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नकली दवाओं का काला खेल: मोबाइल की हिस्ट्री कर दी साफ...जलाकर नष्ट की गईं नकली दवाएं; डिलीट डाटा खोलेगा राज
Fri, 02 Oct 2026 09:20 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 02 Oct 2026 09:20 AM IST
सार
धनौली में पांच करोड़ रुपये की नकली दवाओं की बरामदगी के बाद आरोपी के मोबाइल से यमुना किनारे दवाएं जलाने के वीडियो और फोटो मिले हैं। पुलिस को मोबाइल से कुछ डाटा डिलीट किए जाने का भी पता चला है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
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दवा छापा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के धनौली के दवा बरामदगी मामले में पकड़े गए आरोपी के मोबाइल ने कई राज खोले हैं। इसमें यमुना किनारे दवाओं को जलाकर नष्ट करने के वीडियो-फोटो मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि ये दवाएं टेढ़ी बगिया स्थित गोदाम से निकाल कर जलाई गई हैं। मोबाइल में कुछ डाटा डिलीट भी कर दिया गया है। इसकी रिकवरी करने के लिए फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
बीते मंगलवार को धनौली में अवैध गोदाम में देश-विदेश की नामी कंपनियों की करीब पांच करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की गई थीं। मौके पर इसरार और सलुआ उर्फ मुकीम को पकड़ा गया। मोबाइल जब्त किया गया। जांच करने पर इसमें कई वीडियो और फोटो मिले हैं, जिसमें यमुना के किनारे दवाओं को जलाते हुए दिखाया जा रहा है। एक वीडियो में यमुना किनारे दवाओं पर डीजल डाला जा रहा है और दूसरे वीडियो में आग लगता हुआ है। ये वीडियो 27 सितंबर की रात के हैं।
ये दवाएं टेढ़ी बगिया स्थित गोदाम की होने की आशंका है। यहां जांच करने पर गोदाम मालिक ने पवन कुमार को किराए पर देने की बात बताई। 27 को ही गोदाम से दवाएं खाली कर चाबी वापस कर दी गई है। ऐसे में ये दवाएं टेढ़ी बगिया से लाकर यमुना किनारे जलाकर नष्ट की गई हैं। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पता चल सकेगा कि कौन फोटो, वीडियो और चैट को डिलीट किया गया है। जिन फोन नंबर पर ये जानकारी साझा की गई है, उनकी भी जांच की जाएगी।
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घनी आबादी में ढूंढ़े जा रहे गोदाम
पुलिस और औषधि विभाग की टीम को नकली दवाओं के और भी गोदाम घनी आबादी में होने की आशंका है। आरोपियों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घनी आबादी में छोटे-छोटे गोदाम में दवाएं हो सकती हैं। इसकी जांच की जा रही है।
नामी कंपनी के नाम से नकली दवाएं
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि छापे में मधुमेह, थायराइड, कैंसर, हृदय रोग, एलर्जी समेत कई बीमारियों की 14 तरह की दवाएं जब्त की थीं। ये देश-विदेश की नामी कंपनियों की हैं। इनकी कीमत अधिक है लेकिन नकली होने पर मोटे कमीशन पर विक्रेताओं को फायदा है। ऐसी दवाएं बीमारी पर बेअसर हैं या फिर पूरी तरह से कारगर नहीं है। इससे इलाज करा रहे गंभीर मरीजों की जान को भी खतरा है। जांच में नमूने फेल होने पर आरोपियों के खिलाफ केस में धारा और बढ़ाई जाएंगी।
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि दवाओं के मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है। विवेचक साक्ष्य संकलन करेंगे। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया है।
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बीते मंगलवार को धनौली में अवैध गोदाम में देश-विदेश की नामी कंपनियों की करीब पांच करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की गई थीं। मौके पर इसरार और सलुआ उर्फ मुकीम को पकड़ा गया। मोबाइल जब्त किया गया। जांच करने पर इसमें कई वीडियो और फोटो मिले हैं, जिसमें यमुना के किनारे दवाओं को जलाते हुए दिखाया जा रहा है। एक वीडियो में यमुना किनारे दवाओं पर डीजल डाला जा रहा है और दूसरे वीडियो में आग लगता हुआ है। ये वीडियो 27 सितंबर की रात के हैं।
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ये दवाएं टेढ़ी बगिया स्थित गोदाम की होने की आशंका है। यहां जांच करने पर गोदाम मालिक ने पवन कुमार को किराए पर देने की बात बताई। 27 को ही गोदाम से दवाएं खाली कर चाबी वापस कर दी गई है। ऐसे में ये दवाएं टेढ़ी बगिया से लाकर यमुना किनारे जलाकर नष्ट की गई हैं। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पता चल सकेगा कि कौन फोटो, वीडियो और चैट को डिलीट किया गया है। जिन फोन नंबर पर ये जानकारी साझा की गई है, उनकी भी जांच की जाएगी।
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घनी आबादी में ढूंढ़े जा रहे गोदाम
पुलिस और औषधि विभाग की टीम को नकली दवाओं के और भी गोदाम घनी आबादी में होने की आशंका है। आरोपियों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घनी आबादी में छोटे-छोटे गोदाम में दवाएं हो सकती हैं। इसकी जांच की जा रही है।
नामी कंपनी के नाम से नकली दवाएं
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि छापे में मधुमेह, थायराइड, कैंसर, हृदय रोग, एलर्जी समेत कई बीमारियों की 14 तरह की दवाएं जब्त की थीं। ये देश-विदेश की नामी कंपनियों की हैं। इनकी कीमत अधिक है लेकिन नकली होने पर मोटे कमीशन पर विक्रेताओं को फायदा है। ऐसी दवाएं बीमारी पर बेअसर हैं या फिर पूरी तरह से कारगर नहीं है। इससे इलाज करा रहे गंभीर मरीजों की जान को भी खतरा है। जांच में नमूने फेल होने पर आरोपियों के खिलाफ केस में धारा और बढ़ाई जाएंगी।
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि दवाओं के मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है। विवेचक साक्ष्य संकलन करेंगे। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया है।