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ताजनगरी मांगे जवाबः घोषणाओं के जहाज खूब उड़े, पर एयरपोर्ट न मिल पाया
Wed, 30 Sep 2020 10:44 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 30 Sep 2020 10:44 AM IST
सार
मौजूदा सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी इसे प्राथमिकता में बताया लेकिन काम अब तक अधूरा ही है। सबसे पहला काम चारदीवारी का है। इसे लोक निर्माण विभाग बना रहा है। मुश्किल से एक महीने का काम था जो दो साल में पूरा नहीं हुआ।
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आगरा एयरपोर्ट की मांग अभी अधूरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में एयरपोर्ट बनाने की घोषणाएं तो खूब की गई लेकिन यह अब तक बन नहीं पाया है। इसे बनाने की 25 साल से मांग उठ रही है। पिछली सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने सिविल एंक्लेव (एयरपोर्ट) के लिए जमीन अधिग्रहण का बजट जारी किया। मौजूदा सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी इसे प्राथमिकता में बताया लेकिन काम अब तक अधूरा ही है।
सबसे पहला काम चारदीवारी का है। इसे लोक निर्माण विभाग बना रहा है। मुश्किल से एक महीने का काम था जो दो साल में पूरा नहीं हुआ। इसका कारण यह है कि 90 फीसदी काम पूरा हो जाने के बाद जमीन का विवाद आ गया। विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह ने बताया कि जैसे ही जमीन मिलेगी, वैसे ही काम पूरा कर दिया जाएगा।
दो जगह काम रुका हुआ है। दरअसल, एक जगह मकान है और दूसरी जगह खेत है। इनके स्वामी से तहसील प्रशासन कई बार बात कर चुका है लेकिन बात बनी नहीं है। चारदीवारी पूरी होने के बाद यह प्रोजेक्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी के सुपुर्द किया जाएगा। तब एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होगा।
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सबसे पहला काम चारदीवारी का है। इसे लोक निर्माण विभाग बना रहा है। मुश्किल से एक महीने का काम था जो दो साल में पूरा नहीं हुआ। इसका कारण यह है कि 90 फीसदी काम पूरा हो जाने के बाद जमीन का विवाद आ गया। विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह ने बताया कि जैसे ही जमीन मिलेगी, वैसे ही काम पूरा कर दिया जाएगा।
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दो जगह काम रुका हुआ है। दरअसल, एक जगह मकान है और दूसरी जगह खेत है। इनके स्वामी से तहसील प्रशासन कई बार बात कर चुका है लेकिन बात बनी नहीं है। चारदीवारी पूरी होने के बाद यह प्रोजेक्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी के सुपुर्द किया जाएगा। तब एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होगा।
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... तो पर्यटन को लग जाएंगे पंख
अभी तक हम उड़ान भरने में एयरफोर्स के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें 10, 500 मीटर और 6000 मीटर के दो रनवे हैं। मगर, आम नागरिक को काफी परेशानियां आती है। सुरक्षा की दृष्टि से कई बार चेकिंग होती है।
ऐसे में लोग यहां आने की बजाय दिल्ली, लखनऊ की फ्लाइट कर सड़क मार्ग से आगरा जाते हैं। टर्मिनल बनने से ये परेशानी खत्म हो जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स का आवागमन शुरू हो जाएगा। पर्यटक ज्यादा आएंगे तो पर्यटन को पंख लगेंगे। - राजीव तिवारी, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ट्रेवल एसोसिएशन।
राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी
सिविल टर्मिनल का न बनने का सबसे बड़ा कारण राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी है। चुनाव के समय घोषणा कर दी जाती है और बाद में उस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। संदीप अरोरा, अध्यक्ष आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन।
अभी तक हम उड़ान भरने में एयरफोर्स के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें 10, 500 मीटर और 6000 मीटर के दो रनवे हैं। मगर, आम नागरिक को काफी परेशानियां आती है। सुरक्षा की दृष्टि से कई बार चेकिंग होती है।
ऐसे में लोग यहां आने की बजाय दिल्ली, लखनऊ की फ्लाइट कर सड़क मार्ग से आगरा जाते हैं। टर्मिनल बनने से ये परेशानी खत्म हो जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स का आवागमन शुरू हो जाएगा। पर्यटक ज्यादा आएंगे तो पर्यटन को पंख लगेंगे। - राजीव तिवारी, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ट्रेवल एसोसिएशन।
राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी
सिविल टर्मिनल का न बनने का सबसे बड़ा कारण राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी है। चुनाव के समय घोषणा कर दी जाती है और बाद में उस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। संदीप अरोरा, अध्यक्ष आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन।
देरी से पर्यटन को नुकसान
काफी प्रयासों के बाद सिविल एंक्लेव को खेरिया एयरपोर्ट के बाहर बनाने का निर्णय एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ले लिया, लेकिन न तो अभी तक पूरी भूमि का अधिग्रहण राज्य सरकार कर सकी है और न ही एयरपोर्ट का निर्माण एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्रारंभ किया है। यह देरी पर्यटन व उद्योगों को निरंतर नुकसान पहुंचा रही है। जल्द से जल्द सिविल एंक्लेव की भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हों, एयरपोर्ट का निर्माण भी समयबद्ध रूप से पूरा हो। - केसी जैन, सचिव आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन।
जब एयरपोर्ट न होने से मोदी हैरान थे...
