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आगरा: बालिका से दुष्कर्म-पाक्सो एक्ट के दोषी को आठ साल का कारावास

Thu, 12 Aug 2021 12:02 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 12 Aug 2021 12:02 AM IST
सार

पीड़ित बच्ची ने कोर्ट में बयान में कहा कि अंकल (अभियुक्त) ने उसे रजाई में टीवी दिखाने के बहाने बैठाया था। इसके बाद गलत हरकत की। केस में पुलिस ने ठोस पैरवी की। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो विमलेश आनंद ने कड़ी से कड़ी सजा की दलील दी। 

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Agra Court Give Eight Years Imprisonment Guilty Of Sexual Assault With Girl POCSO Act
अदालत ने सुनाई सजा

विस्तार

स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) ने थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में साढ़े पांच साल की बालिका से दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में आरोपी सचिन शर्मा को आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। अर्थदंड में से कुछ राशि पीड़िता को देने के आदेश किए हैं। कोर्ट ने साढ़े सात साल बाद फैसला सुनाया। 

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घटना 22 जनवरी 2014 की है। पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदार के घर में किराये पर रहता था। घर में रहने वाले सचिन ने बालिका से रजाई में बैठाकर हरकत की। बालिका की मां घर के बाहर बैठकर आग से हाथ ताप रही थीं। बालिका ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। बालिका के पिता काम पर थे। उन्होंने आकर मुकदमा दर्ज कराया। 
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पीड़ित बच्ची ने कोर्ट में बयान में कहा कि अंकल (अभियुक्त) ने उसे रजाई में टीवी दिखाने के बहाने बैठाया था। इसके बाद गलत हरकत की। केस में पुलिस ने ठोस पैरवी की। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो विमलेश आनंद ने कड़ी से कड़ी सजा की दलील दी। 
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 कोर्ट ने कहा... 
कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि अभियुक्त पर दुष्कर्म और पाक्सो अधिनियम की धारा चार के अपराध में दोष सिद्ध हुआ है। इन धारा में दंड समान है। क्योंकि इस मामले में पीड़िता की आयु पांच-छह वर्ष है। अत: धारा चार पाक्सो अधिनियम के अंतर्गत दंड दिया जाना न्यायोचित होगा। यौन अपराध शिशु संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा चार में न्यूनतम सात वर्ष के कारावास का प्रावधान है। दोषी को आठ साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। 

 हत्यारोपियों को जमानत नहीं 
आगरा। जिला जज ने थाना शमसाबाद क्षेत्र में युवक की हत्या के आरोपी गांव लहरपट्टी निवासी नेतराम, शिवजी और विनोद की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है।

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