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Agra News: आगरा के जिला अस्पताल का हाल, नहीं हो पा रहे ऑपरेशन, निराश लौट रहे मरीज

Fri, 11 Nov 2022 01:34 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 11 Nov 2022 01:34 PM IST
सार

 जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए हर माह 200 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें से महज 30 से 35 मरीजों का ही  ऑपरेशन हो पाता है।

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Agra district hospital condition  operations are not being done patients returning disappointed in agra
जिला अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के जिला अस्पताल में सभी मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। हर महीने करीब 200 मरीज यहां ऐसे आते हैं जिनका ऑपरेशन होना होता है। सर्जन की कमी के चलते इनमें से महज 30 से 35 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पा रहा है। बाकी करीब 170 मरीजों को निराश लौटना पड़ता है। 

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सर्जन के चार पद, दो हैं खाली 

जिला अस्पताल में सर्जन के चार पद सृजित हैं। इसमें से दो पद खाली हैं। तैनात दो में से एक जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल खुद हैं। उनके पास प्रशासनिक कार्य अधिक होते हैं। बचे एक सर्जन डॉ. डीवी सिंह को ऑपरेशन के साथ ओपीडी में देखना होता है। ओपीडी में ही मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऑपरेशन के लिए कम समय मिल पाता है। ऑपरेशन वाले मरीजों को दूसरी जगह पर रुख करना पड़ता है। अधिकतर मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं।  

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ये बोले प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि सर्जन के पद खाली होने से ऑपरेशन कम हो पा रहे हैं। जबकि ऑपरेशन वाले मरीज बड़ी संख्या में रोज पहुंचते हैं। चिकित्सकों के खाली पदों के संबंध में शासन को जानकारी दी गई है। पांच वर्ष पहले सभी चार सर्जन तैनात थे तो जिला अस्पताल में हड्डी वाले मरीजों को छोड़कर 100 से 120 ऑपरेशन प्रति माह होते थे। चिकित्सक मिल जाएं तो ऑपरेशन की संख्या फिर बढ़ जाएगी। प्रमुख अधीक्षक ने कहा कि कुछ मरीजों के ऑपरेशन वह खुद भी करते हैं। 

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इमरजेंसी वाले ऑपरेशन रहते हैं प्राथमिकता में 

जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए प्रति माह करीब 200 मरीज पहुंचते हैं। चिकित्सक न होने या 10 से 15 दिन बाद की तारीख दिए जाने पर मरीज दूसरे अस्पताल का रुख करते हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इमरजेंसी वाले ऑपरेशन उसी दिन कर दिए जाते हैं। कई बार सर्जन की वीआईपी व अन्य ड्यूटी लगी होती है तो उनकी उपलब्धता नहीं रहती। 

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