नए निर्देश: जानिए कितने बजे तक खुलेंगी आगरा में परचून की दुकानें, शाम तक खुलेंगी डेयरी
हरीपर्वत थाना पर आगरा व्यापार मंडल के साथ हुई बैठक में तय हुआ कि किसी भी व्यापारी को अपने प्रतिष्ठान जाने के लिए नहीं रोका जाएगा। इसके लिए उन्हें पुलिस चेकिंग के दौरान व्यापार मंडल द्वारा दिया गया पहचानपत्र दिखाना होगा।
विस्तार
ताजनगरी में 17 मई तक बढ़ाए गए कोरोना कर्फ्यू में दुकानों के खोलने में आ रही दिक्कतों पर व्यापारियों ने मंगलवार को एडीएम सिटी और एसपी सिटी से मुलाकात की, जिसमें एडीएम सिटी ने स्पष्ट कहा कि परचून की फुटकर दुकानें सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक और डेयरी सुबह-शाम खुलेंगी।
हरीपर्वत थाना पर आगरा व्यापार मंडल के साथ हुई बैठक में तय हुआ कि किसी भी व्यापारी को अपने प्रतिष्ठान जाने के लिए नहीं रोका जाएगा। इसके लिए उन्हें पुलिस चेकिंग के दौरान व्यापार मंडल द्वारा दिया गया पहचानपत्र दिखाना होगा। इसके लिए तय प्रारूप सभी बाजार कमेटियों को दिया गया है। वह परिचयपत्र जारी करें। एडीएम सिटी ने बताया कि फुटकर परचून की दुकानें सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुलेंगी।
मोतीगंज जैसे थोक बाजार सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खोले जाएंगे। लोडिंग-अनलोडिंग के लिए सुबह 7 बजे से 10 बजे तक समय रहेगा। दूध डेयरी की दुकानें सुबह के अलावा शाम 5 से 7 बजे तक खुलेंगी। पैकेजिंग वालों की दुकानें भी सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खोली जा सकेंगी। ट्रांसपोर्ट कंपनियों को भी तय समय पर खोला जा सकेगा। बैठक में आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति अध्यक्ष रमन लाल गोयल, अतुल बंसल, जय पुरसनानी, अखिल मंगवानी, दीपक शर्मा, योगेश रखवानी मौजूद रहे।
इधर बैठक, उधर पुलिस ने काटा चालान
प्रशासन ने मिठाई की दुकानें मंगलवार से खोलने के आदेश दिए, लेकिन पुलिस ने विक्रेता का चालान कर दिया। इससे व्यापारी संगठनों में आक्रोश है। मंगलवार दोपहर जब व्यापारी संगठन एसपी सिटी और एडीएम सिटी के साथ बैठक कर रहे थे, तब कमला नगर स्थित मोरमुकुट मिष्ठान भंडार पर दोपहर में कमलानगर थाना प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने दुकान का चालान काट दिया। संचालक ने पुलिस को डीएम के आदेश का हवाला दिया, फिर भी उनका 500 रुपये का चालान कर दिया गया।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने एडीएम सिटी और एसपी सिटी को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। फेडरेशन के मिष्ठान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शिशिर भगत ने कहा कि मिष्ठान विक्रेता तो पहले से ही पूर्ण बंदी का पालन करते आ रहे हैं। प्रशासन के कहने पर ही दुकानें पहले दिन खोली गईं। इस तरह की कार्रवाई करना निंदनीय है।