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हड़ताल खत्म: एसएन में डॉक्टरों के काम पर लौटते ही उमड़ी भीड़, पर्चे के लिए धक्कामुक्की; तब मिला इलाज
Sat, 24 Aug 2024 09:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 24 Aug 2024 09:54 AM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हड़ताल खत्म के बाद मरीजों की भारी भीड़ रही। करीब 2422 मरीज आए, जिनमें से 200 भर्ती हुए। इतना ही नहीं एक्सरे-अल्ट्रााउंड कराने के लिए भी मारामारी रही।
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एसएन की ओपीडी में मरीजों की भीड़
- फोटो : संवाद
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हड़ताल के चलते 12वें दिन ओपीडी खुली। सुबह से ही मरीजों की भीड़ टूट पड़ी। पर्चा, दवा और जांच के लिए घंटों कतार में लगे। धक्कामुक्की और मारामारी से मरीजों को परेशानी भी हुई। शुक्रवार को 2,422 मरीज ओपीडी में दिखाने आए। इनमें से करीब 200 मरीज भर्ती हुए हैं।
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सुबह 8 बजे ओपीडी खुलते ही पर्चा बनवाने के लिए कतार लग गई। घंटेभर में ही हॉल ठसाठस भर गया। पर्चे के लिए 6 काउंटर खोले। भीड़ के चलते 30-40 मिनट में पर्चा बना। डॉक्टर को दिखने में भी करीब आधा घंटा लगा। इतना ही समय दवा लेने में लगा। इससे बुजुर्ग मरीजों की हालत खराब हो गई। बुजुर्ग मरीज बेंच पर बैठ गए और दवा-पर्चे की कतार में परिजन को लगा दिया।
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सबसे ज्यादा मेडिसिन विभाग में 610, त्वचा रोग में 271 और हड्डी रोग विभाग में 215 और टीबी और छाती रोग विभाग में 202 मरीज आए। इनकी ओपीडी एक घंटे अतिरिक्त अपराह्न 3 बजे तक चली। ओपीडी के जरिये मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी, स्त्री रोग, ईएनटी समेत अन्य विभाग में करीब 200 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें ऑपरेशन वाले मरीजों की संख्या करीब 150 है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि हड़ताल के बाद मरीजों की भीड़ रही, इसके चलते जांच और ओपीडी देर तक चली। करीब 200 मरीज भर्ती भी हुए हैं।
खून की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड के लिए 650 मरीज
खून की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई के लिए भीड़ रही। धक्कामुक्की भी हुई। शुक्रवार को करीब 650 मरीज जांच कराने के लिए पहुंचे। इनमें एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई केे आधे मरीजों को ही सुविधा मिली, बाकी को तारीख दी गई हैं।
खून की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई के लिए भीड़ रही। धक्कामुक्की भी हुई। शुक्रवार को करीब 650 मरीज जांच कराने के लिए पहुंचे। इनमें एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई केे आधे मरीजों को ही सुविधा मिली, बाकी को तारीख दी गई हैं।
ये बोले मरीज:
इलाज मिलने में हुई देरी
पथौली के विजय पाल ने बताया कि पत्नी को तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए भारी भीड़ रही। ऐसे में पत्नी के बिठाकर खुद लाइन में लगा। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में डेढ़ घंटा से अधिक समय लग गया।
इलाज मिलने में हुई देरी
पथौली के विजय पाल ने बताया कि पत्नी को तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए भारी भीड़ रही। ऐसे में पत्नी के बिठाकर खुद लाइन में लगा। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में डेढ़ घंटा से अधिक समय लग गया।
एक्सरे के लिए मिली तारीख
कुबेरपुर के रामनिवास बघेल ने बताया कि बेटा फिसल गया था, जिसमें उसके हाथ में फ्रैक्चर आया है। डॉक्टर साहब ने दवा लिखकर एक्सरे कराने के लिए कहा। एक्सरे के लिए भीड़ अधिक थी। काफी देर तक नंबर नहीं आया, बाद में 2 दिन बाद की तारीख दी है।
कुबेरपुर के रामनिवास बघेल ने बताया कि बेटा फिसल गया था, जिसमें उसके हाथ में फ्रैक्चर आया है। डॉक्टर साहब ने दवा लिखकर एक्सरे कराने के लिए कहा। एक्सरे के लिए भीड़ अधिक थी। काफी देर तक नंबर नहीं आया, बाद में 2 दिन बाद की तारीख दी है।