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UP: आगरा किले का शीशमहल, जिसे अंदर से नहीं देख सकते आम पर्यटक; अब भव्यता निहारने का मिलेगा मौका
Thu, 07 May 2026 11:48 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 07 May 2026 11:48 AM IST
सार
आगरा किले के बंद पड़े ऐतिहासिक शीशमहल की भव्यता अब पर्यटक एलईडी स्क्रीन पर देख सकेंगे। एएसआई दो माह के भीतर शीशमहल और मुसम्मन बुर्ज के बाहर वीडियो स्क्रीन लगाकर इनके इतिहास और अंदरूनी खूबसूरती को प्रदर्शित करेगा।
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आगरा किले का शीशमहल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
यूनेस्को की विश्व धरोहर में शुमार आगरा किला के शीशमहल का दीदार आम पर्यटकों के लिए बंद है। किले का यह मुख्य आकर्षण है। ऐसे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने किले के शीशमहल और मुसम्मन बुर्ज के गेट पर एलईडी स्क्रीन लगाने का फैसला किया है। इस पर शीशमहल और मुसम्मन बुर्ज की खासियत दिखाने वाले वीडियो चलेंगे। पर्यटक शीशमहल के बंद दरवाजों के पीछे के रहस्य को एलईडी स्क्रीन के जरिये देख सकेंगे।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिथा कुमार ने बताया कि महानिदेशक के आदेश पर वर्ष 2003 में शीशमहल को आम पर्यटकों के लिए बंद किया गया था। किले में वीआईपी और अन्य मेहमान इसे देखने के लिए जिद करते हैं, ऐसे में यहां शीशमहल के गेट पर ही एलईडी लगा दी जाएगी, जिस पर शीशमहल की भव्यता दिखाने वाला वीडियो दिखाया जाएगा।
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पर्यटक जान सकेंगे कि शीशमहल के अंदर क्या-क्या है। दो माह के अंदर इसे शुरू कर दिया जाएगा। इसी तरह मुसम्मन बुर्ज में भी एलईडी स्क्रीन लगाकर इसकी खासियत दिखाने का विचार है। मुसम्मन बुर्ज में औरंगजेब ने मुगल बादशाह शाहजहां को कैद कर रखा था।
सीरिया के हलब का शीशा है इसकी खासियत
मुगल बादशाह शाहजहां ने 1631-40 के बीच आगरा किला के अंगूरी बाग से सटे हिस्से में बाईं ओर मुसम्मन बुर्ज के ठीक सामने तामीर किए गए शीशमहल के लिए सीरिया के हलब से कांच मंगवाया था, जिसे शीशा-ए-हलबी नाम दिया गया था। प्लास्टर में स्थापित इसकी दीवारों और छत में कांच के कारण इसका नाम शीशमहल रखा गया।
मुगल बादशाह शाहजहां ने 1631-40 के बीच आगरा किला के अंगूरी बाग से सटे हिस्से में बाईं ओर मुसम्मन बुर्ज के ठीक सामने तामीर किए गए शीशमहल के लिए सीरिया के हलब से कांच मंगवाया था, जिसे शीशा-ए-हलबी नाम दिया गया था। प्लास्टर में स्थापित इसकी दीवारों और छत में कांच के कारण इसका नाम शीशमहल रखा गया।
ब्रिटिश दौर में आगरा किले की लूटपाट में अधिकांश कांच का काम गायब हो गया लेकिन 1978-81 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आगरा सर्कल की ओर से इसका अधिकांश हिस्सा दोबारा बहाल किया गया था। जब यह खुला था, तब पर्यटकों ने इसके शीशे निकाल लिए, जिससे यह स्मारक अपनी चमक खाेने लगा था। 127 मीटर के दो कमरों वाले शीशमहल में गर्म और ठंडे पानी के टैंक और फव्वारा इसे हर मौसम के लिए खास बनाते हैं।
फिल्म के कारण बन गया आकर्षण का केंद्र
मुगल-ए-आजम फिल्म के गीत प्यार किया तो डरना क्या के दृश्य में कांच के टुकड़ों से बनाए गए सेट में नाचते हुए अनारकली के हजारों अक्स नजर आते हैं। शीशमहल ठीक वैसा ही है, जहां अंधेरे में माचिस की एक तीली की रोशनी से पूरा शीशमहल जगमगा उठता है और हजारों अक्स नजर आने लगते हैं।
मुगल-ए-आजम फिल्म के गीत प्यार किया तो डरना क्या के दृश्य में कांच के टुकड़ों से बनाए गए सेट में नाचते हुए अनारकली के हजारों अक्स नजर आते हैं। शीशमहल ठीक वैसा ही है, जहां अंधेरे में माचिस की एक तीली की रोशनी से पूरा शीशमहल जगमगा उठता है और हजारों अक्स नजर आने लगते हैं।