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Agra News: जयपुर-भरतपुर के बाद आगरा में चोरी, मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार
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आगरा। थाना शाहगंज के अर्जुन नगर में रेलवे के लोको पॉयलट के घर के ताले तोड़कर गहने और नकदी चोरी करने के आरोपी को शनिवार रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस से बचने के लिए फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया। पूछताछ में पता चला कि उसने जेल में बने दोस्त के साथ मिलकर तीन वारदात को अंजाम दिया था। अर्जुन नगर से पहले जयपुर और भरतपुर चोरी करने गए थे। भरतपुर से लाखों की चोरी के बाद आगरा आए थे।
मूलरूप से बरहन के रहने वाले देवेश पचाैरी पत्नी ममता के साथ वेस्ट अर्जुन नगर में किराये पर अरुण जैन के मकान में रहते हैं। रेलवे में लोको पायलट हैं। 6 जनवरी को डयूटी पर गए थे। पत्नी मायके गई हुई थीं। सात जनवरी को वो ड्यूटी से आए तो घर के ताले टूटे हुए थे। चोरों ने मकान मालिक के घर में भी ताले तोड़ने का प्रयास किया। वह भी घर में नहीं थे। चोर ताले तोड़ने में सफल नहीं हो सके थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद तलाश में जुट गई।
एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि शनिवार रात को भोगीपुरा में पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी दुकान के ताले से छेड़छाड़ करते हुए एक चोर को देखा। इस पर पकड़ने का प्रयास किया। आरेापी बाइक से नवीन नगर कॉलोनी की तरफ भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया। रास्ते में बाइक फिसल गई। पुलिस के घेरने पर वो फायरिंग करने लगा। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी की पहचान रंजीत उर्फ कुलंडी निवासी कागाराैल के रूप में हुई। उससे एक तमंचा, कारतूस, बाइक मिली। इसके अलावा चोरी किए गए जेवरात और 5500 रुपये भी मिले हैं।
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जेल में हुई दोस्ती, फिर की वारदात
एसीपी ने बताया कि आरोपी रंजीत पर 14 प्राथमिकी दर्ज हैं। वह चोरी की वारदात को अंजाम देता है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चोरी के मामले में खेरागढ़ थाना से जेल भेजा गया था। तभी उसकी दोस्ती जेल में बंद आरोपी बादल से हो गई। वह कासगंज के अमांपुर का रहने वाला है। कमला नगर थाना पुलिस ने बादल को जेल भेजा था। दोनों में दोस्ती हो गई। उन्होंने जेल से बाहर आने पर चोरी की योजना बनाई। पहले जयपुर गए। वह ताला लगे घरों की रेकी करने लगे। मगर चोरी में सफल नहीं हुए। इस पर भरतपुर आ गए। यहां पर एक घर में ताला लगा मिला। ताले तोड़कर लाखों की चोरी को अंजाम दे डाला। इसके बाद अर्जुन नगर में रेकी की। लोको पायलट के घर में ताला लगा देखकर प्रवेश कर गए। भूतल पर लगे तालों को नहीं तोड़ पाए। बाद में पहली मंजिल पर लोको पायलट के घर को निशाना बनाया। पुलिस बादल की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
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मूलरूप से बरहन के रहने वाले देवेश पचाैरी पत्नी ममता के साथ वेस्ट अर्जुन नगर में किराये पर अरुण जैन के मकान में रहते हैं। रेलवे में लोको पायलट हैं। 6 जनवरी को डयूटी पर गए थे। पत्नी मायके गई हुई थीं। सात जनवरी को वो ड्यूटी से आए तो घर के ताले टूटे हुए थे। चोरों ने मकान मालिक के घर में भी ताले तोड़ने का प्रयास किया। वह भी घर में नहीं थे। चोर ताले तोड़ने में सफल नहीं हो सके थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद तलाश में जुट गई।
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एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि शनिवार रात को भोगीपुरा में पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी दुकान के ताले से छेड़छाड़ करते हुए एक चोर को देखा। इस पर पकड़ने का प्रयास किया। आरेापी बाइक से नवीन नगर कॉलोनी की तरफ भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया। रास्ते में बाइक फिसल गई। पुलिस के घेरने पर वो फायरिंग करने लगा। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी की पहचान रंजीत उर्फ कुलंडी निवासी कागाराैल के रूप में हुई। उससे एक तमंचा, कारतूस, बाइक मिली। इसके अलावा चोरी किए गए जेवरात और 5500 रुपये भी मिले हैं।
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जेल में हुई दोस्ती, फिर की वारदात
एसीपी ने बताया कि आरोपी रंजीत पर 14 प्राथमिकी दर्ज हैं। वह चोरी की वारदात को अंजाम देता है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चोरी के मामले में खेरागढ़ थाना से जेल भेजा गया था। तभी उसकी दोस्ती जेल में बंद आरोपी बादल से हो गई। वह कासगंज के अमांपुर का रहने वाला है। कमला नगर थाना पुलिस ने बादल को जेल भेजा था। दोनों में दोस्ती हो गई। उन्होंने जेल से बाहर आने पर चोरी की योजना बनाई। पहले जयपुर गए। वह ताला लगे घरों की रेकी करने लगे। मगर चोरी में सफल नहीं हुए। इस पर भरतपुर आ गए। यहां पर एक घर में ताला लगा मिला। ताले तोड़कर लाखों की चोरी को अंजाम दे डाला। इसके बाद अर्जुन नगर में रेकी की। लोको पायलट के घर में ताला लगा देखकर प्रवेश कर गए। भूतल पर लगे तालों को नहीं तोड़ पाए। बाद में पहली मंजिल पर लोको पायलट के घर को निशाना बनाया। पुलिस बादल की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।