नगर निकाय चुनाव: आगरा को मिलेगी तीसरी महिला मेयर, नगर पंचायत और पालिका अध्यक्षों के भी बदले समीकरण
आगरा नगर निगम में मेयर पद की सीट इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई है। इस चुनाव के बाद आगरा को तीसरी महिला मेयर मिलेगी। इससे पहले दो महिलाएं मेयर बन चुकी हैं।
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विस्तार
| वर्ष | आरक्षण | मेयर |
| 1989 | अनारक्षित | रमेशकांत लवानियां |
| 1995 | अनुसूचित जाति महिला | बेबीरानी मौर्य |
| 2000 | अनुसूचित जाति | किशोरी लाल माहौर |
| 2006 | अनुसूचित जाति महिला | अंजुला सिंह माहौर |
| 2012 | अनुसूचित जाति | इंद्रजीत आर्य |
| 2017 | अनारक्षित | नवीन जैन |
| 2022 | अनुसूचित जाति महिला |
नगर पंचायत एवं पालिका अध्यक्षों के बदले समीकरण
नए आरक्षण से शहर में मेयर तो नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी अध्यक्ष पद के लिए समीकरण बदल गए हैं। जिले में सात नगर पंचायत और पांच नगर पालिका हैं। जिनमें 12 अध्यक्ष चुने जाएंगे। 2017 के चुनाव में 12 में सात अध्यक्ष पद अनारक्षित थे, जिनमें इस बार दो पद अनारक्षित रह गए हैं। ऐसे में कई निवर्तमान अध्यक्ष इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
| निकाय | आरक्षण 2022 | आरक्षण 2017 |
| नगर पंचायत फतेहाबाद | अन्य पिछड़ा वर्ग महिला | अनुसूचित वर्ग महिला |
| नगर पंचायत खेरागढ़ | अनारक्षित | महिला |
| नगर पंचायत जगनेर | अन्य पिछड़ा वर्ग महिला | अनारक्षित |
| नगर पंचायत पिनाहट | अनुसूचित वर्ग | महिला |
| नगर पंचायत किरावली | अन्य पिछड़ा वर्ग | महिला |
| नगर पंचायत दयालबाग | महिला | अनारक्षित |
| नगर पंचायत स्वामीबाग | अनारक्षित | महिला |
| नगर पालिका बाह | महिला | अनारक्षित |
| नगर पालिका अछनेरा | अनुसूचित वर्ग | अनारक्षित |
| नगर पालिका एत्मादपुर | अनुसूचित वर्ग | अन्य पिछड़ा वर्ग |
| नगर पालिका शमसाबाद | अन्य पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित |
| नगर पालिका फतेहपुर सीकरी | अन्य पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित |
बसपा ने 27 सीटों पर मांगा आरक्षण
नगर निगम के 100 वार्डों में से पिछड़ा वर्ग के लिए केवल 22 वार्ड ही आरक्षित किए गए हैं, जबकि इनकी संख्या 27 होनी चाहिए। यह मांग करते हुए बसपा के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपा। बसपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नगर निकाय में आरक्षण सूची में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से छेड़छाड़ की गई है। पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण है, पर सीटें केवल 22 दी गई हैं। इसी तरह धांधूपुरा समेत कई वार्डों में अनुसूचित जाति की आबादी कम है, पर उनका आरक्षण बदल दिया गया है।