कोरोना की चपेट में आगरा के जनप्रतिनिधि: भाजपा सांसद राजकुमार चाहर सहित 132 पॉजिटिव मरीज मिले
आगरा में गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार 303 संक्रमित हो गए हैं। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को थामने के लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है।
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आगरा में कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण बढ़ रहा है। गुरुवार को पिछले 24 घंटे में 4,394 सैंपल की जांच में 132 नए मरीज मिले हैं। वर्तमान में 303 सक्रिय मरीज हैं। जिले में अबतक 26,085 मरीजों में से 25,323 स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 458 की मौत हो चुकी है। गुरुवार को फतेहपुरसीकरी से सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर भी कोरोना वायरस संक्रमित हो गए हैं। गुरुवार को उन्होंने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के दौरे पर थे। हल्का जुकाम होने पर उन्होंने जांच कराई। बुधवार को उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्होंने खुद को होम आइसोलेट कर लिया। वहीं पत्नी की भी कोरोना रिपोर्ट कराई है। पिछले दिनों संपर्क में आए लोगों से जांच कराने का उन्होंने अनुरोध किया है। आगरा में अब चार जनप्रतिनिधि कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। केंद्रीय कानून राज्य मंत्री और आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, भाजपा के दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक योगेंद्र उपाध्याय और महापौर नवीन जैन शामिल हैं।
ताजनगरी में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है। तीन गुना रफ्तार से संक्रमित बढ़ रहे हैं। शासन के निर्देशों के बावजूद भीड़ नियंत्रण एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन का रवैया लचर है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
रोकथाम हो रही न संदिग्धों की जांच
कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का पहला मरीज मिलने के बावजूद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की रोकथाम और संदिग्धों की जांच को लेकर लापरवाह है। संक्रमण बढ़ने के साथ जांचों की संख्या घट रही है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है जिले में 64 केंद्रों पर जांच की सुविधा है। उन्होंने कहा, जिन लोगों को लक्षण हैं वह खुद अपनी जांच करा सकते हैं।
22 महीने में बदल गए इंतजाम
ताजनगरी में पहला मरीज 2 मार्च 2020 को मिला था। तब एक ही परिवार के पांच लोग संक्रमित हुए थे। इसके बाद अप्रैल 2021 में संक्रमण की दूसरी लहर आई। जिसमें मरीजों की मौत का आंकड़ा 458 पहुंच गया। जिसके नौ महीने बाद जनवरी 2022 में फिर तीसरी लहर शुरू हो गई है। परंतु इन 22 महीनों में इंतजाम बदल गए हैं। इस दौरान कन्टेन्मेंट जोन, सैनिटाइजेशन, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस, कोविड नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और दफ्तरों में कोविड हेल्प डेस्क बंद पड़ी हैं। जिसके कारण संक्रमण का प्रसार हो सकता है।