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UPSC RESULT: प्राची ने पहले ही प्रयास में फहराया परचम
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 31 May 2017 11:58 PM IST
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प्राची सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सचिव राम सिंह की बेटी प्राची सिंह ने पहले प्रयास में ही यूपीएससी (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) में परचम फहराया है। 25 वर्ष की आयु में वह आईएएस बन गई हैं। उनकी रैंक 154 है।
राम सिंह गौतम फतेहपुर के मूल निवासी हैं। करीब साढ़े तीन वर्ष (27 जनवरी 2017) तक वह आगरा में अपर नगर आयुक्त के पद पर तैनात रहे। परिवार अभी भी यहीं है। उन्होंने बताया कि प्राची शुरू से पढ़ने में तेज रही हैं।
10वीं आईसीएसई बोर्ड से 86 फीसदी अंकों के साथ, 12 वीं मथुरा से 85 फीसदी अंकों के साथ किया। एलएलबी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से और एलएलएम भोपाल के एनएलआईयू से किया। दोनों में सेकेंड टॉपर रहीं। एलएलएम के दौरान ही नेट, जेआरएफ उत्तीर्ण किया।
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प्राची आईएएस बनना चाहती थीं। वह 12 से 13 घंटे पढ़ती थीं। राम सिंह ने बताया कि सेंटर फॉर एंबीशन से प्राची को काफी मदद मिली। इसके डायरेक्टर अमित सिंह ने नोट्स उपलब्ध कराने के साथ प्राची का मार्गदर्शन भी किया। प्राची की मां ऊषा सिंह तीन विषयों में एमए हैं। छोटा भाई यशोवर्धन सेंट पीटर्स कालेज में कक्षा 12 में पढ़ रहा है।
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राम सिंह गौतम फतेहपुर के मूल निवासी हैं। करीब साढ़े तीन वर्ष (27 जनवरी 2017) तक वह आगरा में अपर नगर आयुक्त के पद पर तैनात रहे। परिवार अभी भी यहीं है। उन्होंने बताया कि प्राची शुरू से पढ़ने में तेज रही हैं।
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10वीं आईसीएसई बोर्ड से 86 फीसदी अंकों के साथ, 12 वीं मथुरा से 85 फीसदी अंकों के साथ किया। एलएलबी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से और एलएलएम भोपाल के एनएलआईयू से किया। दोनों में सेकेंड टॉपर रहीं। एलएलएम के दौरान ही नेट, जेआरएफ उत्तीर्ण किया।
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प्राची आईएएस बनना चाहती थीं। वह 12 से 13 घंटे पढ़ती थीं। राम सिंह ने बताया कि सेंटर फॉर एंबीशन से प्राची को काफी मदद मिली। इसके डायरेक्टर अमित सिंह ने नोट्स उपलब्ध कराने के साथ प्राची का मार्गदर्शन भी किया। प्राची की मां ऊषा सिंह तीन विषयों में एमए हैं। छोटा भाई यशोवर्धन सेंट पीटर्स कालेज में कक्षा 12 में पढ़ रहा है।