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UP: ये हैं वो 86 गांव, जहां दो सप्ताह में खांसी ठीक नहीं होने पर लोग हो जाते हैं अलर्ट; ऐसे पाई टीबी से मुक्ति
Tue, 01 Apr 2025 11:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 01 Apr 2025 11:18 AM IST
सार
टीबी जैसी खतरनाक बीमारी को आगरा के 86 गांव से उखाड़ फेंका गया। ये ग्रामीणों की सतर्कता का नतीजा है। यदि दो सप्ताह में किसी की खांसी ठीक न हो, तो ये लोग तत्काल जांच कराते हैं।
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सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा लेते टीबी के मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा जिले में 86 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां दो सप्ताह में खांसी ठीक नहीं होने पर तत्काल टीबी की जांच कराई जाती है। इसी पहल से ये ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हैं। इनमें 11 ग्राम पंचायतों को तो रजत श्रेणी में रखा गया है, यहां 2 साल से टीबी मरीज नहीं है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि घरों में जाकर और शिविर में बीते साल 45,865 लोगों की हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन से जांच की गई। इनमें से 16,996 संदिग्ध मरीजों की सीबी-नैट से जांच कर नए मरीज भी खोजे गए। जागरूकता और सक्रियता के चलते 86 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। इनमें 75 ग्राम में एक साल में मरीज न मिलने पर कांस्य श्रेणी और दो साल में मरीज नहीं मिलने पर 11 ग्राम पंचायतों को रजत श्रेणी में रखा गया है। अब बची हुई 604 ग्राम पंचायतों पर जोर रहेगा।
ये भी पढ़ें - दुस्साहस: आगरा में सराफ के घर पथराव, फायरिंग से फैली दहशत; पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि घरों में जाकर और शिविर में बीते साल 45,865 लोगों की हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन से जांच की गई। इनमें से 16,996 संदिग्ध मरीजों की सीबी-नैट से जांच कर नए मरीज भी खोजे गए। जागरूकता और सक्रियता के चलते 86 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। इनमें 75 ग्राम में एक साल में मरीज न मिलने पर कांस्य श्रेणी और दो साल में मरीज नहीं मिलने पर 11 ग्राम पंचायतों को रजत श्रेणी में रखा गया है। अब बची हुई 604 ग्राम पंचायतों पर जोर रहेगा।
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इन ग्राम पंचायतों में नहीं है टीबी का मरीज:
- रजत श्रेणी : बढ़ीरी, मियांपुर, बिरुनी, सरसा, बागौर, करनपुरा, नहटौली, महुआशाल, विश्रामपुर, लखरानी, सिकतरा।
- कांस्य श्रेणी : मुरैंडा, बसैया रायमल, गढ़ी चालान, गढि़या, बसैया जोतराज, सलेमाबाद, बसेरी चाहर, इकराम नगर, नगला सिकरवार, खेड़ा राठौर, अभयपुरा, चौसिंगी, बड़ौस, रैपुरा भदौरिया, रामपुर चंद्रसेनी, प्रतापपुरा, अकबरपुर, बिसैराकलां, इटौरा, लोधई, इस्लामपुर, मदरा, मवावाली, कुठावली, ककरारी, सुनारी, नवलपुर, सुजानपुर, बहरामपुर, सांकुरी खुर्द, रामपुर, दौलताबाद, निनवाया, वाजिदपुर, बिधौली, देगवान, चांचौद, गढ़ी करीमपुर, चौरंग बेहड़, बढ़ागांव, फतेहाबाद, सामरमऊ, गढि़या प्रतापपुरा, रहनखुर्द, खेरिया, ऊंचा, बाधनू, बसई खेरागढ़, बघरैना, गजौरा, हुसैनपुरा, लढ़ौआपुरा, मानिकपुरा, औंध, सबोरा, शाहपुरा खालसा, बसई भदौरिया, बसईकलां, बीरई, मोतीपुरा, मिहावा, मोहरे, महाव, मुथरई, नगला इनामी, पचमोरी, रहलई, पपेरा, शेरपुर, मोहनपुर, मिडावली, श्यारमऊ, चितौरा, जारौली, अजनेरा।
ये भी पढ़ें - UP: जेएस यूनिवर्सिटी के कोर्सों की डिग्रियां फर्जी, रद्द होगी मान्यता ! नोटिस हुजा जारी; जेल में हैं कुलाधिपति
- रजत श्रेणी : बढ़ीरी, मियांपुर, बिरुनी, सरसा, बागौर, करनपुरा, नहटौली, महुआशाल, विश्रामपुर, लखरानी, सिकतरा।
- कांस्य श्रेणी : मुरैंडा, बसैया रायमल, गढ़ी चालान, गढि़या, बसैया जोतराज, सलेमाबाद, बसेरी चाहर, इकराम नगर, नगला सिकरवार, खेड़ा राठौर, अभयपुरा, चौसिंगी, बड़ौस, रैपुरा भदौरिया, रामपुर चंद्रसेनी, प्रतापपुरा, अकबरपुर, बिसैराकलां, इटौरा, लोधई, इस्लामपुर, मदरा, मवावाली, कुठावली, ककरारी, सुनारी, नवलपुर, सुजानपुर, बहरामपुर, सांकुरी खुर्द, रामपुर, दौलताबाद, निनवाया, वाजिदपुर, बिधौली, देगवान, चांचौद, गढ़ी करीमपुर, चौरंग बेहड़, बढ़ागांव, फतेहाबाद, सामरमऊ, गढि़या प्रतापपुरा, रहनखुर्द, खेरिया, ऊंचा, बाधनू, बसई खेरागढ़, बघरैना, गजौरा, हुसैनपुरा, लढ़ौआपुरा, मानिकपुरा, औंध, सबोरा, शाहपुरा खालसा, बसई भदौरिया, बसईकलां, बीरई, मोतीपुरा, मिहावा, मोहरे, महाव, मुथरई, नगला इनामी, पचमोरी, रहलई, पपेरा, शेरपुर, मोहनपुर, मिडावली, श्यारमऊ, चितौरा, जारौली, अजनेरा।
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ये लक्षण तो तत्काल कराएं जांच:
- दो सप्ताह तक खांसी, मुंह से खून आना, सीने में दर्द।
- थकान, सांस लेने में परेशानी, रात में पसीना आना।
- वजन कम होना, भूख न लगना, गर्दन-बगल में गांठ।
(टोल फ्री नंबर: 1800116666)
- दो सप्ताह तक खांसी, मुंह से खून आना, सीने में दर्द।
- थकान, सांस लेने में परेशानी, रात में पसीना आना।
- वजन कम होना, भूख न लगना, गर्दन-बगल में गांठ।
(टोल फ्री नंबर: 1800116666)