प्रधानमंत्री बनने से पूर्व 20 नवंबर 2013 को नरेंद्र मोदी आगरा में रैली करने आये थे। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया था कि आगरा जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में एयरपोर्ट नहीं है। इतना ही नहीं, 18 अप्रैल 2017 को योगी मंत्रिमंडल ने कैबिनेट मीटिंग में एयरपोर्ट का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय कर दिया था। तब आशा थी कि नामकरण होने से कार्य को रफ्तार मिलेगी लेकिन अब तक इंतजार ही है। - प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर
आठ साल का प्रयास... नतीजा सिफर
1. वर्ष 2012 में एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम आगरा आई थी। स्थानीय प्रशासन के साथ सर्वे किया और 55 एकड़ जमीन चिह्नित कर
सरकार को प्रस्ताव भेजा।
2. टीम के प्रमुख रघुरमन ने पर्यटन उद्यमियों को बताया था कि अगर मंजूरी मिलते ही डेढ़ वर्ष में एयरपोर्ट तैयार कर देंगे।
3. 2012 में प्रदेश सरकार ने कहा कि अथॉरिटी खुद ही जमीन चिह्नित करे।
4. वर्ष 2014 में केंद्र और राज्य सरकार में सहमति बन गई कि आगरा में एयरपोर्ट बनेगा।
5. 2016 में प्रदेश सरकार ने फंड जारी कर दिया। करीब 30 एकड़ जमीन ली गई।
6. 26 मार्च 2018 को सिविल एंक्लेव की चारदीवारी का काम शुरू हो गया।
7. दो साल में चारदीवारी का काम ही पूरा नहीं हो पाया है।
काफी प्रयासों के बाद सिविल एंक्लेव को खेरिया एयरपोर्ट के बाहर बनाने का निर्णय एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ले लिया, लेकिन न तो अभी तक पूरी भूमि का अधिग्रहण राज्य सरकार कर सकी है और न ही एयरपोर्ट का निर्माण एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्रारंभ किया है। यह देरी पर्यटन व उद्योगों को निरंतर नुकसान पहुंचा रही है। जल्द से जल्द सिविल एंक्लेव की भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हों, एयरपोर्ट का निर्माण भी समयबद्ध रूप से पूरा हो। - केसी जैन, सचिव आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन।
जब एयरपोर्ट न होने से मोदी हैरान थे...
प्रधानमंत्री बनने से पूर्व 20 नवंबर 2013 को नरेंद्र मोदी आगरा में रैली करने आये थे। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया था कि आगरा जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में एयरपोर्ट नहीं है। इतना ही नहीं, 18 अप्रैल 2017 को योगी मंत्रिमंडल ने कैबिनेट मीटिंग में एयरपोर्ट का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय कर दिया था। तब आशा थी कि नामकरण होने से कार्य को रफ्तार मिलेगी लेकिन अब तक इंतजार ही है। - प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर
आठ साल का प्रयास... नतीजा सिफर
1. वर्ष 2012 में एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम आगरा आई थी। स्थानीय प्रशासन के साथ सर्वे किया और 55 एकड़ जमीन चिह्नित कर
सरकार को प्रस्ताव भेजा।
2. टीम के प्रमुख रघुरमन ने पर्यटन उद्यमियों को बताया था कि अगर मंजूरी मिलते ही डेढ़ वर्ष में एयरपोर्ट तैयार कर देंगे।
3. 2012 में प्रदेश सरकार ने कहा कि अथॉरिटी खुद ही जमीन चिह्नित करे।
4. वर्ष 2014 में केंद्र और राज्य सरकार में सहमति बन गई कि आगरा में एयरपोर्ट बनेगा।
5. 2016 में प्रदेश सरकार ने फंड जारी कर दिया। करीब 30 एकड़ जमीन ली गई।
6. 26 मार्च 2018 को सिविल एंक्लेव की चारदीवारी का काम शुरू हो गया।
7. दो साल में चारदीवारी का काम ही पूरा नहीं हो पाया है।