद्धालु फिसलकर गिरे थे, नहीं लिया सबक
बाह। कांवड़िए बटेश्वर पहुंचने लगे हैं। रविवार से श्रद्धालुओं का जमघट शुरू होगा। बटेश्वर में आस्था के मार्ग पर हादसे का सबब बने गड्ढे हैं, मंदिर क्षेत्र के पास कीचड़ भी भरा है। पहले सोमवार को फिसलकर कई श्रद्धालु गिरे थे। फिर भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया।
नौरंगीघाट पुल के रास्ते मैनपुरी, फिरोजाबाद के श्रद्धालु एवं कांवड़िए बटेश्वर पहुंचते हैं। नौरंगीघाट पुल पर गड्ढे हो गए हैं। गड्ढे ऐसे कि ठोकर लगने से कांवड़िए गिर जाएं। वाहन पलटने से श्रद्धालुओं के चुटैल होने का खतरा है। इधर गोकुलनाथ मंदिर के पास भरे कीचड़ की फिसलन से श्रद्धालु गिरकर चुटैल हो रहे हैं। नाली और गली तक ग्राम पंचायत ने साफ नहीं कराई है। जिसकी वजह से दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
शौरीपुर-बटेश्वर मार्ग जलमग्न, श्रद्धालु और 4 गांवों के लोग परेशान
बाह। बटेश्वर-शौरीपुर मार्ग जलमग्न है। श्रद्धालु इसी मार्ग से शौरीपुर में भगवान नेमिनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। अटल सांस्कृतिक संकुल भवन का रास्ता भी यही है। इसी रास्ते से कल्यानपुर, भरतार, जज्ञ, बुढ़ैरा गांव के लोग आते जाते हैं। संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीण और श्रद्धालु गिरकर चुटैल हो रहे हैं। सावन के दूसरे सोमवार से पहले पंपसेट से पानी निकासी शुरू कराई है, हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए।
समाजसेवियों की अच्छी पहल: बटेश्वर के महादेव घाट की धुलाई और सफाई
बाह। बिजौली के समाजसेवियों ने शुक्रवार को महादेव घाट पर पहुंचकर धुलाई की। महिला स्नानागार में जमे कीचड़ को भी साफ किया। सीढि़यों पर जमी सिल्ट को भी हटाया। घाट, स्नानागार से सिल्ट हटने से सावन के दूसरे सोमवार को महादेव घाट पर स्नान कर महिलाएं स्नानागार में अपने कपड़े बदल सकेंगी। समाजसेवी अरुण उपाध्याय, अजय रावत, सूर्यप्रताप, अपरबल सिंह, लवकुश, सनी, छोटू, कौशल, गोलू, तारव, रजत, जोगेंद्र आदि ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर सभी ने महादेव घाट की धुलाई और सफाई की है।