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बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ा 'खेल', आगरा के शिक्षा अधिकारी हुए निलंबित
Thu, 17 Oct 2019 11:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 17 Oct 2019 11:14 AM IST
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बीएसए ओमकार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) के निलंबन की हेट्रिक बन गई है। पहले अर्चना, फिर आनंद प्रकाश और अब ओमकार सिंह को निलंबित किया गया है।
चार महीनों के भीतर ही तीनों नपे हैं। इस अवधि में दो कर्मचारी भी बेसिक शिक्षा विभाग के ही गिरफ्तार हुए हैं। कोई वेतन जारी कराने का पैसा मांग रहा था तो कोई एरियर दिलाने के नाम पर।
ओमकार सिंह आगरा में बीएसए पद पर चार महीने रहे। उनसे पहले बीएसए रहे आनंद प्रकाश और अर्चना गुप्ता को भी निलंबित किया गया था। अर्चना आनंद से पहले बीएसए रहीं थी।
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चार महीनों के भीतर ही तीनों नपे हैं। इस अवधि में दो कर्मचारी भी बेसिक शिक्षा विभाग के ही गिरफ्तार हुए हैं। कोई वेतन जारी कराने का पैसा मांग रहा था तो कोई एरियर दिलाने के नाम पर।
ओमकार सिंह आगरा में बीएसए पद पर चार महीने रहे। उनसे पहले बीएसए रहे आनंद प्रकाश और अर्चना गुप्ता को भी निलंबित किया गया था। अर्चना आनंद से पहले बीएसए रहीं थी।
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हालांकि दोनों का निलंबन आदेश एक साथ जारी किया गया था। उन पर आरोप था कि वह गैर हाजिर चल रहे शिक्षकों को वेतन जारी करते रहे। ऐसे लगभग 100 शिक्षकों की सूची सामने आई थी। इसकी शिकायत शासन में की गई थी।
फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों की नहीं हो पाई बर्खास्तगी
फर्जी डिग्री वाले 271 शिक्षकों की बर्खास्तगी नहीं हो पाई है। तीनों बीएसए में से इस पर किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। अब नया बीएसए आने पर फाइल नए सिरे से चलेगी। इन शिक्षकों को कुल मिलाकर 1.25 करोड़ रुपये वेतन जारी होता रहेगा।
ओमकार सिंह के कार्यकाल में एडी बेसिक और बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव लगातार पत्र भेजकर निर्देश देते रहे कि बीएड की फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जाए लेकिन इन्हें नोटिस जारी करने में देरी पर देरी होती गई।
अंतिम नोटिस से पहले ही बीएसए दफ्तर में आग लग गई। इसकेबाद ओमकार सिंह ने कहा था कि अब कार्रवाई पुलिस की जांच पूरी हो जाने केबाद ही मुमकिन हो पाएगी।
फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों की नहीं हो पाई बर्खास्तगी
फर्जी डिग्री वाले 271 शिक्षकों की बर्खास्तगी नहीं हो पाई है। तीनों बीएसए में से इस पर किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। अब नया बीएसए आने पर फाइल नए सिरे से चलेगी। इन शिक्षकों को कुल मिलाकर 1.25 करोड़ रुपये वेतन जारी होता रहेगा।
ओमकार सिंह के कार्यकाल में एडी बेसिक और बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव लगातार पत्र भेजकर निर्देश देते रहे कि बीएड की फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जाए लेकिन इन्हें नोटिस जारी करने में देरी पर देरी होती गई।
अंतिम नोटिस से पहले ही बीएसए दफ्तर में आग लग गई। इसकेबाद ओमकार सिंह ने कहा था कि अब कार्रवाई पुलिस की जांच पूरी हो जाने केबाद ही मुमकिन हो पाएगी।