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फ्रेंच राष्ट्रपति रहते हुए इन्होंने दो बार किया ताजमहल का दीदार, पर इस वजह से चर्चा में रही यात्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 11 Mar 2018 01:43 PM IST
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निकोलस सरकोजी
- फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल के दीदार के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के साथ अपने रिश्तों की बुनियाद को और ज्यादा मजबूत करेंगे।
महज दस साल में फ्रांस के राष्ट्रपति की यह तीसरी बार ताजमहल यात्रा है। ताजमहल के दीदार के साथ ही भारत के साथ फ्रांस की दोस्ती मजबूत होती रही।
रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु, विज्ञान समेत कई समझौतों पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ताज दीदार के बाद ही हस्ताक्षर किए। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के भारत दौरे में हर बार ताजमहल की यात्रा उनके दौरे के पहले दिनों में शामिल रही है।
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महज दस साल में फ्रांस के राष्ट्रपति की यह तीसरी बार ताजमहल यात्रा है। ताजमहल के दीदार के साथ ही भारत के साथ फ्रांस की दोस्ती मजबूत होती रही।
रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु, विज्ञान समेत कई समझौतों पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ताज दीदार के बाद ही हस्ताक्षर किए। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के भारत दौरे में हर बार ताजमहल की यात्रा उनके दौरे के पहले दिनों में शामिल रही है।
फतेहपुर सीकरी में निकोलस सरकोजी
- फोटो : अमर उजाला
प्रेम का स्मारक ताजमहल फ्रांस के प्रथम नागरिकों को लगातार लुभा रहा है। मैक्रों से पहले साल 2008 और 2010 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ताजमहल का दीदार करने आ चुके हैं।
लेकिन उनकी आगरा यात्रा चिश्ती की दरगाह पर संतान के लिए मन्नत का धागा बांधने को लेकर चर्चित हुई। उनकी पत्नी कार्ला ब्रूनी ने चिश्ती की दरगाह पर मन्नत मांगी थी, जो एक साल बाद ही पूरी हुई।
साल 2011 में ब्रूनी ने सरकोजी की बेटी को जन्म दिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति रहे निकोलस सरकोजी ने प्रेम के स्मारक ताजमहल को एक नहीं, बल्कि दो बार निहारा है।
लेकिन उनकी आगरा यात्रा चिश्ती की दरगाह पर संतान के लिए मन्नत का धागा बांधने को लेकर चर्चित हुई। उनकी पत्नी कार्ला ब्रूनी ने चिश्ती की दरगाह पर मन्नत मांगी थी, जो एक साल बाद ही पूरी हुई।
साल 2011 में ब्रूनी ने सरकोजी की बेटी को जन्म दिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति रहे निकोलस सरकोजी ने प्रेम के स्मारक ताजमहल को एक नहीं, बल्कि दो बार निहारा है।
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तब अकेला देखा था ताजमहल
एक बार वह गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने 2008 में आए थे, तब अकेले ही ताजमहल निहारने आए। उस दौरान कार्ला ब्रूनी उनकी मित्र थीं, जिसके कारण उन्हें प्र्रोटोकॉल नहीं मिल पाता।
उसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध मॉडल कार्ला ब्रूनी से शादी की और एक साथ ताज देखने का अपना वादा पूरा किया। सरकोजी दिसंबर 2010 में ब्रूनी के साथ ताजमहल का दीदार करने आए।
शाम को ढलते सूरज की सुनहरी रोशनी में उन्होंने ताजमहल का दीदार किया था। अमर विलास होटल के कमरों से भी दोनों ने ताज निहारा था। इसी दौरान वह फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह भी पहुंचे थे।
उसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध मॉडल कार्ला ब्रूनी से शादी की और एक साथ ताज देखने का अपना वादा पूरा किया। सरकोजी दिसंबर 2010 में ब्रूनी के साथ ताजमहल का दीदार करने आए।
शाम को ढलते सूरज की सुनहरी रोशनी में उन्होंने ताजमहल का दीदार किया था। अमर विलास होटल के कमरों से भी दोनों ने ताज निहारा था। इसी दौरान वह फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह भी पहुंचे थे।