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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Advocate son-in-law files defamation case after making such a mistake in sister-in-law's wedding card

UP: साली की शादी के कार्ड में लिखा था कुछ ऐसा...देखते ही अधिवक्ता दामाद को आया गुस्सा; सास और साले पर ठोका केस

Tue, 28 May 2024 07:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 28 May 2024 07:49 PM IST
सार

अधिवक्ता दामाद ने सास और साले पर सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी की न्यायालय में मानहानि का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि साली की शादी के कार्ड में उसका नाम बिना अनुमति के स्वागतकर्ता के रूप में लिखवाया गया था, जबकि उसे शादी में निमंत्रण तक नहीं मिला था। 
 

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Advocate son-in-law files defamation case after making such a mistake in sister-in-law's wedding card
सास भूल गई थी दामाद अधिवक्ता है - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी जिला एवं सत्र न्यायालय के एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता ने अपनी सास और साले पर मानहानि का केस दर्ज कराया है। अधिवक्ता को गुस्सा इस बात पर आया कि सास और साले ने शादी के कार्ड पर उनका नाम बिना पूछे शादी के कार्ड पर स्वागतकर्ता में लिख दिया। सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी के न्यायालय में ये मामला आया है। 
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अधिवक्ता की ससुराल बेबर के मरकीचिया मोहल्ला में है,  जहां वे ओर उनकी पत्नी व बच्चों का आना जाना नहीं है। उनका परिवार कभी भी कोई शादी व गमी में नहीं गया।  उनकी सास जगमाया देवी हेडमास्टर से रिटायर हैं। उसने अपनी पुत्री की शादी 10 मई 2024 को बेवर में संपन्न कराई थी। उसकी शादी के कार्ड में अधिवक्ता दामाद का नाम व उनकी पत्नी का नाम स्वागतकर्ता के रूप में अधिवक्ता के बिना अनुमति के अंकित कराया। शादी का कार्ड अपने रिश्तेदारों में बांटा गया किंतु अधिवक्ता दामाद जो स्वागतकर्ता में नाम पर दर्ज कराया गया था उसे शादी कार्ड भी नहीं दिया।
 
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रिश्तेदार जो शादी में पहुंचे उन्होंने शादी में न आने के  कारण अधिवक्ता से पूछा तो उन्होंने शादी के कार्ड में आपका नाम स्वागतकर्ता में लिखे जाने की जानकारी अपने साडू भाई से प्राप्त हुई। अधिवक्ता दमाद ने अपनी सास जगमाया देवी एवं साले इंजीनयरआशीष वर्मा उर्फ सनी को इसके संबंध में कारण पूछा कि जब  हमारा आपके परिवार से कोई आना-जाना नहीं है। हमारा परिवार आपके यहां किसी भी संबंध रिश्तेदारी और गमी में नहीं आते हैं, उसके बावजूद भी आपने हमारा नाम अपनी पुत्री की शादी के कार्ड में किसके अनुमति से छपवाया। इस पर कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद अधिवक्ता द्वारा एक लीगल नोटिस जगमाया देवी, आशीष कुमार को भेजा। इस नोटिस को सास और साले ने लेने से मना कर दिया।
 
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उसके बाद पुनः पुलिस अधीक्षक मैनपुरी को शिकायती पत्र भेजा। इस पर भी कोई कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता दमाद जो कि सिविल कोर्ट मैनपुरी व  जिले के प्रतिष्ठित अधिवक्ता हैं उन्होंने उनका नाम शादी के कार्ड में स्वागतकर्ता में दर्ज करने पर इसे अपनी मानहानि माना। इसके लिए उन्होंने अपनी सास जगमाया देवी और साले इंजीनियर आशीष और सनी वर्मा  बेवर के विरुद्ध अंतर्गत धारा 499 ,500 ,501 आईपीसी में मानहानि का केस सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी की न्यायालय में अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया व आकांक्षा दुबे के द्वारा दर्ज कराया, जिसके बयान के लिए 14 जून तारीख नियत की गई है।
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