कासगंज ने दिलाई बिकरू कांड की याद: सिपाही की हत्या का आरोपी मुठभेड़ में ढेर, दूसरा फरार
- कासगंज में पुलिस टीम पर हमले ने बिकरू कांड की याद ताजा कर दी। वहां गैंगस्टर विकास दुबे ने दबिश देने आई पुलिस पर हमला किया था। बिकरू कांड पर सीएम योगी ने बेहद सख्त रुख अपनाया था। कासगंज की घटना को भी उन्होंने गंभीरता से लिया है।
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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही देवेंद्र जसावत की हत्या करने वाले शराब माफिया को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। आरोपी का नाम ऐलकार है, जबकि दूसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार थाना सिढ़पुरा क्षेत्र में बुधवार तड़के काली नदी की कटरी किनारे मुठभेड़ हुई। आरोपी ऐलकार गांव धीमर का रहने वाला था। मुख्य आरोपी मोती फरार है, उस पर 11 मामले दर्ज हैं। उसकी तलाश की जा रही है। ऐलकार भी पुराना हिस्ट्रीशीटर था। उस पर भी कई मामले दर्ज हैं।
थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर और नगला भिकारी में अवैध शराब की सूचना पर दबिश देने पहुंचे दरोगा अशोक कुमार सिंह (नगला गबे, किशनी, मैनपुरी) और सिपाही देवेंद्र जसावत ( नगला बिंदू, डौकी, आगरा) पर शराब माफिया ने मंगलवार शाम को हमला कर दिया था। उनकी घेरकर पिटाई की गई थी। उनकी वर्दी उतरवा दी थी और लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से बेरहमी से पीटा गया था। लहूलुहान दरोगा और सिपाही को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां सिपाही की मौत हो गई। दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है।
कानपुर के बिकरू कांड जैसा हमला
कासगंज में पुलिस टीम पर हमले ने बिकरू कांड की याद ताजा कर दी। वहां गैंगस्टर विकास दुबे ने दबिश देने आई पुलिस पर हमला किया था। बिकरू कांड पर सीएम योगी ने बेहद सख्त रुख अपनाया था। कासगंज की घटना को भी उन्होंने गंभीरता से लिया है। एडीजी अजय आनंद के नेतृत्व में शराब माफिया पर कार्रवाई का अभियान शुरु किया गया है।
आरोपियों पर एनएसए लगाने के आदेश
घटना पर सीएम योगी सख्त, आरोपियों पर एनएसए लगाने के आदेश
घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने आरोपियों पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने के आदेश दिए हैं। साथ ही घायल दारोगा के इलाज के दिए निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने सिपाही के परिजनों को 50 लाख रुपये और आश्रित को सरकारी नौकरी देने के एलान किया है।
पहले भी हमला करते रहे हैं शराब माफिया
शराब माफियाओं द्वारा पुलिसपार्टी पर हमले की घटना कोई नई नहीं है। यहां पहले भी इस तरह की घटनाएं होती रही हैं। 17 अगस्त 2019 को सिकंदरपुर वैश्य के नवाबगंज नगरिया, 17 अप्रैल 2019 को पटियाली के जासमई में, 11 जून 2019 को भरगैन में गोतस्करों को पकड़ने गई पुलिस पर हमला, 1 जुलाई को सहावर के दमपुरा में मुल्जिम पकड़ने गई पुलिस पर हमला, 22 अगस्त 2020 को गंजडुंडवारा के नूरपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा छुड़ाने गई पुलिस पर हमला हुआ था।