यादें: पढ़ाई की भी जिम्मेदारी उठाती थी आगरा म्यूनिसिपलिटी, चलते थे 20 सेकंडरी और 140 प्राइमरी स्कूल
डिस्ट्रिक्ट गजेटियर आफ दि यूनाइटेड प्राविंस ऑफ आगरा एंड अवध में आगरा की शिक्षा व्यवस्था को नगर पालिका से संचालित किए जाने का ब्योरा दिया है। वर्ष 1896 में सात हाईस्कूल लड़कों के लिए और 13 हाईस्कूल लड़कियों की शिक्षा के लिए चलाए जा रहे थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा नगर पालिका केवल सफाई, स्ट्रीट लाइट, टैक्स तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि आम आदमी की जरूरत और समस्या का समाधान नगर पालिकाओं के पास था। वर्ष 1868 में आगरा म्यूनिसिपलिटी के गठन के बाद सेहत के साथ लोगों की शिक्षा का जिम्मा भी नगर पालिका के पास ही था। आगरा म्यूनिसिपलिटी न केवल 140 प्राइमरी और 20 सेकंडरी स्कूलों का संचालन करती थी, बल्कि अन्य स्कूलों, कालेजों को वित्तीय मदद, अनुदान भी देती थी। आगरा कॉलेज भी उनमें से एक रहा है।
वर्ष 1896 में इसका ब्योरा लेखक सैयद मुहम्मद लतीफ ने अपनी पुस्तक मॉर्डन सिटी ऑफ आगरा में दिया है। उन्होंने आगरा म्यूनिसिपलिटी की ओर से स्कूलों के संचालन और उन्हें अनुदान देने की जानकारी दी है, वहीं वर्ष 1905 में आईसीएस एचआर नेविल की ओर से तैयार किए गए डिस्ट्रिक्ट गजेटियर आफ दि यूनाइटेड प्राविंस ऑफ आगरा एंड अवध में आगरा की शिक्षा व्यवस्था को नगर पालिका से संचालित किए जाने का ब्योरा दिया है। वर्ष 1896 में सात हाईस्कूल लड़कों के लिए और 13 हाईस्कूल लड़कियों की शिक्षा के लिए चलाए जा रहे थे। वर्ष 1905 में डिस्ट्रिक्ट बोर्ड की ओर से संचालित स्कूलों की संख्या 239 हो गई। इनमें तब 8164 बच्चे प्राइमरी स्कूलों में और 2613 बच्चे 26 सेकंडरी स्कूलों में पढ़ते थे। ताजगंज स्थित नगर निगम इंटर कॉलेज का नाम अब भी वही है। यहां आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने नगर निगम इंटर कालेज का सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कराया है।
1972 में अलग हो गया शिक्षा विभाग
नगर निगम सचिवालय के पूर्व कर्मचारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1960 में नगर महापालिका के गठन के 12 साल बाद 1972 में बेसिक शिक्षा विभाग को अलग कर दिया गया। इस तरह नगर महापालिकाओं की बड़ी जिम्मेदारी उनसे छीन ली गई। इसके बाद वर्ष 1979 में पेयजल विभाग भी नगर महापालिका से अलग कर आगरा जल संस्थान का गठन किया गया। यहां शिक्षा विभाग का कार्यालय भी तीसरी मंजिल पर था, जो बाद में पंचकुइयां शिफ्ट कर दिया गया।