पाबंदियों के विरोध में आगरा बैंड यूनियन और सपा ने बजाई शहनाई, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शादी समारोह में बैंड-बाजे की अनुमति पर शर्तें लगाने के विरोध में सोमवार को कलक्ट्रेट में आगरा बैंड यूनियन और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजा और शहनाई बजाई। बैंड वालों ने मुफलिसी की दुहाई दी। प्रदर्शनकारियो ने एडीएम और एसपी सिटी को ज्ञापन सौंपा।
आगरा बैंड यूनियन के नेतृत्व में 150 से अधिक बैंड-बाजे वाले और समाजवादी पार्टी शहर अध्यक्ष वाजिद निसार सोमवार सुबह 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम सिटी कार्यालय के बाहर बैंड-बाजा और शहनाई बजाकर प्रदर्शन किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष बफाती शाह ने एडीएम सिटी से कहा कि 11 दिसंबर की बुकिंग हैं। अगर ट्रॉली, घोड़ा बग्गी नहीं ले जाएंगे तो कौन पैसा देगा।
महामंत्री भगवान सिंह लवानिया ने कहा कि लॉकडाउन के बाद साहलग में कुछ उम्मीद थी। अगर शर्तें नहीं हटाईं तो बैंड वालों के लिए बड़ी मुश्किल हो जाएगी। आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदर्शन में गोपाल बैंड से ओम प्रकाश व बॉबी सागर, मयूर बैंड से रतन सिंह आदि बैंड वाले मौजूद रहे।
10 लोगों से अधिक नहीं जाएंगे
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि बैंड पर रोक नहीं है। 10 लोग जा सकते हैं। साउंड सिस्टम और ट्रॉली नहीं बजेगी। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बैंड बजाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बैंड कर्मियों की संख्या समारोह में आमंत्रित 100 अतिथियों में ही शामिल रहेगी।
कोरोना गाइडलाइन के नाम पर उत्पीड़न बंद हो: कांग्रेस
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को कोरोना गाइडलाइन के नाम पर शादियों में लोगों की संख्या 100 तक सीमित करने के विरोध में एसीएम फर्स्ट विनोद जोशी को ज्ञापन सौंपा। युवा कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हेमंत चाहर ने कहा कि लोगों ने कर्ज लेकर विवाह समारोहों के लिए इंतजाम किए थे। मैरिज होम व होटल बुक कराए गए। कैटरिंग वाले को ठेका दिया। बैंड-ट्रॉली सभी कुछ इंतजाम किए गए।
इस तरह काफी संख्या में लोग, जोकि बेरोजगारी से जूझ रहे थे, उन्हें किसी तरह काम मिला है। अब शादियों में लॉकडाउन का डर दिखाकर प्रशासन इनकी रोजी रोटी छीनने का काम कर रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि निमंत्रण पत्र बांट दिए गए हैं। ऐसे में शादियों में सीमित लोगों की इजाजत देने के आदेश को स्थगित किया जाए। आदेश में संशोधन नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन को बाध्य होगी।