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खुशखबर: 420 करोड़ की जमीन पर 30 किमी दौड़ेगी मेट्रो, सरकारी जमीन का अधिक उपयोग
Thu, 12 Nov 2020 10:31 AM IST
Abhishek Saxena
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 12 Nov 2020 10:31 AM IST
सार
- 95 फीसदी भूमि होगी सरकारी
- 245 करोड़ रुपये पहले कॉरीडोर की भूमि पर होंगे खर्च
- 175 करोड़ रुपये दूसरे कॉरीडोर की भूमि पर होंगे खर्च
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा मेट्रो के लिए 95 फीसदी सरकारी भूमि का इस्तेमाल होगा। 420 करोड़ रुपये की जमीन पर 30 किमी मेट्रो दौड़ेगी। दोनों कॉरीडोर के लिए स्थाई और अस्थाई रूप से 89 हेक्टेयर रेलवे, रक्षा संपदा, राजकीय आस्थान एवं निजी भूमि ली जाएगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन 245 करोड़ रुपये पहले कॉरीडोर और 175 करोड़ रुपये दूसरे कॉरीडोर की जमीन की खरीद पर खर्च करेगा।
लाभ : 260 करोड़ रुपये बचाए
आगरा विकास प्राधिकरण के सहयोग से राइट्स ने 2017 में जब मेट्रो की डीपीआर बनाई थी तो उसने दोनों कॉरीडोर के लिए 130 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई। इसमें 680 करोड़ रुपये खर्च होते। फिर 2019 में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने फाइनल डीपीआर में दोनों कॉरीडोर के एलाइनमेंट में कुछ बदलाव किए। निजी भूमि का इस्तेमाल कम किया। इस तरह करीब 260 करोड़ रुपये खरीद लागत कम हो गई। अब 89 हेक्टेयर भूमि पर दोनों मेट्रो कॉरीडोर बनेंगे। जमीन खरीद पर कुल 420 करोड़ खर्च होंगे।
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लाभ : 260 करोड़ रुपये बचाए
आगरा विकास प्राधिकरण के सहयोग से राइट्स ने 2017 में जब मेट्रो की डीपीआर बनाई थी तो उसने दोनों कॉरीडोर के लिए 130 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई। इसमें 680 करोड़ रुपये खर्च होते। फिर 2019 में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने फाइनल डीपीआर में दोनों कॉरीडोर के एलाइनमेंट में कुछ बदलाव किए। निजी भूमि का इस्तेमाल कम किया। इस तरह करीब 260 करोड़ रुपये खरीद लागत कम हो गई। अब 89 हेक्टेयर भूमि पर दोनों मेट्रो कॉरीडोर बनेंगे। जमीन खरीद पर कुल 420 करोड़ खर्च होंगे।
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सिकंदरा-ताजमहल कॉरीडोर पर अधिक खर्च
सबसे ज्यादा जमीन और पैसा सिकंदरा से ताजमहल तक बनने वाले 14 किमी लंबे पहले कॉरीडोर पर खर्च होगा। इसमें 6 किमी एलिविटेड और आठ किमी भूमिगत कॉरीडोर बनेगा। इसमें 54 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। जमीन पर यूपीएमआरसी 245 करोड़ रुपये खर्च करेगा। जबकि कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक 16 किमी का पूरा कॉरीडोर एलिवेटिड होगा। इसके लिए 35 हेक्टेयर भूमि की खरीद 175 करोड़ रुपय लागत आएगी।
पहले चरण में शुरू होंगे छह स्टेशन
दिसंबर 2022 तक यूपीएमआरसी ने 14 कि.मी लंबे पहले कॉरीडोर में करीब सात किमी लंबाई में छह स्टेशन चालू करने की योजना बनाई है। इनमें फतेहाबाद रोड, बसई स्टेशन और फतेहाबाद रोड स्टेशन व ट्रैक निर्माण के लिए 273 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है। इसके बाद ताजमहल, आगरा फोर्ट व जामा मस्ज्दि मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इन तीनों स्टेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
औपचारिकताएं करा रहे पूरी
एलाइनमेंट बदलने से जमीन खरीद पर कम लागत आएगी। जहां सरकारी जमीन लेने में अड़चन हैं वहां औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। सुल्तानगंज व फतेहाबाद में थोड़ी सी जमीन में रुकावट थी वो भी दूर करा दी गई है। - प्रभु एन सिंह, जिला मजिस्ट्रेट
