{"_id":"60ac6ab7d37c1024c62c945f","slug":"agra-covid-patients-death-rate-increased-in-seven-days","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चिंताजनक: कोरोना संक्रमण घटा, मृत्यु दर में आया उछाल, आगरा में सात दिन में 59 संक्रमितों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंताजनक: कोरोना संक्रमण घटा, मृत्यु दर में आया उछाल, आगरा में सात दिन में 59 संक्रमितों की मौत
Tue, 25 May 2021 08:43 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 25 May 2021 08:43 AM IST
सार
रविवार 23 मई को मृत्यु दर ने सभी पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। इस दिन मृत्यु दर 22.44% दर्ज की गई। 24 घंटे में 49 मरीज मिले और 11 की मृत्यु हो गई। ये जिले में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
विज्ञापन
आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में एक तरफ संक्रमण घट रहा है। दूसरी तरफ मृत्यु दर में आए उछाल से हर कोई हैरान है। पिछले सात दिनों में संक्रमितों की मृत्यु दर 12.82% है। जबकि इससे पहले सप्ताह में यह 1.67% थी। इस सप्ताह मृत्यु दर में 11.15% बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
ताजनगरी में 18 से 24 मई तक 460 नए मरीज मिले हैं। 59 मरीजों ने दम तोड़ा है। मृत्यु दर 12.82% है। यानी प्रत्येक 100 संक्रमितों में 12 से 13 की मृत्यु हो गई। इससे पहले 11 से 17 मई तक 1131 नए मरीज मिले थे। तब 19 मरीजों की मौत हुई थी। मरीजों की मृत्यु दर 1.67 फीसदी थी। जो अब 12.82% हो गई है। इस तरह पिछले सात दिनों में 11.15% मृत्यु दर बढ़ी है। ये पिछले 14 महीने में सर्वाधिक है। दूसरी लहर जब पीक पर थी तब भी अधिकतम मृत्यु दर 10 फीसदी रही थी। इसमें आए अप्रत्याशित उछाल की वजह अस्पतालों में डेथ ऑडिट में हुई देरी मानी जा रही है।
विज्ञापन
रविवार को टूटा रिकॉर्ड
रविवार 23 मई को मृत्यु दर ने सभी पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। इस दिन मृत्यु दर 22.44% दर्ज की गई। 24 घंटे में 49 मरीज मिले और 11 की मृत्यु हो गई। ये जिले में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
विज्ञापन
201 को निगल गई दूसरी लहर
अप्रैल में आई संक्रमण की दूसरी लहर अब तक 201 मरीजों को निगल गई। 10 अप्रैल को पहली बार 100 मरीज सामने आए। तब मृतक संख्या 180 थी। सोमवार को मृतक संख्या 381 हो गई। इस तरह पिछले 44 दिनों में 201 मरीज कोरोना की बलि चढ़ गए।
नहीं बनी संदिग्धों की रिपोर्ट
कोराना संक्रमित के अलावा दूसरी लहर में बड़े पैमाने पर संदिग्ध और नॉन कोविड मरीजों ने दम तोड़ा है। जिला प्रशासन ने ऐसे मृतकों की कोई रिपोर्ट नहीं बनाई है। नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र के आंकड़ों के मुताबिक शहर में पिछले दो महीने में 2000 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
अप्रैल में आई संक्रमण की दूसरी लहर अब तक 201 मरीजों को निगल गई। 10 अप्रैल को पहली बार 100 मरीज सामने आए। तब मृतक संख्या 180 थी। सोमवार को मृतक संख्या 381 हो गई। इस तरह पिछले 44 दिनों में 201 मरीज कोरोना की बलि चढ़ गए।
नहीं बनी संदिग्धों की रिपोर्ट
कोराना संक्रमित के अलावा दूसरी लहर में बड़े पैमाने पर संदिग्ध और नॉन कोविड मरीजों ने दम तोड़ा है। जिला प्रशासन ने ऐसे मृतकों की कोई रिपोर्ट नहीं बनाई है। नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र के आंकड़ों के मुताबिक शहर में पिछले दो महीने में 2000 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
तब: 11 से 17 मई तक
- 17 मई- 79 मरीज- 3 मृतक
- 16 मई- 111 मरीज- 3 मृतक
- 15 मई- 158 मरीज- 2 मृतक
- 14 मई- 165 मरीज- 3 मृतक
- 13 मई- 177 मरीज- 2 मृतक
- 12 मई- 189 मरीज- 3 मृतक
- 11 मई- 252 मरीज- 3 मृतक
अब : 18 से 24 मई तक
- 24 मई- 30 मरीज- 7 मृतक
- 23 मई- 49 मरीज- 11 मृतक
- 22 मई- 57 मरीज- 9 मृतक
- 21 मई- 75 मरीज- 9 मृतक
- 20 मई- 65 मरीज- 10 मृतक
- 19 मई- 88 मरीज- 9 मृतक
- 18 मई- 96 मरीज- 4 मृतक
वेंटिलेटर पर दम तोड़ रहे संक्रमित
- मरीज लंबे समय से भर्ती थे। वेंटिलेटर पर 15 से 20 दिन के इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस कारण अचानक मृत्यु दर बढ़ गई है। - डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
लापरवाही: आगरा में सुरक्षा चक्र टूटा, 35 हजार शिशुओं का टीका छूटा, एक साल से बंद है टीकाकरण
- 17 मई- 79 मरीज- 3 मृतक
- 16 मई- 111 मरीज- 3 मृतक
- 15 मई- 158 मरीज- 2 मृतक
- 14 मई- 165 मरीज- 3 मृतक
- 13 मई- 177 मरीज- 2 मृतक
- 12 मई- 189 मरीज- 3 मृतक
- 11 मई- 252 मरीज- 3 मृतक
अब : 18 से 24 मई तक
- 24 मई- 30 मरीज- 7 मृतक
- 23 मई- 49 मरीज- 11 मृतक
- 22 मई- 57 मरीज- 9 मृतक
- 21 मई- 75 मरीज- 9 मृतक
- 20 मई- 65 मरीज- 10 मृतक
- 19 मई- 88 मरीज- 9 मृतक
- 18 मई- 96 मरीज- 4 मृतक
वेंटिलेटर पर दम तोड़ रहे संक्रमित
- मरीज लंबे समय से भर्ती थे। वेंटिलेटर पर 15 से 20 दिन के इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस कारण अचानक मृत्यु दर बढ़ गई है। - डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
लापरवाही: आगरा में सुरक्षा चक्र टूटा, 35 हजार शिशुओं का टीका छूटा, एक साल से बंद है टीकाकरण