{"_id":"60dd4b088ebc3e4aea256d82","slug":"age-of-black-fungus-patients-15-to-30-years-in-sn-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक फंगस: 81 में से 17 मरीज 15 से 30 साल के, सबसे कम उम्र का था सात दिन का शिशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक फंगस: 81 में से 17 मरीज 15 से 30 साल के, सबसे कम उम्र का था सात दिन का शिशु
Thu, 01 Jul 2021 10:26 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 01 Jul 2021 10:26 AM IST
सार
ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक 81 मरीज एसएन में भर्ती हुए, इसमें 15 से 30 साल के 17 मरीज रहे। सबसे कम उम्र का मरीज सात दिन का शिशु रहा। 14 मरीज अन्य अस्पताल चले गए। पांच की मौत हो गई और आठ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज का कोविड वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा एसएन अस्पताल में अब तक ब्लैक फंगस के 81 मरीज भर्ती हो चुके हैं, इनमें 15 से 30 साल के नवयुवक भी हैं। इनकी संख्या 17 है। वहीं ब्लैक फंगस का सबसे छोटा मरीज महज सात दिन का शिशु है। ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक 81 मरीज एसएन में भर्ती हुए, इसमें 15 से 30 साल के 17 मरीज रहे।
विज्ञापन
सबसे कम उम्र का मरीज सात दिन का शिशु रहा। 14 मरीज अन्य अस्पताल चले गए। पांच की मौत हो गई और आठ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है। रविवार को ब्लैक फंगस के चार और मरीज ठीक हो गए हैं। इनको वार्ड से डिस्चार्ज कर दिया है। अब तक वार्ड से 17 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। ठीक होने के बाद मुकेश कुमार, इरफान, सुधीर कुमार, कुलदीप सिंह ने डॉक्टरों का आभार जताया।
विज्ञापन
निजी अस्पताल में बिगड़ा ऑपरेशन, एसएन में निकाला जबड़ा
एसएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के 57 साल के कर्मचारी का दिल्ली के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में इलाज चल रहा था। ऑपरेशन गलत होने पर फंगस जबड़े तक पहुंच गया था। वहां से एसएन में भर्ती हुए और ऑपरेशन कर जबड़ा और नाक की हड्डी निकाल दी है। आईसीयू में भर्ती किया गया है। दिल्ली में इनका 29 लाख रुपये खर्च हो गए थे। राया के 65 साल के मरीज का भी आधा जबड़ा निकालना पड़ा है। फंगस से जबड़े तक गलाव पड़ गया था।
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय 95वां स्थापना दिवस: एसएन मेडिकल कॉलेज भी है संबंद्ध, जानिए इतिहास