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शाहजहां-मुमताज की असली कब्र खोली तो ये सच आया सामने, जानकर रह जाएंगे हैरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 18 Apr 2018 08:57 AM IST
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शाहजहां-मुमताज की असली कब्र
- फोटो : अमर उजाला
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कार्बन और धूल कणों के कारण ताजमहल पीला पड़ गया, लेकिन ताज के जो हिस्से बंद है, वहां का संगमरमर भी रंग बदल रहा है। शाहजहां और मुमताज की भूमिगत कक्ष में मौजूद असली कब्रों पर भी काले दाग लग रहे हैं।
शाहजहां के 363 वें उर्स के दौरान तीन दिन तक तहखाना खुला तो यह खुलासा हुआ। साल में केवल तीन दिन ही खुलने वाले तहखाने में सफाई न होने और उमस के कारण इनले का रंग भी बदल रहा है।
ताजमहल में मुख्य कब्रों के ठीक नीचे शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को तीन दिन के लिए खोला गया तो तहखाने में उमस और घुटन भरे कक्ष में संगमरमरी दीवारें काली पड़ रही है।
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शाहजहां के 363 वें उर्स के दौरान तीन दिन तक तहखाना खुला तो यह खुलासा हुआ। साल में केवल तीन दिन ही खुलने वाले तहखाने में सफाई न होने और उमस के कारण इनले का रंग भी बदल रहा है।
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ताजमहल में मुख्य कब्रों के ठीक नीचे शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को तीन दिन के लिए खोला गया तो तहखाने में उमस और घुटन भरे कक्ष में संगमरमरी दीवारें काली पड़ रही है।
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कब्र
- फोटो : अमर उजाला
कई जगह संगमरमर में दरारें नजर आ रही हैं तो कई इनले पीस भी रंग बदल चुके हैं। लकड़ी के स्लीपर संगमरमर की सीढ़ियों पर लगा देने के कारण अब भूमिगत कक्ष की सफाई भी नहीं हो रही है।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1857 में सबसे पहले ताज की मुख्य कब्रों, दीवारों और जालियों पर नुकसान पहुंचा था, जिसकी रिपोर्ट 1864 में नार्थ वेस्टर्न प्रोविंस के इंस्पेक्टर जनरल हास्पीटल्स डॉ. मूरे ने रिपोर्ट दी थी।
संरक्षण के बाद 1899-1900 में शहंशाह शाहजहां की कब्र पर ऊपरी हिस्से में हुए बेहतरीन इनले वर्क को 1857 के गदर के दौरान हुए नुकसान पर बदला गया।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1857 में सबसे पहले ताज की मुख्य कब्रों, दीवारों और जालियों पर नुकसान पहुंचा था, जिसकी रिपोर्ट 1864 में नार्थ वेस्टर्न प्रोविंस के इंस्पेक्टर जनरल हास्पीटल्स डॉ. मूरे ने रिपोर्ट दी थी।
संरक्षण के बाद 1899-1900 में शहंशाह शाहजहां की कब्र पर ऊपरी हिस्से में हुए बेहतरीन इनले वर्क को 1857 के गदर के दौरान हुए नुकसान पर बदला गया।
कराया गया ये काम
उसी दौरान भूमिगत कक्ष में घने अंधेरे की वजह से कब्र के मार्बल इनले का काम बाहर कराया गया। संगमरमर के स्लैब पर बाहर ही कारीगरों ने इनले वर्क किया और बाद में उसे अंदर ले जाकर लगा दिया।
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शम्सुद्दीन ने बताया कि 1978-19 में कब्रों के उत्तर पश्चिमी दीवार पर पानी से खराब संगमरमर को बदला गया।
ताज में असली कब्रों को पर्यटकों के लिए खोला जाए, बेशक इसके लिए अलग टिकट लगाया जाए। लेकिन इससे असली कब्रों का कक्ष साफ रहेगा और इसकी देखरेख होती रहेगी। असली कब्रों और कक्ष को मडपैक ट्रीटमेंट की जरूरत है।
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शम्सुद्दीन ने बताया कि 1978-19 में कब्रों के उत्तर पश्चिमी दीवार पर पानी से खराब संगमरमर को बदला गया।
ताज में असली कब्रों को पर्यटकों के लिए खोला जाए, बेशक इसके लिए अलग टिकट लगाया जाए। लेकिन इससे असली कब्रों का कक्ष साफ रहेगा और इसकी देखरेख होती रहेगी। असली कब्रों और कक्ष को मडपैक ट्रीटमेंट की जरूरत है।