सबसे ज्यादा जमीन और पैसा सिकंदरा से ताजमहल तक बनने वाले 14 किमी लंबे पहले कॉरीडोर पर खर्च होगा। इसमें 6 किमी एलिविटेड और आठ किमी भूमिगत कॉरीडोर बनेगा। इसमें 54 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। जमीन पर यूपीएमआरसी 245 करोड़ रुपये खर्च करेगा। जबकि कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक 16 किमी का पूरा कॉरीडोर एलिवेटिड होगा। इसके लिए 35 हेक्टेयर भूमि की खरीद 175 करोड़ रुपय लागत आएगी।
पहले चरण में शुरू होंगे छह स्टेशन
दिसंबर 2022 तक यूपीएमआरसी ने 14 कि.मी लंबे पहले कॉरीडोर में करीब सात किमी लंबाई में छह स्टेशन चालू करने की योजना बनाई है। इनमें फतेहाबाद रोड, बसई स्टेशन और फतेहाबाद रोड स्टेशन व ट्रैक निर्माण के लिए 273 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है। इसके बाद ताजमहल, आगरा फोर्ट व जामा मस्ज्दि मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इन तीनों स्टेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
औपचारिकताएं करा रहे पूरी
एलाइनमेंट बदलने से जमीन खरीद पर कम लागत आएगी। जहां सरकारी जमीन लेने में अड़चन हैं वहां औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। सुल्तानगंज व फतेहाबाद में थोड़ी सी जमीन में रुकावट थी वो भी दूर करा दी गई है। - प्रभु एन सिंह, जिला मजिस्ट्रेट
पहले कॉरीडोर के लिए जमीन
मालिक जमीन कीमत (करोड़) भूमि क्षेत्रफल कुल लागत
केंद्र सरकार रेलवे 69 0.06 हेक्टे. 4.08 करोड़
केंद्र सरकार रेलवे 1.32 0.45 हेक्टे. 0.59 करोड़
केंद्र सरकार रक्षा संपदा 40.76 0.60 हेक्टे. 24.59 करोड़
रक्षा संपदा अस्थायी 1.32 0.57 हेक्टे. 0.75 करोड़
राज्य सरकार स्थायी 5.50 25.02 हेक्टे. 137.61 करोड़
राज्य सरकार पार्किंग 00 6.74 हेक्टे. शून्य
राज्य सरकार अस्थायी 1.32 15 हेक्टे. 19.80 करोड़
राज्य सरकार स्थायी 3.96 4.75 हेक्टे. 18.83 करोड़
निजी भूमि स्थायी 124.57 0.24 हेक्टे. 29.90 करोड़
निजी भूमि अस्थायी 16.56 0.45 हेक्टे. 7.45 करोड़
निजी भूमि स्थायी 16 0.02 हेक्टे. 0.32 करोड़ रुपये
मालिक जमीन कीमत (करोड़) भूमि क्षेत्रफल कुल लागत
केंद्र सरकार रेलवे 69 0.06 हेक्टे. 4.08 करोड़
केंद्र सरकार रेलवे 1.32 0.45 हेक्टे. 0.59 करोड़
केंद्र सरकार रक्षा संपदा 40.76 0.60 हेक्टे. 24.59 करोड़
रक्षा संपदा अस्थायी 1.32 0.57 हेक्टे. 0.75 करोड़
राज्य सरकार स्थायी 5.50 25.02 हेक्टे. 137.61 करोड़
राज्य सरकार पार्किंग 00 6.74 हेक्टे. शून्य
राज्य सरकार अस्थायी 1.32 15 हेक्टे. 19.80 करोड़
राज्य सरकार स्थायी 3.96 4.75 हेक्टे. 18.83 करोड़
निजी भूमि स्थायी 124.57 0.24 हेक्टे. 29.90 करोड़
निजी भूमि अस्थायी 16.56 0.45 हेक्टे. 7.45 करोड़
निजी भूमि स्थायी 16 0.02 हेक्टे. 0.32 करोड़ रुपये
दूसरे कॉरीडोर के लिए जमीन
केंद्र सरकार रेलवे 35 0.28 हेक्टे. 9.80 करोड़
केंद्र सरकार रेलवे 3.96 0.03 हेक्टे. 0.12 करोड़
केंद्र सरकार रक्षा संपदा 35 0.50 हेक्टे. 17.50 करोड़
राज्य सरकार अस्थायी 5.50 14.68 हेक्टे. 80.74 करोड़
राज्य सकरार पार्किंग 00 6.03 हेक्टे. शून्य
राज्य सरकार अस्थायी भूमि 2.98 12.23 हेक्टे. 16.14 करोड़
राज्य सरकार अस्थायी भूमि 3 0.09 हेक्टे. 0.27 करोड़
निजी भूमि स्थायी रूप से 73.41 0.54 हेक्टे. 39.59 करोड़
निजी भूमि स्थायी रूप से 16 0.63 हेक्टे. 10.08 करोड़
(कीमत प्रति हेक्टेयर करोड़ रुपये में)
केंद्र सरकार रेलवे 35 0.28 हेक्टे. 9.80 करोड़
केंद्र सरकार रेलवे 3.96 0.03 हेक्टे. 0.12 करोड़
केंद्र सरकार रक्षा संपदा 35 0.50 हेक्टे. 17.50 करोड़
राज्य सरकार अस्थायी 5.50 14.68 हेक्टे. 80.74 करोड़
राज्य सकरार पार्किंग 00 6.03 हेक्टे. शून्य
राज्य सरकार अस्थायी भूमि 2.98 12.23 हेक्टे. 16.14 करोड़
राज्य सरकार अस्थायी भूमि 3 0.09 हेक्टे. 0.27 करोड़
निजी भूमि स्थायी रूप से 73.41 0.54 हेक्टे. 39.59 करोड़
निजी भूमि स्थायी रूप से 16 0.63 हेक्टे. 10.08 करोड़
(कीमत प्रति हेक्टेयर करोड़ रुपये में)