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Agra News: 17 वर्ष बाद मारपीट में पिता-पुत्र सहित तीन अदालत से बरी
Fri, 15 Dec 2023 11:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 15 Dec 2023 11:42 PM IST
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मैनपुरी। भोगांव थानाक्षेत्र के गांव कल्यानपुर में 17 साल पहले अनुसचित जाति के एक आदमी के घर में घुसकर परिजन को पीटने के आरोपी पिता पुत्र सहित तीन लोगों को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह ने सुनवाई करने के बाद बरी कर दिया है।
आरोप था कि कल्यानपुर गांव निवासी रामसनेही के घर में घुसकर गांव निवासी ग्याप्रसाद मिश्रा ने अपने पुत्र संतोष, राकेश, पौत्र चंदन की मदद से बीते 15 मार्च 2006 की शाम चार बजे के करीब रामसनेही, उनके पुत्र अजयपाल, लज्जाराम की पिटाई की थी। इसमें सभी को चोटें आईं थी। रामसनेही ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया। जांचोपरांत पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही देने वाले गवाह न्यायालय में घटना को साबित नहीं कर सके। बचाव पक्ष के वकील सुबोध कुमार पाठक ने गवाही के आधार पर आरेाप साबित नहीं होनेे पर बरी करने की दलील दी। स्पेशल जज चंपत सिंह ने राकेश को उनके पुत्र चंदन तथा भाई संतोष के साथ बरी कर दिया है।
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आरोपित एक की हो चुकी है मौत
घर में घुसकर अनुसूचित जाति के परिवार को पीटने के मामले में आरोपी बने ग्याप्रसाद मिश्रा की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत हो जाने पर उनकी सुनवाई बंद कर दी गई। रिपोर्ट लिखाने वाले रामसनेही की भी गवाही पूरी होने के बाद मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई के बाद पिता पुत्र सहित तीन लोगों को आरोप साबित नहीं होने पर बरी कर दिया गया।
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आरोप था कि कल्यानपुर गांव निवासी रामसनेही के घर में घुसकर गांव निवासी ग्याप्रसाद मिश्रा ने अपने पुत्र संतोष, राकेश, पौत्र चंदन की मदद से बीते 15 मार्च 2006 की शाम चार बजे के करीब रामसनेही, उनके पुत्र अजयपाल, लज्जाराम की पिटाई की थी। इसमें सभी को चोटें आईं थी। रामसनेही ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया। जांचोपरांत पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही देने वाले गवाह न्यायालय में घटना को साबित नहीं कर सके। बचाव पक्ष के वकील सुबोध कुमार पाठक ने गवाही के आधार पर आरेाप साबित नहीं होनेे पर बरी करने की दलील दी। स्पेशल जज चंपत सिंह ने राकेश को उनके पुत्र चंदन तथा भाई संतोष के साथ बरी कर दिया है।
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आरोपित एक की हो चुकी है मौत
घर में घुसकर अनुसूचित जाति के परिवार को पीटने के मामले में आरोपी बने ग्याप्रसाद मिश्रा की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत हो जाने पर उनकी सुनवाई बंद कर दी गई। रिपोर्ट लिखाने वाले रामसनेही की भी गवाही पूरी होने के बाद मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई के बाद पिता पुत्र सहित तीन लोगों को आरोप साबित नहीं होने पर बरी कर दिया गया।