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ताजनगरी की मेट्रो को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी, प्रोजेक्ट के लिए लगाने होंगे दस गुना अधिक पेड़

Thu, 23 Jul 2020 12:00 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 23 Jul 2020 12:00 PM IST
सार

प्रोजेक्ट के लिए 1823 पेड़ काटने पर 10 गुना ज्यादा 18230 लगाने होंगे
 

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Agra Metro Train Project Order By Supreme Court
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिल गई है। 14 जुलाई को लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन की याचिका पर हुई सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल एंपावर्ड कमिटी की सिफारिशों का पालन करने की शर्तों के साथ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीईसी की सिफारिशों के तहत मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 1823 पेड़ों की जगह 10 गुना ज्यादा 18230 पेड़ लगाने होंगे। वन, पर्यावरण मंत्रालय और एएसआई से जरूरी अनुमति भी हासिल करनी होगी।
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इसी मामले में एक अन्य याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने आदेश के बारे में बताया कि यह सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हो गया है। सेंट्रल एंपावर्ड कमिटी ने 12 फरवरी को अपनी सिफारिशें सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी थी। बीते साल दिसंबर में हुई सुनवाई में कोर्ट ने लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की याचिका पर सीईसी से रिपोर्ट मांगी थी। कमेटी के आगरा में दौरे के बाद उम्मीदें बंधीं थीं कि पर्यावरण संबंधी मंजूरी मिल सकती है।

Agra Metro Train Project Order By Supreme Court
यहां से जानी है मेट्रो का ट्रैक - फोटो : अमर उजाला
ये सिफारिशें की हैं कमेटी ने
18230 पेड़ों को लगाने के लिए फतेहाबाद में 21 हेक्टेयर जमीन कॉरपोरेशन वन विभाग को देगा जिसे प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट ग्रुप में दर्ज किया जाएगा।

मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 4.183 हेक्टेयर जमीन के लिए वन मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी और इसकी जगह जमीन की कीमत जमा करनी होगी।

जितने भी पेड़ ट्रैक के रास्ते में आएंगे उन्हें काटने की अनुमति दी जाएगी चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट।

जहां पेड़ लगेंगे, वहां 2 फीट ऊंची दीवार पर कटीले तारों की बाड़ लगाई जाएगी ताकि पशु उसे नुकसान ना पहुंचा सकें।

18230 पेड़ों की देखभाल के लिए पानी की व्यवस्था होगी, खासकर गर्मी के सीजन में। 3 साल तक पौधों की देखरेख करनी होगी। स्मारकों के पास की जमीन पर और मेट्रो के स्टेशन पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना होगा और मेट्रो स्टेशन के बाहर टूरिस्ट बसों और कारों के लिए पार्किंग के लिए जगह देनी होगी।

ये है आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट
पहला कॉरिडोर, सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक : 14 किमी लंबाई, 6.53 किमी एलीवेटेड, 7.64 किमी अंडरग्राउंड
दूसरा कॉरिडोर, आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक : 16 किमी लंबाई, यह पूरा ट्रैक एलीवेटेड होगा।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत 8379 करोड़ रुपये है।
शहर में तीस किमी लंबा ट्रैक होगा और तीस स्टेशन होंगे। 

ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए है मेट्रो
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस सुभाष रेड्डी और जस्टिस ए एस बोपन्ना की बेंच ने लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की याचिका पर कहा कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट आगरा की ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए है। सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी की सिफारिश देखने के बाद अनुमति के लिए यह फिट केस है। कॉरपोरेशन को सेंट्रल एंपावर्ड कमिटी की सिफारिशों का पूरी तरह से पालन करना होगा।

शरद गुप्ता की याचिका पर सुनवाई तीन सप्ताह बाद
मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में हरे पेड़ काटने को लेकर आगरा के पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता ने भी इंटरलॉक्यूटरी एप्लीकेशन दायर कर रखी है जिसमें 3 सप्ताह बाद सुनवाई का समय तय किया गया है। डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि उन्होंने भी अपनी याचिका में पर्यावरण संबंधी बिंदुओं को उठाया है। वह सुनवाई में अपना पक्ष रखेंगे।
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