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Mayor Swearing-in Ceremony: आगरा में भी है 8 किलो चांदी से बना 'सेंगोल', वर्ष 1960 में शुरू हुई थी परंपरा
Sun, 28 May 2023 01:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमित कुलश्रेष्ठ, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 28 May 2023 01:09 PM IST
सार
सेंगोल मेयर के सामने सदन में चांदी की तश्तरी पर रखा जाता है। यह चांदी का सेंगोल आगरा नगर निगम के मेयर की ताकत को प्रदर्शित करता है।
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नवनिर्वाचित मेयर ने ली शपथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश को मिल रही नई संसद की सौगात और सेंगोल को स्थापित करने पर विवाद हो रहा है। पर, आगरा नगर निगम में 63 साल से चांदी का सेंगोल देकर सत्ता का हस्तांतरण करने की परंपरा अनवरत जारी है। शनिवार को निवर्तमान मेयर नवीन जैन ने 8 किलो चांदी से बने राजदंड कहें या ‘सेंगोल’ को नवनिर्वाचित मेयर हेमलता दिवाकर को सौंपकर सत्ता का हस्तांतरण करने की परंपरा बनाए रखी। एक फरवरी 1960 में आगरा नगर महापालिका बनने के बाद पहले मेयर शंभूनाथ चतुर्वेदी ने सेंगोल की परंपरा शुरू की। जिसके लिए 8 किलो चांदी का ठोस सेंगोल बनवाया गया। इसी के साथ चांदी की एक तश्तरी भी बनवाई गई, जिस पर सेंगोल का गोल हिस्सा सदन में मेयर के सामने रखा जाता है। यह चांदी का सेंगोल आगरा नगर निगम के मेयर की ताकत को प्रदर्शित करता है।
नगर निगम सचिवालय के पूर्व कर्मचारी लायकराम शर्मा ने बताया कि महापौर की शक्तियों और अधिकार को प्रदर्शित करने के लिए तीन चीजें वर्ष 1960 में शुरू की गई थीं। इनमें चांदी का बना ठोस गदानुमा सेंगोल, इसे रखने के लिए चांदी की ही तश्तरी और चांदी की बनी कैंची थी। कैंची का इस्तेमाल मेयर की ओर से शहर में विभिन्न उद्घाटनों के दौरान किया जाता था। बाद में चांदी की कैंची रखने की परंपरा गायब हो गई। अब सिर्फ सेंगोल और चांदी की तश्तरी ही बाकी है, जिसे नगर निगम सदन के अधिवेशन से पहले मेयर के आगे-आगे लेकर उनका अर्दली चलता है।
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नगर निगम सचिवालय के पूर्व कर्मचारी लायकराम शर्मा ने बताया कि महापौर की शक्तियों और अधिकार को प्रदर्शित करने के लिए तीन चीजें वर्ष 1960 में शुरू की गई थीं। इनमें चांदी का बना ठोस गदानुमा सेंगोल, इसे रखने के लिए चांदी की ही तश्तरी और चांदी की बनी कैंची थी। कैंची का इस्तेमाल मेयर की ओर से शहर में विभिन्न उद्घाटनों के दौरान किया जाता था। बाद में चांदी की कैंची रखने की परंपरा गायब हो गई। अब सिर्फ सेंगोल और चांदी की तश्तरी ही बाकी है, जिसे नगर निगम सदन के अधिवेशन से पहले मेयर के आगे-आगे लेकर उनका अर्दली चलता है।
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